फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Matter of Transfusion of HIV Positive Blood has Reached Punjab-Haryana High Court 

पंजाब: बठिंडा सिविल अस्पताल में महिला को चढ़ाया था एचआईवी पॉजिटिव खून, हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब 

Thu, 14 Oct 2021 09:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 14 Oct 2021 09:11 PM IST
सार

महिला अनीमिया के इलाज के लिए मई 2020 में बठिंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती हुई थी। इस दौरान उसे खून चढ़ाया गया और इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। मई में ही इस बात की जानकारी ब्लड बैंक को मिल गई थी कि खून संक्रमित था लेकिन उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई।

विज्ञापन
Matter of Transfusion of HIV Positive Blood has Reached Punjab-Haryana High Court 
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अनीमिया के इलाज के लिए बठिंडा के अस्पताल में भर्ती महिला को एचआईवी पॉजिटिव खून चढ़ाने का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। आरोपी एसएमओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, बठिंडा के एसएसपी और स्थानीय एसएचओ को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए पीड़ित महिला ने हाईकोर्ट को बताया कि वह अनीमिया के इलाज के लिए मई 2020 में बठिंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती हुई थी। इस दौरान उसे खून चढ़ाया गया और इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। मई में ही इस बात की जानकारी ब्लड बैंक को मिल गई थी कि खून संक्रमित था लेकिन उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। अक्तूबर 2020 को डॉक्टरों की टीम की तरफ से जांच रिपोर्ट एसएमओ डॉ. मनिंदर सिंह को दी गई, लेकिन उन्होंने याची को खोजने का प्रयास नहीं किया। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - महंगी गाड़ियों पर घिरी चन्नी सरकार: आप, बसपा और भाजपा ने उठाए सवाल, फिजूलखर्ची क्यों कर रही सरकार 
विज्ञापन
विज्ञापन


अगस्त 2021 में याची को खोजा गया और जांच में पाया गया कि उसके साथ ही उसका पति और उसकी बेटी भी संक्रमित हो चुकी थी। इसके बाद उन्हें नियमित इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। याची ने कहा कि डॉक्टरों की गलती के कारण उनके परिवार की जिंदगी खराब हो गई है। इस मामले में पुलिस ने केवल सीनियर मेडिकल टेक्नीशियन बलदेव सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है जबकि एसएमओ मनिंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed