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मेयर चुनाव चंडीगढ़ः बीजेपी ने राजेश कालिया पर ही क्यों जताया भरोसा, कहीं टारगेट ये तो नहीं
Tue, 15 Jan 2019 10:17 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 15 Jan 2019 10:17 AM IST
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राजेश कालिया
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मेयर चुनाव में राजेश कालिया को ही बीजेपी ने प्रत्याशी क्यों बनाया। आखिर क्या है पार्टी का टारगेट, इन सवालों के जवाब चंडीगढ़वासियों को चाहिए। दरअसल, भाजपा ने राजेश कालिया को मेयर पद का उम्मीदवार बनाकर 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत की बिसात बिछाई है। कालिया की वाल्मीकि समाज में अच्छी पैठ है और उनके जरिए पार्टी शहर में कांग्रेस के परंपरागत वाल्मीकि समाज के एक लाख से अधिक वोटों में सेंध लगाने की कोशिश में है। यही नहीं आरक्षित वर्ग के वोटरों को भी लुभाने के लिए कालिया को मेयर प्रत्याशी बनाया गया है।
इसके अलावा पार्टी यह संदेश भी देना चाहती है कि भाजपा हर तबके के नेताओं को नेतृत्व प्रदान करती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि पार्टी ने जो निर्णय लिया है, उसे हर कोई मानता है। संगठन के द्वारा राजेश कालिया को मेयर का उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया है। हम लोग अपने उम्मीदवार को जिताएंगे। सांसद किरण खेर का कहना है कि हमारी पार्टी में एक परिवार या एक व्यक्ति का दखल नहीं है। हम संगठन जो निर्णय लेता है, हम वही करते हैं।
पार्टी ने राजेश कालिया पर क्यों जताया भरोसा
राजेश कालिया भले ही पहली बार पार्षद बने हो, लेकिन पार्टी में वे काफी अनुभवी हैं। वे आरएसएस में द्वितीय वर्ष शिक्षित स्वयंसेवक हैं। एससी-एसटी मोर्चा चंडीगढ़ के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी के अनुसूचित जाति वर्ग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे हैं। पार्टी से जुड़े आंदोलनों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। राम जन्मभूमि आंदोलन के वक्त पर भी उन्होंने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। वाल्मीकि समुदाय में उनकी पकड़ भी काफी मजबूत है। पार्टी का मानना है कि शहर में इस समुदाय का करीब एक लाख वोट है, जो आगामी लोकसभा चुनाव के लिए काफी मायने रखता है। ये सब बाते राजेश कालिया के पक्ष में गईं और उनके नाम पर मुहर लगाई गई।
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अमर उजाला ने पहले ही कालिया के नाम का किया था खुलासा
भाजपा में मेयर उम्मीदवार को लेकर अमर उजाला ने पहले ही राजेश कालिया के नाम का खुलासा कर दिया था। रविवार को प्रकाशित खबर में अमर उजाला ने बताया था कि राजेश कालिया को लोहड़ी को तोहफा मिल सकता है। आखिर में भाजपा के संगठन ने कालिया के नाम पर ही मुहर लगाई।
राजेश कालिया को उम्मीदवार बना भाजपा ने अच्छा किया
राजेश कालिया को मेयर पद का उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने बहुत ही अच्छा किया है। राजेश ने हमारी लड़ाई को सदन के अंदर बेहतर तरीके से लड़ा। दमदार तरीके से बात रखी और हमारी रोजीरोटी बचाई। हमारे लिए और हमारे समाज के लिए खुशी का दिन है।
- जय किशन दुल्ला, प्रधान, डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर सोसाइटी, चंडीगढ़
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इसके अलावा पार्टी यह संदेश भी देना चाहती है कि भाजपा हर तबके के नेताओं को नेतृत्व प्रदान करती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि पार्टी ने जो निर्णय लिया है, उसे हर कोई मानता है। संगठन के द्वारा राजेश कालिया को मेयर का उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया है। हम लोग अपने उम्मीदवार को जिताएंगे। सांसद किरण खेर का कहना है कि हमारी पार्टी में एक परिवार या एक व्यक्ति का दखल नहीं है। हम संगठन जो निर्णय लेता है, हम वही करते हैं।
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पार्टी ने राजेश कालिया पर क्यों जताया भरोसा
राजेश कालिया भले ही पहली बार पार्षद बने हो, लेकिन पार्टी में वे काफी अनुभवी हैं। वे आरएसएस में द्वितीय वर्ष शिक्षित स्वयंसेवक हैं। एससी-एसटी मोर्चा चंडीगढ़ के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी के अनुसूचित जाति वर्ग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे हैं। पार्टी से जुड़े आंदोलनों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। राम जन्मभूमि आंदोलन के वक्त पर भी उन्होंने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। वाल्मीकि समुदाय में उनकी पकड़ भी काफी मजबूत है। पार्टी का मानना है कि शहर में इस समुदाय का करीब एक लाख वोट है, जो आगामी लोकसभा चुनाव के लिए काफी मायने रखता है। ये सब बाते राजेश कालिया के पक्ष में गईं और उनके नाम पर मुहर लगाई गई।
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अमर उजाला ने पहले ही कालिया के नाम का किया था खुलासा
भाजपा में मेयर उम्मीदवार को लेकर अमर उजाला ने पहले ही राजेश कालिया के नाम का खुलासा कर दिया था। रविवार को प्रकाशित खबर में अमर उजाला ने बताया था कि राजेश कालिया को लोहड़ी को तोहफा मिल सकता है। आखिर में भाजपा के संगठन ने कालिया के नाम पर ही मुहर लगाई।
राजेश कालिया को उम्मीदवार बना भाजपा ने अच्छा किया
राजेश कालिया को मेयर पद का उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने बहुत ही अच्छा किया है। राजेश ने हमारी लड़ाई को सदन के अंदर बेहतर तरीके से लड़ा। दमदार तरीके से बात रखी और हमारी रोजीरोटी बचाई। हमारे लिए और हमारे समाज के लिए खुशी का दिन है।
- जय किशन दुल्ला, प्रधान, डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर सोसाइटी, चंडीगढ़