Moga: तीन माह के बेटे ने शहीद कुलवंत सिंह को दी मुखाग्नि... तो पूरा गांव चीत्कार उठा, हर आंख हुई नम
मोगा के शहीद कुलवंत सिंह के पिता बलदेव सिंह कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे। शहीद बलदेव सिंह की ही नौकरी उनके बेटे कुलवंत सिंह को मिली थी। 14 साल पहले उन्होंने नौकरी ज्वाइन की थी।
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जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में शहीद हुए मोगा के जवान कुलवंत सिंह का राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव चड़िक में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जैैसे ही उनके तीन माह के बेटे ने उनके शव को मुखाग्नि दी तो पूरा गांव चीत्कार उठा। शहीद की पत्नी को रोते देख हर आंख नम हो गई।
मोगा के शहीद कुलवंत सिंह के पिता बलदेव सिंह कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे। शहीद बलदेव सिंह की ही नौकरी उनके बेटे कुलवंत सिंह को मिली थी। 14 साल पहले उन्होंने नौकरी ज्वाइन की थी।तीन साल पहले कुलवंत सिंह की शादी हुई थी। उनकी डेढ़ साल की एक बेटी और तीन महीने का बेटा है। एक महीना पहले ही कुलवंत छुट्टी काट कर गए थे। जैसे ही उनकी शहादत की सूचना गांव पहुंची तो पूरे गांव में मातम पसर गया। घर में चीख पुकार मच गई। दोनों मासूम बच्चों को ये भी नहीं पता कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया है।
