एमसी चुनाव : 'जो ईमानदार है वह शपथ पत्र देने से डर क्यों रहे हैं'
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टिकट आवेदन के साथ शपथ पत्र लेने पर छिड़े हुए विवाद पर तिवारी गुट पर पहली बार निशाना साधते हुए पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा कि जो लोग पार्टी के प्रति सच्चे और ईमानदार है तो वह टिकट आवेदन के साथ शपथ पत्र देने से डर क्यों रहे हैं।
बंसल का कहना है कि शपथ पत्र लेने का जो निर्णय लिया गया वह उसके पूरे समर्थन में है। उनका कहना है कि जो लोग कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े और जीतने के बाद वह अगर दूसरी पार्टी में चले जाते है तो कम से कम शहरवासियों को तो दिखाया जा सके कि वह नेता कितने ईमानदार है।
बंसल ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि शहर में कोई भी ग्रुप नही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इतने साल उन्हें सांसद के तौर पर काम करने का मौका दिया लेकिन उन्होंने कभी भी ग्रुप बनाने का प्रयास नहीं किया उनका कहना है कि वह सभी बराबर समझते है।
बंसल का कहना है कि हाईकमान सुप्रीम है। अगर कोई नेता अपना ग्रुप मानता है तो वह उसे नहीं मानते। जो गुट मानते है वह खुश वहमी में हैं। ऐसा करके वह खुश वहमी पाल रहे हैं।
बंसल का कहना है कि जिन्होंने अब तक पार्टी को धोखा दिया जब कुछ लेना होता है तो उन्हें पार्टी याद आ जाती है ऐसे नेताओं की पहचान बहुत अच्छी तरह से हो गई है।
आवेदन कम नहीं हुए
उनका कहना है कि यह पहचान सिर्फ उनके अपने लिए हैं ताकि भविष्य में उन्हें कोई बेवकूफ न बना सके। उनका कहना है कि उन्हें सभी का पता है कि कौन क्या कर रहा है। उनका कहना है कि पहले देखा गया है कि कभी नेता पार्टी छोड़ जाते है और फिर फायदें के लिए वापस आ जाते हैं।
आवेदन कम नहीं हुए
बंसल ने कहा कि शपथ पत्र लेने से टिकट आवेदन करने की संख्या में कोई कमी नहीं हुई है उनका कहना है कि जो 225 आवेदन पहले आए थे।
वह ड्रा से पहले की बात थी उस समय सभी 26 वार्ड में से इच्दुक दावेदारों से आवेदन मांगे गए थे उस समय जो इस समय लेडिज वार्ड के लिए रिजर्व हो गए हैं उनमे से सभी वर्ग ने आवेदन किया था लेकिन ड्रा के बाद हर दावेदार ने अपने वार्ड के आरक्षण को देखते हुए आवेदन किया है।
मालूम हो कि अब कांग्रेस पार्टी के पास 125 आवेदन आए हैं जिसमे तिवारी गुट शपथ पत्र आवेदन के साथ लेने को कारण बता रहे हैं। शपथ पत्र साथ लेने का विरोध करते हुए तिवारी गुट के नेताओं ने आवेदन भी नहीं किया है।