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फ्लैट अलॉटियों को हाउसिंग बोर्ड ने दी भारी राहत
राजेश ढल्ल/अमरउजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 13 Oct 2015 03:03 PM IST
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सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट का कब्जा लेने के लिए अब अलॉटियों को बोर्ड की ओर से गठित रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने यह शर्त हटा दी है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि अब अलॉटी आरडब्ल्यूए की सदस्यता कब्जा लेने के एक सप्ताह बाद लेगा। वहीं चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के इस निर्णय से आरडब्ल्यूए खफा है।
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पहले ऐसे मिलता था कब्जा
पहले अलॉटमेंट लेटर जारी होने के बाद तब तक फ्लैट का कब्जा नहीं मिलता था, जब तक अलॉटी आरडब्ल्यूए की सदस्यता ग्रहण करने के बाद प्रमाणपत्र नहीं ले लेता था। अलॉटमेंट लेटर में ही बिना आरडब्लयूए की सदस्यता के कब्जा नहीं मिलने की शर्त को शामिल किया गया था। मगर कई अलॉटियों ने इसका विरोध जताया, जिसके बाद बोर्ड को यह शर्त हटाने का निर्णय लेना पड़ा।
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अभी सुविधाएं नहीं: सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, लेकिन अभी तक यहां पर बिजली और पानी की सुविधा भी फ्लैट्स के साथ जोड़ी नहीं गई है। यहां पर अलग-अलग कैटेगरी के 2108 फ्लैट्स हैं।
निर्णय से आरडब्लयूए के पदाधिकारी नाराज: सीएचबी के इस निर्णय से आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी नाराज हैं। टू बेडरूम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि बोर्ड ने यह निर्णय जीपीए होल्डर्स के दबाव में लिया है। उनका कहना है कि अभी इस प्रोजेक्ट में किसी भी अलॉटी को फ्लैट बेचने की मंजूरी नहीं है, लेकिन करीब 500 अलॉटियों ने कब्जे से पहले ही फ्लैट्स आगे बेच दिए हैं। उनका कहना है कि आरडब्ल्यूए के पास भी कई जीपीए होल्डर्स सर्टिफिकेट लेने आए थे, लेकिन उन्हें इंकार कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 5 साल तक फ्लैट्स आगे बेचने की मंजूरी नहीं है।
बोर्ड ने गठित करवाई थी आरडब्ल्यूए: दो माह पहले जब बोर्ड ने पार्किंग के ड्रॉ निकाले थे तो उस समय ही वन, टू और थ्री बेडरूम की एसोसिएशन का गठन कर दिया था आरडब्ल्यूए को लिफ्ट्स, पार्क और ओपन स्पेस के रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद से कब्जा लेने वाले जो हस्ताक्षर करवाने आरडब्ल्यूए के पास आते थे, उन्हें 500 रुपये लेकर सदस्यता दी जाती थी।
कब्जा लेने के लिए सर्विस टैक्स भी जमा करवाना जरूरी: सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट के टू और थ्री बेडरूम अलॉटियों को एक से डेढ़ लाख रुपये सर्विस टैक्स के तौर पर भी जमा करवाने के लिए कहा गया है। इसके बिना फ्लैट का कब्जा नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही सभी फ्लैट अलॉटियों से एक साल की एडवांस में लीज मनी भी ली जा रही है। बोर्ड की ओर से टू बेडरूम के लिए एक लाख और टू बेडरूम अलॉटियों से करीब एक लाख 40 हजार रुपये सर्विस टैक्स के तौर पर मांगे जा रहे हैं।
सर्विस टैक्स फ्लैट की कुल कीमत पर साढ़े तीन प्रतिशत चार्ज किया जा रहा है। मालूम हो कि पहले ही इन अलॉटियों को तीन साल देरी से फ्लैट का कब्जा मिल रहा है। इसका निर्माण 2012 में पूरा होना था। टू और थ्री बेडरूम के उन अलॉटियों पर एक लाख रुपये और अदा करना पड़ेगा जिन्हें ग्राउंड फ्लोर पर दो कारों की पार्किंग ड्रॉ में मिली है। इन अलॉटियों को भी एक माह का समय ही दिया गया है।
261 अलॉटियों ने लिया है कब्जा: अभी तक यहां पर 261 अलॉटियों ने ही फ्लैट का कब्जा लिया है। जिनमें 115 ईडब्ल्यूएस, 82 वन बेडरूम, 20 टू और 44 थ्री बेडरूम के फ्लैट शामिल हैं, जबकि कई अलॉटियों ने नवरात्र पर कब्जा लेने की योजना बनाई है अगर दिवाली तक यहां पर बिजली का कनेक्शन मिल गया तो लोग यहां पर शिफ्ट भी हो जाएंगे। प्रशासन ने हाल ही में बिजली का ट्रांसफार्मर लगाने का टेंडर अलॉट किया है।