फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Medical bills of parents dependent on government employees are not being reimbursed

Chandigarh News: सरकारी कर्मचारियों पर आश्रित माता-पिता के चिकित्सा बिलों की नहीं हो रही प्रतिपूर्ति

Tue, 13 Aug 2024 03:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2024 03:21 AM IST
विज्ञापन
Medical bills of parents dependent on government employees are not being reimbursed
2007 में बने नियमों में अब तक नहीं हुआ कोई बदलाव, हसला ने एसीएस को लिखा पत्र
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के सरकारी कर्मचारियों पर आश्रित माता-पिता के चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके पीछे मुख्य कारण है कि विभाग की ओर से 2007 में बने नियमों में बदलाव नहीं करना है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति व स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की हिदायतों के अनुसार केवल उसी आश्रित माता पिता के चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति की जाएगी, जिनकी मासिक आय 3500 प्रति माह से ज्यादा न हो। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतपाल सिन्धु ने हेल्थ एसीएस को पत्र लिखकर नियमों में बदलाव की मांग की है।

सतपाल सिन्धु ने कहा कि आश्रित माता-पिता की आय का नियम 17 साल पुराना है। इसके कारण प्रत्येक कर्मचारी को अपने माता-पिता के चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति करवाने में समस्या आ रही है। हसला के राज्य महासचिव अमित मनहर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने आयुष्मान योजना के तहत चिकित्सा खर्च से संबंधित लाभ लेने के लिए परिवार के सभी सदस्यों की आय सीमा 1.80 लाख प्रति वर्ष निर्धारित है और बीपीएल परिवारों के लिए घोषित विशेषाधिकारों का लाभ लेने के लिए आय सीमा भी 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ष निर्धारित है, तो सरकार को आश्रित माता-पिता की आय के नियम में बदलाव कर 3500 रुपये प्रति माह (सालाना 42000 रुपये) की बजाय 20 हजार रुपये प्रति माह करनी चाहिए।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed