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Chandigarh News: करवाचौथ से पहले बाजारों में चहलकदमी, महिलाएं कर रहीं खरीदारी
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पंचकूला। सुहागिनों का सबसे खास त्योहार करवाचौथ जैसे- जैसे नजदीक आ रहा है। वैसे ही बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। सेक्टर 7,9,10,14,15 में ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी स्टॉलों पर महिलाओं की भीड़ है। बाजारों में चूड़ियों, सिंदूर, साड़ियों और करवाचौथ की पूजा सामग्री की खूब खरीदारी हो रही है। हाथों में मेंहदी लगवाने के लिए लड़कियां और महिलाएं घंटों इंतजार कर रही हैं। ब्यूटी पार्लर रीना शर्मा बताती हैं कि इस बार पिछले साल से भी ज्यादा भीड़ है। महिलाएं पारंपरिक साड़ियों के साथ-साथ डिजाइनर सूट्स और ज्वेलरी भी खूब खरीद रही हैं। शुक्रवार 10 अक्तूबर करवाचौथ है। व्रत को लेकर महिलाओं में खास उत्साह है।
करवाचौथ जीवन का खास दिन
करवाचौथ हमारे जीवन का सबसे खास दिन होता है। इस दिन की तैयारी हम पूरे दिल से करते हैं और चांद निकलने का इंतजार जैसे किसी त्योहार की आत्मा बन जाता है। -ईशा राणा
प्रेम का प्रतीक
यह सिर्फ व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के अटूट विश्वास और प्रेम का प्रतीक है। सजने-संवरने और पारंपरिक रीति से पूजा करने का अपना ही आनंद है।-रेखा कौशिक
परंपराओं से जोड़ता पर्व
करवा चौथ हमें हमारी परंपराओं से जोड़ता है। पूरे दिन व्रत रखना कठिन जरूर होता है लेकिन जब पति के हाथों से पानी पीते हैं तो सारी थकान मिट जाती है।-रंजीता मेहता
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भारतीय संस्कृति की खूबसूरती
इस दिन का माहौल ही अलग होता है। रंग-बिरंगी साड़ियां, मेंहदी की खुशबू और मंगल गीतों की गूंज। यही भारतीय संस्कृति की खूबसूरती है।-नंदिता हुड्डा
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करवाचौथ जीवन का खास दिन
करवाचौथ हमारे जीवन का सबसे खास दिन होता है। इस दिन की तैयारी हम पूरे दिल से करते हैं और चांद निकलने का इंतजार जैसे किसी त्योहार की आत्मा बन जाता है। -ईशा राणा
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प्रेम का प्रतीक
यह सिर्फ व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के अटूट विश्वास और प्रेम का प्रतीक है। सजने-संवरने और पारंपरिक रीति से पूजा करने का अपना ही आनंद है।-रेखा कौशिक
परंपराओं से जोड़ता पर्व
करवा चौथ हमें हमारी परंपराओं से जोड़ता है। पूरे दिन व्रत रखना कठिन जरूर होता है लेकिन जब पति के हाथों से पानी पीते हैं तो सारी थकान मिट जाती है।-रंजीता मेहता
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भारतीय संस्कृति की खूबसूरती
इस दिन का माहौल ही अलग होता है। रंग-बिरंगी साड़ियां, मेंहदी की खुशबू और मंगल गीतों की गूंज। यही भारतीय संस्कृति की खूबसूरती है।-नंदिता हुड्डा