Chandigarh: प्रशासन से नाराज RWA, कहा-अफसर सुझाव हमसे लेते हैं, काम अपनी मर्जी से करते हैं
फॉसवेक में शहर के 73 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन जुड़े हैं। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति जस की तस बनी है। कई जगह ट्रैफिक लाइट बंद रहती हैं।
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फेडरेशन ऑफ सेक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (फॉसवेक) की कार्यकारिणी कमेटी की बैठक में लोगों ने प्रशासन पर भड़ास निकाली। सेक्टर-40 स्थित सामुदायिक केंद्र में बैठक में कमेटी के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू की अध्यक्षता में हुई बैठक में पदाधिकारी व क्षेत्रीय लोगों ने अफसरों पर जमकर गुस्सा निकाला। फॉसवेक के महासचिव जेएस गोगिया ने कहा कि कोई भी काम होगा तो अधिकारी हमसे सुझाव लेने आएंगे, लेकिन बाद में काम अपनी ही मर्जी से करेंगे। अपनी छुट्टियां काटने बाहर से आने वाले अफसर सिर्फ अपने निर्णय लोगों पर थोप रहे हैं। अधिकारी चंडीगढ़ में आकर आश्वासन देकर चले जाते हैं।
फॉसवेक में शहर के 73 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन जुड़े हैं। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति जस की तस बनी है। कई जगह ट्रैफिक लाइट बंद रहती हैं। रेलवे स्टेशन पर पहले गाड़ी से जाते थे, लेकिन अब थ्री व्हीलर और टैक्सी वाले सड़क पर ही दूर छोड़कर चले जाते हैं। लोगों को मुख्य सड़क से पैदल ही रेलवे स्टेशन तक जाना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर पार्किंग फीस में बढ़ोतरी के कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आठ साल पहले मेट्रो का ब्लूप्रिंट बना था, जो कहीं फाइलों में दब गया। रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम और मेट्रो के अभाव में जाम की स्थिति बन रही है।
सीएचबी लोगों को ब्लैकमेल कर रहा
बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड लोगों को लूट कर रहा है। हाउसिंग बोर्ड नोटिस देकर ब्लैकमेल कर रहा है। राजनीतिक दलों ने भी हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रह रहे लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। चुनाव में उन्हें वोट देने के लिए कहा लेकिन जीतने के बाद उनकी परवाह नहीं की। गृह मंत्री अमित शाह को विस्तृत प्रजेंटेशन भेजा था। उसमें चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और चंडीगढ़ प्रशासन की करतूतों के बारे में विस्तार से बताया।
गवर्नर हाउस बना दें डड्डूमाजरा में, समस्या हल हो जाएगी
बैठक में डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने कहा कि डड्डूमाजरा में गवर्नर हाउस बना दें, डंपिंग ग्राउंड की समस्या का समाधान हो जाएगा। निगम अब तक करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन इस में पूरी तरह विफल रहा है। चंडीगढ़ में लगे सीसीटीवी कैमरों पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं जबकि चोरियां और सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं। ऑनलाइन शिकायतों का पुलिंदा लोगों के सामने रखा गया, लेकिन असल में इसका लाभ तो किसी को मिल ही नहीं रहा। पेड़ काटने के लिए आज भी कई विभागों में आवेदन घूमता रहता है। दक्षिण के सेक्टरों में सफाई की काफी समस्या है।
मनोनीत पार्षदों के चयन पर फिर उठा सवाल
मनोनीत पार्षदों के चयन को लेकर बैठक में फिर सवाल उठे। पदाधिकारियों ने कहा कि चयन शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से किया जाता है जो जाति, पंथ, धर्म और राजनीतिक संबद्धता से मुक्त होते हैं। सीएचबी मॉडर्न हाउसिंग कांप्लेक्स फ्लैट सेक्टर-13 के प्रधान कर्नल गुरसेवक सिंह ने कहा कि लगभग 300 आवेदन आए थे, लेकिन राजनीतिक लोगों की इसमें नियुक्ति कर दी गई।