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मास्टर प्लान पर आपत्तियों की सुनवाई कल से
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 21 Nov 2013 10:03 AM IST
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यूटी के ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2013 पर आपत्तियां दर्ज कराने वालों की पर्सनल हियरिंग 22 नवंबर से सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस में शुरू हो रही है।
इन आपत्तियों के लिए प्रशासन की ओर से गठित बोर्ड ऑफ इंक्वायरी एंड हियरिंग के सदस्य सुनेंगे। पहले दिन रिहायशी क्षेत्र के 11 लोगों की आपत्तियों को सुना जाएगा।
28 नवंबर तक बोर्ड के सदस्य मास्टर प्लान पर आई आपत्तियों और सुझावों को सुनने के बाद इसे कंपाइल कर चंडीगढ़ के मुख्य प्रशासक और वित्त सचिव वीके सिंह को सौंपेंगे।
पहले दिन शुक्रवार को रिहायशी क्षेत्र के जिन लोगों की आपत्तियां सुनी जाएंगी उनमें सेक्टर-9 निवासी अनिल के नेहरू और चांद नेहरू, सेक्टर-16 के अतुल जैन, सेक्टर-38 के प्रदीप के जैन, सेक्टर-5 के रंजीत सहगल, सेक्टर-9 के जस्टिस एसएस सोढी, सेक्टर-4 के मनमोहन लाल सरीन, सेक्टर-30 बी के इंडस्ट्रियल हाउसेज के निवासी, सेक्टर-19 सी के एमआईजी फ्लैट्स की वेलफेयर एसोसिएशन, खुड्ड़ा अलि शेर के निवासी और कुम्हारों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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इसके बाद शनिवार को बोर्ड के सदस्य कामर्शियल क्षेत्र से 20 लोगों की आपत्तियां और सुझाव सुनेंगे जिनमें शहर की मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और व्यापार मंडल के सदस्य भी होंगे।
यह हैं बोर्ड के सदस्य
प्रशासन की ओर से सीएचबी के चेयरमैन और पर्यावरण सचिव सत्यगोपाल की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का गठन किया गया है।
बोर्ड के सदस्यों में आईटी सचिव प्र्रेरणा पुरी, पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली, नगर निगम आयुक्त विवेक प्रताप सिंह, चीफ इंजीनियर एसके चड्ढा और केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के चीफ प्लानर शामिल हैं। चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर बोर्ड की संयोजक होंगी। लोगों की पर्सनल हियरिंग के लिए एक तिहाई मेंबर्स का कोरम होना अनिवार्य है।
170 आपत्तियां व सुझाव आए
मास्टर प्लान पर प्रशासन ने सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की थीं, जिसकी अंतिम तिथि 10 सितंबर थी। प्रशासन के पास लगभग 170 आपत्तियां व सुझाव आए थे।
पंजाब और हरियाणा सरकारों के साथ पीजीआई, पंजाब यूनिवर्सिटी, नगर निगम, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, फॉसवेक सहित कई संगठनों के सुझाव और आपत्तियां आईं हैं।
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इन आपत्तियों के लिए प्रशासन की ओर से गठित बोर्ड ऑफ इंक्वायरी एंड हियरिंग के सदस्य सुनेंगे। पहले दिन रिहायशी क्षेत्र के 11 लोगों की आपत्तियों को सुना जाएगा।
28 नवंबर तक बोर्ड के सदस्य मास्टर प्लान पर आई आपत्तियों और सुझावों को सुनने के बाद इसे कंपाइल कर चंडीगढ़ के मुख्य प्रशासक और वित्त सचिव वीके सिंह को सौंपेंगे।
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पहले दिन शुक्रवार को रिहायशी क्षेत्र के जिन लोगों की आपत्तियां सुनी जाएंगी उनमें सेक्टर-9 निवासी अनिल के नेहरू और चांद नेहरू, सेक्टर-16 के अतुल जैन, सेक्टर-38 के प्रदीप के जैन, सेक्टर-5 के रंजीत सहगल, सेक्टर-9 के जस्टिस एसएस सोढी, सेक्टर-4 के मनमोहन लाल सरीन, सेक्टर-30 बी के इंडस्ट्रियल हाउसेज के निवासी, सेक्टर-19 सी के एमआईजी फ्लैट्स की वेलफेयर एसोसिएशन, खुड्ड़ा अलि शेर के निवासी और कुम्हारों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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इसके बाद शनिवार को बोर्ड के सदस्य कामर्शियल क्षेत्र से 20 लोगों की आपत्तियां और सुझाव सुनेंगे जिनमें शहर की मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और व्यापार मंडल के सदस्य भी होंगे।
यह हैं बोर्ड के सदस्य
प्रशासन की ओर से सीएचबी के चेयरमैन और पर्यावरण सचिव सत्यगोपाल की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का गठन किया गया है।
बोर्ड के सदस्यों में आईटी सचिव प्र्रेरणा पुरी, पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली, नगर निगम आयुक्त विवेक प्रताप सिंह, चीफ इंजीनियर एसके चड्ढा और केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के चीफ प्लानर शामिल हैं। चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर बोर्ड की संयोजक होंगी। लोगों की पर्सनल हियरिंग के लिए एक तिहाई मेंबर्स का कोरम होना अनिवार्य है।
170 आपत्तियां व सुझाव आए
मास्टर प्लान पर प्रशासन ने सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की थीं, जिसकी अंतिम तिथि 10 सितंबर थी। प्रशासन के पास लगभग 170 आपत्तियां व सुझाव आए थे।
पंजाब और हरियाणा सरकारों के साथ पीजीआई, पंजाब यूनिवर्सिटी, नगर निगम, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, फॉसवेक सहित कई संगठनों के सुझाव और आपत्तियां आईं हैं।