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हुडा ने जांचा पानी, एक ब्लॉक में गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Fri, 28 Feb 2014 10:23 AM IST
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एमडीसी-5 की जीएच-1 सोसाइटी में वीरवार को दोपहर बाद हुडा और पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने 25 घरों में पानी की जांच की। इस दौरान एक ब्लॉक में थोड़ी गड़बड़ी पाई गई।
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लोगों का आरोप था कि टीम ने पानी में सिर्फ क्लोरीन डालकर जांच की, जबकि टायफायड की वजह जानने के लिए बैक्टीरिया की जांच नहीं की गई।
पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के एक्सईएन ने कहा कि जरूरत पड़ी तो शुक्रवार को पानी के सैंपल भी लिए जाएंगे। वहीं, डीसी ने स्पष्ट कहा कि अगर लोगों को परेशानी है तो शुक्रवार को बैक्टीरिया की जांच के लिए सैंपलिंग कराई जाएगी।
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उधर, पाइपलाइन की जांच के लिए वीरवार को कोई काम नहीं हो सका। शुक्रवार से काम में तेजी लाने की उम्मीद है।
अब तक 12 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए थे, जिनमें टायफायड के छह केस सामने आ चुके हैं।
इससे पहले एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है। हुडा से शिकायत के बाद अफसरों ने गेट तक ही पानी पहुंचाने की अपनी जिम्मेदारी बताते हुए सोसाइटी के अंदर गड़बड़ी होने की आशंका जताई।
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इससे सोसाइटी में ही विवाद गहराने लगा है। सोसाइटी निवासी मनीषा ने पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों पर पल्ला झाड़ने का आरोप लगाया।
इलाज भी नहीं हो रहा कारगर
सोसाइटी निवासी रेणू ने बताया कि उनकी बेटी की दो दिन बाद बोर्ड की परीक्षा है। इसलिए उसे बार-बार सामान्य अस्पताल लेकर गईं। दोबारा उल्टियां और दस्त होने के निजी अस्पताल ले गईं।
पता नहीं, वह परीक्षा में शामिल हो भी पाएगी या नहीं। सोसाइटी निवासी पुष्पा चानना ने भी बताया कि उनके घर में दोनों बच्चे पेट संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
इलाज के बाद भी स्वस्थ नहीं हुए हैं। वहीं, सूची सिंह भी टायफायड की शिकार हैं, जो फिलहाल एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। डॉक्टरों ने दूषित पानी पीने को ही बीमारी का कारण बताया।
बाहर के पानी का ही सहारा
विभागीय अनदेखी और सोसाइटी के अंदरूनी विवाद के कारण कुछ लोग तो आसपास के सेक्टरों से अपने जानकारों के घर से पानी मंगवा रहे हैं तो कई लोग ऐसे हैं जो मिनरल वाटर खरीदकर पी रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से टैंकर भी भेजे गए हैं।
2005 में अतिक्रमण की शिकायत, कार्रवाई अब तक नहीं
सोसाइटी में ही रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि जुलाई 2005 में हिवो सोसाइटी के चेयरमैन ने तत्कालीन इस्टेट ऑफिसर को सोसाइटी से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे।
इसके बावजूद अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोगों पर आरोप है कि उन्होंने टॉयलेट व कुछ अन्य निर्माण करवाए, जो इस समस्या की वजह बन रही है।
वहीं, हुडा अधिकारी के मुताबिक, इस मामले में अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिए गए हैं। जिन्होंने जवाब नहीं दिए, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
लोगों की परेशानियां को दूर करने के लिए अधिकारियों से संपर्क कर जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं। लोगों को भी अपनी टंकियां नियमित अंतराल पर साफ करवानी चाहिए।
हरिओम, प्रेसिडेंट, जीएच-वन
वीरवार को विभागीय टीम जीएच-वन जाकर 25 से अधिक घरों में पानी के सैंपल की जांच की। एक ब्लॉक में थोड़ी गड़बड़ी थी, जिसे दूर करने के लिए लोगों को जानकारियां दी गई हैं। अगर जरूरत पड़ी तो शुक्रवार को भी पानी के सैंपल की जांच की जाएगी।
अशोक शर्मा, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ