फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mayor Election 2019, 25th Mayor of Chandigarh Rajesh Kalia First Interview

मेयर बनने के बाद राजेश कालिया का पहला इंटरव्यू, सतीश कैंथ पर बोले...गिनाई प्राथमिकताएं

Sat, 19 Jan 2019 01:21 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 19 Jan 2019 01:21 PM IST
विज्ञापन
Mayor Election 2019, 25th Mayor of Chandigarh Rajesh Kalia First Interview
मेयर राजेश कालिया
मेयर बनने के बाद राजेश कालिया अमर उजाला के कार्यालय पहुंचे और यहां अपना पहला इंटरव्यू दिया। इस दौरान वे सतीश कैंथ पर बोले और अपनी प्राथमिकताएं भी गिनाईं।  
विज्ञापन


चंडीगढ़ का 25वां मेयर बनने के बाद राजेश कालिया ने शहर के विकास के लिए पूरी ताकत झोंक देने का दावा किया है। उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता ‘स्वच्छता मिशन’ में चंडीगढ़ को देशभर में नंबर वन बनाने की रखी है। उनका कहना है कि पहले वह अपनी दिनचर्या वार्ड तक सीमित रखते थे लेकिन अब उनके पास पूरे शहर की जिम्मेदारी है, इसलिए अब वह अपनी दिनचर्या में बदलाव करेंगे।
विज्ञापन


सवाल : आपके मेयर बनने का सफर कैसा रहा?
जवाब :
नवनियुक्त मेयर ने कहा कि उन्होंने काफी संघर्ष किया है। बचपन में घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए वह भाई-बहनों के साथ कूड़े के ढेर से कागज बीनते थे और इकट्ठा सामान बेचकर घर चलाने में मदद करते थे। उन्होंने कहा कि आरएसएस से जुड़ाव के चलते वह भाजपा में आए और पार्टी ने आज उन्हें मेयर बना दिया है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो एक चाय बेचने वाले को देश का प्रधानमंत्री और एक कूड़ा बीनने वाले को मेयर बना सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल : आप जहां रहते हैं, वहां की समस्या काफी बड़ी है?
जवाब :
डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड के सामने मेरा घर है। बचपन वहीं बीता है। वहीं मैं कागज बीनता था और जो पैसे मिलते थे उसी से घर का चूूल्हा चलता था। इस लिहाज से मैं वहां की समस्या से बखूबी वाकिफ हूं। स्मार्ट सिटी के तहत बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले ढाई से तीन साल के भीतर कूड़े का पहाड़ पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।

मेयर बनने के बाद आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
चंडीगढ़ की पहचान एक साफ-सुथरे शहर के तौर पर है। पहली प्राथमिकता शहर को स्वच्छता में नंबर वन बनाना है। इसके अलावा दो महीने के भीतर 29 एमजीडी पानी को शहर में लाना है और कूड़े का सेग्रिगेशन गारबेज कलेक्टरों से ही करवाना है। निगम के अधिकारियों ने गारबेज कलेक्टरों से कभी बात नहीं की। अगर उनसे बात की जाती तो शहर के गारबेज कलेक्टरों की हड़ताल नहीं होती। मेरे कार्यकाल में यही गारबेज कलेक्टर कूड़े का सेग्रिगेशन करेंगे और इस पर निगम का एक पैसा खर्च नहीं होगा, आप देख लिजिएगा।

क्या कारण रहे कि भाजपा अंत कर सतीश कैंथ को नहीं मना पाई?
संजय टंडन के सामने हम चारों (फरमिला देवी, सतीश कैंथ, भरत कुमार, राजेश कालिया) ने कसम खाई थी कि मेयर कोई भी बने, सभी साथ रहेंगे। कैंथ ने एक तरह से अपनी लालसा के चलते यह कसम तोड़ दी। हो सकता है वह मुझसे व्यक्तिगत तौर पर नाराज हों। उन्हें लगता था कि कुछ लोग उनके साथ हैं, इसलिए उन्होंने चुनाव लड़ा। क्रास वोटिंग हुई भी है। इसकी जांच पार्टी करेगी।

क्या कारण थे कि बीजेपी के पांच पार्षदों ने क्रास वोटिंग की?
मुझे लगता है कि जिन्होंने मुझे वोट नहीं दिया, वे मेरे किसी अवगुण के कारण मेरे पक्ष में नहीं आए हों। मैं उन अवगुणों को दूर करने की दिशा में काम करूंगा।

सेक्टर-17 का पुराना गौरव लौटाने और बच्चों के लिए खेल के मैदान मुहैया कराने को लेकर अमर उजाला लगातार अभियान चला रहा है, आपकी क्या योजना है?
जवाब :
पहले तो मैं सामाजिक सरोकार की जो पत्रकारिता के लिए अमर उजाला का तहेदिल से धन्यवाद करता हूं। साथ ही वादा करता हूं कि शहर के विकास और इसका गौरव बनाए रखने के लिए जहां मेरी जरूरत होगी, मैं उपस्थित रहूंगा। अमर उजाला के यह दोनों अभियान बेहद सराहनीय हैं और इसमें मेरी जो भी मदद हो सकेगी, मैं करूंगा। यह दोनों मामले मेरे संज्ञान में हैं और इस दिशा में मैं जल्द ही काम शुरू कर दूंगा।

आपकी दिनचर्या क्या है
मैं सुबह साढ़े छह बजे उठ जाता हूं। उठने के बाद दो कप चाय बनाता हूं। एक अपने लिए और एक पत्नी के लिए। उसके बाद मैं बेटी को स्कूल छोड़ने जाता हूं। फिर वार्ड के दौरे पर निकल जाता हूं। कई बार तो ऐसा होता है कि रात में ही घर वापस आता हूं। मेयर बनने के बाद पूरा शहर को देखना है। तो सुबह उठने के बाद शहर के रोजाना किसी एक इलाके का दौरा करूंगा।

मेयर चुनाव से पहले आप पर कई आरोप लगे थे, उस पर क्या कहना है?
मेरे ऊपर जो भी मामले दर्ज हुए हैं, वे राजनीति से प्रेरित थे। अधिकतर मामलों में बरी हो चुका हूं। समय आने पर उनका भी माकूल जवाब दूंगा। जिस तरह से उन आरोपों को पेश किया गया, उससे मेरा परिवार टूट सा गया था। छोटी बेटी तीन दिन तक स्कूल नहीं गई। बेटी और पत्नी ने तो चुनाव लड़ने से ही मना कर दिया था। मैं भी बहुत रोया था। लेकिन पार्टी और मेरे समर्थकों ने बुरे वक्त पर मेरा साथ नहीं छोड़ा। इसी से मुझे हौसला मिलता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed