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Chandigarh: सिम्बायोसिस फार्मा के एमडी से करोड़ों की ठगी, सीबीआई जांच में फर्जी आईजी समेत चार आरोपी नामजद

Thu, 11 Jul 2024 05:02 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 11 Jul 2024 05:02 AM IST
सार

मुख्य आरोपी विनय अग्रवाल इतना शातिर है कि बाकायदा सरकारी बत्ती वाली गाड़ी लेकर चलता था और हरियाणा पुलिस की पीसीआर गाड़ी उसके आगे-पीछे चलती थी। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। सीबीआई अब इनकी धरपकड़ के लिए दबिश देने में जुटी है।

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MD of Symbiosis Pharma cheated of crores of rupees, CBI investigation started, 4 including fake IG named
पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

खुद को इंटेलीजेंस ब्यूरो का आईजी बता हिमाचल प्रदेश स्थित सिम्बायोसिस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में सीबीआई ने पंचकूला सेक्टर-9 निवासी विनय अग्रवाल समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। अन्य आरोपियों की पहचान पंचकूला सेक्टर-20 निवासी डॉ. कोमल खन्ना, चंडीगढ़ निवासी निशांत सरीन और सोनीपत निवासी संजीव अग्रवाल के रूप में हुई है।
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मुख्य आरोपी विनय अग्रवाल पर हिमाचल प्रदेश के करोबारियों पर आईजी की धौंस दिखाकर करोड़ों रुपये की उगाही करने का भी आरोप है। उसके खिलाफ हिमाचल पुलिस ने भी वर्ष 2022 में केस दर्ज किया था। आरोपी इतना शातिर है कि बाकायदा सरकारी बत्ती वाली गाड़ी लेकर चलता था और हरियाणा पुलिस की पीसीआर गाड़ी उसके आगे-पीछे चलती थी। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। सीबीआई अब इनकी धरपकड़ के लिए दबिश देने में जुटी है।
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पंचकूला सेक्टर-20 निवासी शिकायतकर्ता जगबीर सिंह के मुताबिक, आरोपी विनय अग्रवाल समेत चारों आरोपियों के खिलाफ उन्होंने वर्ष 2022 में पंचकूला सेक्टर-20 थाने में केस दर्ज कराया था लेकिन दो साल बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, आरोपियों ने पंचकूला पुलिस से मिलीभगत कर जगबीर सिंह के खिलाफ ही आर्थिक अपराध शाखा, पंचकूला में झूठा केस दर्ज करा दिया था। इस कारण उनको हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर सीबीआई से जांच करवाने की गुहार लगानी पड़ी।
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हाईकोर्ट ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट तलब की तो पता चला कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं बल्कि शिकायतकर्ता पर केस वापस लेने का दबाव बनाया गया। हाईकोर्ट ने पंचकूला पुलिस को फटकार लगाते हुए मामले की जांच सीबीआई से करवाने के आदेश दिए। इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की। 


जांच में पता चला कि हिमाचल प्रदेश में सीआईडी ने आरोपी विनय अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 170, 419, 420, 384, 386, 120-बी, 201 और शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 25 के तहत 06 जनवरी 2022 को पुलिस स्टेशन सीआईडी भरारी, शिमला में एफआईआर दर्ज करवाई थी। यह मामला एक गुप्त सूचना पर आधारित था, जिसमें विनय अग्रवाल खुफिया ब्यूरो (आईबी) के महानिरीक्षक (आईजी) के रूप में हिमाचल प्रदेश के उद्योगपतियों और अन्य लोगों से धोखाधड़ी और पैसे की उगाही कर रहा था। जांच में यह भी पता चला कि हरियाणा पुलिस के कई अधिकारी/कर्मचारी विनय अग्रवाल से परिचित थे। इसी कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इसी कारण विनय अग्रवाल हिमाचल में अलग-अलग जगहों पर कारोबारियों से पैसे की उगाही करता था।
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