चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की एक गलती से हजारों लोग बने डिफॉल्टर, ब्याज का बोझ भी लोगों पर ही  

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Nivedita verma रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 23 Feb 2021 02:39 PM IST
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड।
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड। - फोटो : फाइल फोटो

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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की एक गलती ने शहर के हजारों लोगों को डिफॉल्टर बना दिया। जो राशि लोगों ने कई साल पहले जमा करा दी थी, बोर्ड की वेबसाइट पर उसकी जानकारी ही नहीं है। लोगों के पास बोर्ड द्वारा दी गईं रसीदें भी हैं। बोर्ड उन पर 12.5 प्रतिशत का ब्याज भी लगा रहा है। 
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सीएचबी ने हाल ही में अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम (एआरएचसी) और स्मॉल फ्लैट्स निवासियों के लिए ‘अकाउंट स्टेटमेंट यानी खाता विवरण’ की सुविधा शुरू की है। इसमें लोग देख सकते हैं कि अब तक उन्होंने कब-कब और कितना किराया जमा किया है। जब कुछ लोगों ने सीएचबी की वेबसाइट पर अपना विवरण देखा तो उनके होश उड़ गए। वेबसाइट की जानकारी और पुरानी रसीदों को मिलाया तो पाया कि खाता विवरण से कुछ भुगतान गायब है जबकि उसी भुगतान की रसीद लोगों के पास है। यही नहीं, बोर्ड ने ऐसे लोगों को रेंट डिफॉल्टर की सूची में डाल रखा है। ऐसे लोगों की संख्या हजारों में है। 

 
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