भाजपा के बारे में ये क्या बोल गईं मायावती?
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उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री कुमारी मायावती ने एक तरफ जहां भाजपा को पूंजीपतियों और धन्नासेठों की पार्टी बताया है, वहीं हरियाणा के विकास के लिए गैर जाट को मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया है।
प्रदेश में गरीब, दलित और पिछड़ा वर्ग के लोग आर्थिक रूप से तभी सुदृढ़ हो पाएंगे जब बसपा की पूर्ण बहुमत से बसपा की सरकार बनेगी।
हुडा के सेक्टर-9 में रविवार को आयोजित रैली में उन्होंने डॉ. अरविंद शर्मा को बसपा का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी जाट विरोधी नहीं है लेकिन वह गरीब, दलित और पिछड़ा वर्ग के लोगों को जाटों के बराबर दर्जा दिलवाना चाहती है।
कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधकर उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देश और अन्य प्रदेशों में कांग्रेस और अन्य विरोधी पार्टियों के हाथों में सत्ता की बागडोर रही है लेकिन किसी भी सत्ताधारी दल ने कभी भी गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने का कोई प्रयास नहीं किया।
झूठे सपने दिखाकर भाजपा ने हथियाई सत्ता
मायावती ने कहा कि भाजपा ने अच्छे दिन आने के झूठे सपने दिखाकर पूर्ण बहुमत से केंद्र में सरकार बनाई है लेकिन सत्ता में आने के चार माह बाद भी आम लोगों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाए। अब यही नीति वह हरियाणा में अपना रही है। हरियाणा की जनता को गुमराह कर वह हरियाणा में भी सत्ता हथियाने का सपना देख रहे हैं।
मायावती ने कहा कि देश में बढ़ते भ्रष्टाचार का मुख्य कारण कांग्रेस, भाजपा और अन्य विरोधी दल हैं। यह पूंजीपतियों की पार्टी है। पूंजीपतियों और धन्नासेठों के पैसों से चुनाव लड़ती है। इसलिए सत्ता में काबिज होने के बाद वह पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हित की योजनाएं तैयार करती है।
बसपा एक ऐसी पार्टी है जो अपने कार्यकर्ताओं के चंदे पर चुनाव लड़ती है। इसलिए बसपा बिना पूंजीपतियों के दबाव में आए गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों के हितों के लिए कार्य कर सकती है।
कांग्रेस की नीति फूट डालो राज करो
हरियाणा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अरविंद शर्मा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने प्रदेश में फूट डालो राज करो की नीति अपनाई है। आज प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और वह बसपा को विकल्प के तौर पर देख रही है।
प्रदेश में बसपा की सरकार आने के बाद क्षेत्रवाद, जातिवाद, परिवारवाद की राजनीति को खत्म कर गरीब, दलित व पिछड़ा वर्ग के लोगों को उनका हक सूत सहित वापस दिलवाया जाएगा।
रैली में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अरविंद शर्मा, राज्य सभा सदस्य राजा राम, जींद विधानसभा से प्रत्याशी सुधीर गौतम सहित प्रदेश के अन्य विधानसभा के उम्मीदवार भी मौजूद रहे।
साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपना रही सरकार
कुमारी मायावती ने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन अंतिम चरण में है। इसलिए सत्तासीन दल मतदाताओं को लुभाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाएगी।
इसलिए यहां के लोगों को इनके प्रलोभन में आने से बचना होगा। बसपा के हाथों में प्रदेश की सत्ता की चाबी सौंपकर गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों का आर्थिक विकास करवाया जा सके।