यूथ अकाली नेता हत्याकांड: छात्र संगठन सोई का ट्रंप कार्ड था विक्की, एक हफ्ते से मिल रही थी धमकी
भरी मार्केट में विक्की मिंडूखेड़ा पर गोलियां बरसते ही दुकानदार काउंटरों के पीछे छिप गए। एक दुकानदार ने बताया कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या हो गया। अचानक लगातार गोलियां चलने लगीं। ऐसे में वह काफी डर गए और अपनी दुकान के काउंटर के पीछे छिप गए। जब माहौल थोड़ा शांत हुआ तो उसके बाद वह बाहर निकले।
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पंजाब यूनिवर्सिटी में विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिंडूखेड़ा को छात्र संगठन सोई का ट्रंप कार्ड माना जाता था। छात्रसंघ चुनाव से पहले आकर वे प्रचार से लेकर टिकट के दावेदारों तक का फैसला करते थे। पूरे चुनाव की रणनीति भी वह खुद ही तैयार करते थे। उनके नेतृत्व में ही पीयू में 2019 में छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव सोई ने जीता था। विक्की की हत्या के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी में भी शोक का माहौल रहा। सभी छात्र संगठनों के नेताओं ने उनकी हत्या पर शोक जताया है।
पीयू सोई के पूर्व अध्यक्ष इकबाल सिंह प्रीत ने बताया कि छात्र संगठन चुनावों में विक्की सबसे वरिष्ठ थे। उन्हें चुनाव का गेम प्लानर कहा जाता था। चुनाव के दिनों में वे यूनिवर्सिटी आकर सारी बागडोर संभालते थे। पिछले दस बारह वर्ष से वे पीयू चुनावों में सक्रिय थे। चुनाव के दौरान प्रचार की योजना के आथ उम्मीदवार चुनने तक की प्रक्रिया में वे शामिल रहते थे। अपनी पार्टी के साथ अन्य पार्टी के लोगों के साथ भी उनके अच्छे संबंध थे।
पीयू इनसो के अध्यक्ष रजत नैन ने बताया कि चुनावों के दौरान विक्की से मुलाकात होती रहती थी। वे अच्छे दोस्त और खुशमिजाज इंसान थे। एबीवीपी के पीयू अध्यक्ष पारस रतन ने बताया कि विक्की पर हुए हमले और हत्या की हम निंदा करते हैं। हम विक्की के परिवार और सोई पार्टी के प्रति सहानुभूति रखते हैं।
एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेता ने बताया कि चुनावों के दौरान दो तीन बार विक्की से मुलाकात हुई, व्यवहार में मिलनसार थे। 2019 छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए जब मैं थोड़े से अंतराल से चुनाव हारा था तो विक्की खुद आकर मुझसे मिले और कहा कि तुमने अच्छा प्रदर्शन किया। पीयू के विद्यार्थी घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर इसकी निंदा करने के साथ शोक व्यक्त कर रहे हैं।
विक्की को एक हफ्ते से मिल रही थी धमकी
विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिंडूखेड़ा को एक हफ्ते से लगातार धमकी मिल रही थी, जिससे वह परेशान चल रहे थे। ये बात उनके कुछ करीबी दोस्तों ने शनिवार को बताई। दोस्तों ने बताया कि उन्होंने विक्की से कहा था कि वह घर से कहीं भी अकेला न जाए। बाहर जाना हो तो एक-दो दोस्तों या जानकारों को साथ लेकर जाया करे लेकिन मिंडूखेड़ा को इस बात का आभास नहीं था कि उसके साथ ऐसा हो सकता है।
उसके घर के बाहर जुटे कुछ दोस्तों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उनका कहना था कि जब भी वह मुश्किल में होते थे तो हमेशा वह सहारा बनकर खड़ा हो जाता था। जानकारी के मुताबिक, विक्की मिंडूखेड़ा पर जिस तरह फायरिंग हुई है, उससे साफ है कि आरोपी उसकी रेकी कर रहे थे और उन्हें पता था कि यहां मार्केट में वह अकेला ही आया है। जैसे ही वह निकलेगा, उस पर आसानी से हमला कर देंगे। हमलावरों ने टोपी और मास्क पहन रखा था ताकि पहचान न हो सके। हालांकि पुलिस इलाके के कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
जांच में फॉरेंसिक टीम के लिए बारिश बनी अड़चन
इस हत्याकांड के बाद मौके पर जांच करने फॉरेंसिक टीम पहुंची लेकिन वारदात की जगह जहां पर खून गिरा था, वहां से सैंपल लेने में काफी दिक्कत आई, क्योंकि अचानक तेज बारिश शुरू हो गई थी और पानी में निशान मिटने से टीम को सबूत जुटाने में काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी।