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सांसद खेर और टंडन का कद बढ़ा, सूद बन सकतें है पार्टी अध्यक्ष
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 21 Dec 2016 10:37 AM IST
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सांसद खेर और टंडन का कद बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
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चुनाव परिणाम से भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरण खेर और मेयर अरुण सूद का पार्टी हाईकमान में कद बढ़ गया है, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल की किरकिरी हुई है। कांग्रेस की हार से उनके अध्यक्ष की कुर्सी पर भी संकट आ गया है। भाजपा के चुनाव प्रचार की पूरी रणनीति भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने बनाई थी।
जबकि भाजपा ने चुनाव भी मेयर अरुण सूद के 10 माह के कार्यकाल और कांग्रेस के 14 साल के कार्यकाल पर लड़ा है। ऐसे में सूद का कद काफी बढ़ गया है। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के नेतृत्व में यह पहला नगर निगम चुनाव है, जब पार्टी अपने दम पर मेयर बनाने जा रही है। संजय टंडन का अध्यक्ष पद का कार्यकाल इस साल जनवरी में ही समाप्त हो गया था लेकिन उन्हें एक्सटेंशन दी हुई है। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को मेयर चुनाव के बाद जनवरी में हटना लगभग तय है। क्योंकि पार्टी संविधान के अनुसार किसी भी अध्यक्ष को इतना लंबा एक्सटेंशन नहीं दिया जा सकता। ऐसे में भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन चाहते है कि मेयर अरुण सूद को अगला भाजपा का अध्यक्ष बनाया जाए। ऐसे में सूद के प्रदेश अध्यक्ष बनने की भी संभावना बढ़ गई है।
जबकि टंडन को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह देने की चर्चा शुरू हो गई है। मेयर अरुण सूद को हराने के लिए कांग्रेस ने काफी प्रयास किया यहां तक पार्टी में भी सूद के खिलाफ कई नेता थे, इसके बावजूद सूद बड़े मार्जन से जीते। सूद पर कांग्रेस ने जमकर आरोप भी लगाए, यहां तक उनके कार्यकाल में उनके वार्ड सेक्टर-38 में विवेक स्कूल को ग्रीन बेल्ट की जमीन को पार्किंग के लिए देने का भी आरोप लगा था, जिस कारण बवाल भी हुआ। जबकि सूद ने काफी अच्छे मार्जन 2077 से जीत दर्ज करके विरोधियों को मैसेज भी दिया है।
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जबकि भाजपा ने चुनाव भी मेयर अरुण सूद के 10 माह के कार्यकाल और कांग्रेस के 14 साल के कार्यकाल पर लड़ा है। ऐसे में सूद का कद काफी बढ़ गया है। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के नेतृत्व में यह पहला नगर निगम चुनाव है, जब पार्टी अपने दम पर मेयर बनाने जा रही है। संजय टंडन का अध्यक्ष पद का कार्यकाल इस साल जनवरी में ही समाप्त हो गया था लेकिन उन्हें एक्सटेंशन दी हुई है। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को मेयर चुनाव के बाद जनवरी में हटना लगभग तय है। क्योंकि पार्टी संविधान के अनुसार किसी भी अध्यक्ष को इतना लंबा एक्सटेंशन नहीं दिया जा सकता। ऐसे में भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन चाहते है कि मेयर अरुण सूद को अगला भाजपा का अध्यक्ष बनाया जाए। ऐसे में सूद के प्रदेश अध्यक्ष बनने की भी संभावना बढ़ गई है।
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जबकि टंडन को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह देने की चर्चा शुरू हो गई है। मेयर अरुण सूद को हराने के लिए कांग्रेस ने काफी प्रयास किया यहां तक पार्टी में भी सूद के खिलाफ कई नेता थे, इसके बावजूद सूद बड़े मार्जन से जीते। सूद पर कांग्रेस ने जमकर आरोप भी लगाए, यहां तक उनके कार्यकाल में उनके वार्ड सेक्टर-38 में विवेक स्कूल को ग्रीन बेल्ट की जमीन को पार्किंग के लिए देने का भी आरोप लगा था, जिस कारण बवाल भी हुआ। जबकि सूद ने काफी अच्छे मार्जन 2077 से जीत दर्ज करके विरोधियों को मैसेज भी दिया है।
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