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चार्जशीट से एस्टेट ऑफिस के वीडियो समेत कई दस्तावेज गायब, पुलिस ने जांच ही सही नहीं की

Tue, 18 May 2021 01:49 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 01:49 AM IST
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Many documents including estate office video missing from the charge sheet, police did not correct the investigation
चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित करोड़ों की कोठी हथियाने के मामले में जिला अदालत में सोमवार को डीएसपी रामगोपाल के भाई सतपाल डागर के वकील ने जिला अदालत में एक आवेदन दायर किया है। उन्होंने चार्जशीट में गायब दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है। अदालत ने पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।
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पिछली सुनवाई पर अदालत में चार्जशीट दायर की गई थी, जिसे पढ़ने के बाद सतपाल डागर के वकील विशाल गर्ग ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चार्जशीट को गैरकानूनी बताया है। उन्होंने कहा कि जो चार्जशीट दायर की गई है, उसमें कई ऐसे दस्तावेज हैं, जो बचाव पक्ष को दिए जाने थे लेकिन पुलिस ने उन दस्तावेजों को जानबूझकर चार्जशीट के साथ अदालत में नहीं दिया। चार्जशीट में अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब हैं। उन्होंने कहा कि कोठी के समझौते के समय मामले के गवाह अनुपम छेत्री ने एस्टेट ऑफिस का एक वीडियो बनाया था। वह वीडियो एक महत्वपूर्ण सुबूत है। इस वीडियो में उनका मुवक्किल सतपाल डागर नहीं है, लेकिन पुलिस ने यह वीडियो चार्जशीट के साथ दिया ही नहीं। इसलिए उस वीडियो को उपलब्ध कराया जाए। विशाल गर्ग ने कहा कि इस मामले में सतपाल डागर की कोई भूमिका नहीं है। उसे गिरफ्तार करके जबरदस्ती मामले के साथ जोड़ दिया गया है। वह जल्द ही सतपाल की जमानत याचिका अदालत में दायर करेंगे। असलियत का खुलासा करने के लिए जल्द से जल्द मामले का ट्रायल शुरू करने की मांग उठाई है।
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2 मार्च 2021 को पुलिस ने सेक्टर 37 निवासी राहुल मेहता को यातनाएं देकर कोठी हथियाने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने पत्रकार संजीव महाजन, डीएसपी रामगोपाल के भाई सतपाल डागर, प्रॉपर्टी खरीदने वाले मनीष गुप्ता और सेक्टर-39 थाने के पूर्व एसएचओ राजदीप सिंह को गिरफ्तार किया था। अन्य आरोपी शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, खलिंदर सिंह कादियान, दलजीत सिंह उर्फ रुबल, अशोक अरोड़ा उर्फ मनु, शेखर, सौरभ गुप्ता फरार चल रहे हैं। हालांकि एक आरोपी सुरजीत बाउंसर की मौत हो चुकी है। कई आरोपियों पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किए हुए हैं।
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क्या है सतपाल डागर की भूमिका
खलिंदर सिंह कादियान और सतपाल डागर दोनों अच्छे दोस्त हैं। दोनों राजस्थान में माइनिंग का काम करते थे। चार्जशीट के मुताबिक दोनों के खाते में पैसे भी ट्रांसफर हुए थे। इसके अलावा गुरप्रीत सिंह उर्फ मनी भी सतपाल डागर का स्कूल के समय का दोस्त था। सतपाल डागर पर गुरप्रीत सिंह को नकली राहुल मेहता बनाकर लाने का आरोप है।

दलजीत सिंह ने दायर की अग्रिम जमानत याचिका
मामले के आरोपी दलजीत सिंह उर्फ रूबल ने भी जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। आरोपी ने याचिका में कहा कि उसकी मामले में कोई भूमिका नहीं है। कोठी के लेनदेन से उसे कोई लाभ नहीं मिला है। पुलिस ने जानबूझकर उसे मामले में झूठा फंसाया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान आरोपी की जमानत पर फैसला हो सकता है। दलजीत पर संजीव महाजन और सुरजीत बाउंसर के साथ षड्यंत्र में शामिल होकर कोठी अपने नाम कराने का आरोप है।
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