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नगर निगम चुनाव: BJP से मौदगिल, सूद या फिर कोई और, आज उठेगा पर्दा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:08 AM IST
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भाजपा की ओर से नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के उम्मीदवारों के नाम की घोषणा मंगलवार को की जाएगी। जबकि कांग्रेस अपने पत्ते बुधवार सुबह ही खोलेगी। तीन जनवरी (बुधवार) को नामांकन की अंतिम तारीख है। भाजपा का उम्मीदवार तय करने के लिए पार्टी प्रभारी प्रभात झा कोर ग्रुप के साथ बैठक करने के लिए यहां आ रहे हैं।
मंगलवार को बैठक के बाद तीनों पदों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी। हालांकि उम्मीदवारी के मुद्दे पर भाजपा के सभी 20 पार्षदों से राय लेकर संगठन मंत्री दिनेश कुमार हाईकमान को पहले ही अवगत करवा चुके हैं।
जाहिर है मंगलवार को उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही इसका खुलासा हो जाएगा कि इस मामले में सांसद किरण खेर की चली या फिर भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन की। पिछली बार मेयर चुनाव में टंडन की मानी गई थी। तब उनके गुट की आशा जसवाल को उम्मीदवार बनाया गया था।
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राजेश गुप्ता भी खुद को मान रहे दावेदार :
इस बार मेयर पद के लिए भाजपा में देवेश मौदगिल और अरुण सूद प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन कोई सहमति न बनी तो शक्तिदेव शाली या महेश इंद्र सिद्धू के नाम पर भी मुहर लग सकती है, क्योंकि पार्टी कोई विवाद मोल लेने के मूड में नहीं है।
अरुण सूद को भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का समर्थन है और मौदगिल को सांसद किरण खेर और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन का समर्थन हासिल है। ऐसे में किसी एक का नाम तय होने पर दूसरे गुट का नाराज होना लाजिमी है।
अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी में गुटबाजी शांत करने के लिए किसी तीसरे का नाम भी फाइनल हो सकता है। इस बीच सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता ने भी खुद को मेयर पद का दावेदार बताया है, क्योंकि वह इस समय भाजपा में सबसे सीनियर पार्षद हैं।
रवि या ढिल्लो पर लग सकती है सीनियर डिप्टी मेयर पद के प्रत्याशी की मुहर सीनियर डिप्टी मेयर पद के प्रत्याशी के लिए रवि शर्मा और गुरप्रीत ढिल्लो के नाम पर मुहर लग सकती है। अभी तक इन दोनों के नाम पर मंथन चल रहा है। जबकि अकाली दल ने हरदीप सिंह को सीनियर डिप्टी
मेयर बनाने की मांग की है। वहीं डिप्टी मेयर पद पर जगतार जग्गा और चंद्रवती शुक्ला के नाम पर मंथन चल रहा है। इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि डिप्टी मेयर का पद किसी आरक्षित वर्ग के पार्षद को दे दिया जाए।
इस समय भाजपा में आरक्षित वर्ग के चार पार्षद हैं, जिनमें सतीश कैंथ, राजेश कालिया, फरमिला देवी और भरत कुमार का नाम शामिल है। माना जा रहा है कि पार्टी कैंथ और कालिया को इस साल कोई पद देने के मूड में नहीं है, क्योंकि साल 2019 में मेयर पद आरक्षित वर्ग के लिए सुरक्षित है। पार्टी पर इसलिए भी आरक्षित वर्ग को सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर का पद देने का दबाव है, क्योंकि इस साल भी किसी आरक्षित वर्ग के पार्षद को कोई पद नहीं मिला था।
14 वोट हासिल करने वाला बनेगा मेयर
मेयर पद का चुनाव जीतने वाले को 14 पार्षदों का वोट हासिल होना जरूरत है। इस पद पर भाजपा की जीत की संभावना इसीलिए ज्यादा है, क्योंकि भाजपा के पास कुल 22 वोट है, इनमें भाजपा के 20 पार्षद एक सांसद और एक अकाली दल के पार्षद शामिल हैं। जबकि मनोनीत पार्षदों का वोटिंग अधिकार पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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मंगलवार को बैठक के बाद तीनों पदों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी। हालांकि उम्मीदवारी के मुद्दे पर भाजपा के सभी 20 पार्षदों से राय लेकर संगठन मंत्री दिनेश कुमार हाईकमान को पहले ही अवगत करवा चुके हैं।
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जाहिर है मंगलवार को उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही इसका खुलासा हो जाएगा कि इस मामले में सांसद किरण खेर की चली या फिर भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन की। पिछली बार मेयर चुनाव में टंडन की मानी गई थी। तब उनके गुट की आशा जसवाल को उम्मीदवार बनाया गया था।
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राजेश गुप्ता भी खुद को मान रहे दावेदार :
इस बार मेयर पद के लिए भाजपा में देवेश मौदगिल और अरुण सूद प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन कोई सहमति न बनी तो शक्तिदेव शाली या महेश इंद्र सिद्धू के नाम पर भी मुहर लग सकती है, क्योंकि पार्टी कोई विवाद मोल लेने के मूड में नहीं है।
अरुण सूद को भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का समर्थन है और मौदगिल को सांसद किरण खेर और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन का समर्थन हासिल है। ऐसे में किसी एक का नाम तय होने पर दूसरे गुट का नाराज होना लाजिमी है।
अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी में गुटबाजी शांत करने के लिए किसी तीसरे का नाम भी फाइनल हो सकता है। इस बीच सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता ने भी खुद को मेयर पद का दावेदार बताया है, क्योंकि वह इस समय भाजपा में सबसे सीनियर पार्षद हैं।
रवि या ढिल्लो पर लग सकती है सीनियर डिप्टी मेयर पद के प्रत्याशी की मुहर सीनियर डिप्टी मेयर पद के प्रत्याशी के लिए रवि शर्मा और गुरप्रीत ढिल्लो के नाम पर मुहर लग सकती है। अभी तक इन दोनों के नाम पर मंथन चल रहा है। जबकि अकाली दल ने हरदीप सिंह को सीनियर डिप्टी
मेयर बनाने की मांग की है। वहीं डिप्टी मेयर पद पर जगतार जग्गा और चंद्रवती शुक्ला के नाम पर मंथन चल रहा है। इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि डिप्टी मेयर का पद किसी आरक्षित वर्ग के पार्षद को दे दिया जाए।
इस समय भाजपा में आरक्षित वर्ग के चार पार्षद हैं, जिनमें सतीश कैंथ, राजेश कालिया, फरमिला देवी और भरत कुमार का नाम शामिल है। माना जा रहा है कि पार्टी कैंथ और कालिया को इस साल कोई पद देने के मूड में नहीं है, क्योंकि साल 2019 में मेयर पद आरक्षित वर्ग के लिए सुरक्षित है। पार्टी पर इसलिए भी आरक्षित वर्ग को सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर का पद देने का दबाव है, क्योंकि इस साल भी किसी आरक्षित वर्ग के पार्षद को कोई पद नहीं मिला था।
14 वोट हासिल करने वाला बनेगा मेयर
मेयर पद का चुनाव जीतने वाले को 14 पार्षदों का वोट हासिल होना जरूरत है। इस पद पर भाजपा की जीत की संभावना इसीलिए ज्यादा है, क्योंकि भाजपा के पास कुल 22 वोट है, इनमें भाजपा के 20 पार्षद एक सांसद और एक अकाली दल के पार्षद शामिल हैं। जबकि मनोनीत पार्षदों का वोटिंग अधिकार पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।