Haryana: हरियाणा के लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को 48 हजार की सब्सिडी, पढ़ें- कैबिनेट के अन्य फैसले
सरकारी कर्मचारियों को मेडिक्लेम का लाभ आयुष चिकित्सा पद्धति के तहत भी दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया कि कई कर्मचारी आयुर्वेद पद्धति से भी इलाज करवा रहे थे। उन्हें अपने बिलों की प्रतिपूर्ति करवाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए सरकार ने आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति का मसौदा तैयार किया।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनेाहर लाल की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने 33 एजेंडे मंजूर किए हैं। कैबिनेट ने निवेश को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत हरियाणा के लोगों को रोजगार देने के लिए उद्योगों की सब्सिडी 36 हजार से बढ़ाकर 48 हजार कर दी है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी मेडिक्लेम प्रतिपूर्ति का लाभ एलोपेथी के अलावा आयुष उपचार में भी ले सकेंगे। 20 साल पुरानी नगर निकाय की संपत्तियों के मालिकाना हक की जो नीति सरकार ने बनाई थी, उसका विस्तार करते हुए यह अधिकार अन्य विभागों को भी दे दिया गया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि बी, सी और डी कैटेगरी में नए उद्योग लगाने और 75 प्रतिशत रोजगार हरियाणा के युवाओं को देने पर अब उद्योगपतियों को प्रति कर्मचारी के हिसाब से 48 हजार रुपये सालाना सब्सिडी मिलेगी। अभी तक यह सब्सिडी 36 हजार रुपये थी।
सरकार के मुताबिक 40 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले राज्य के कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए रोजगार सृजन सब्सिडी देने का सुझाव दिया गया था। इसके साथ ही सब्सिडी मिलने की अवधि भी तीन साल बढ़ाकर 10 साल कर दी गई है। पहले यह सब्सिडी सात वर्ष के लिए मिलती थी। बैठक में हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 में संशोधन की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने एसजीएसटी (राज्य गुड्स एंड सर्विस टैक्स) प्रतिपूर्ति व निवेश सब्सिडी को 50 प्रतिशत पर कैपिंग करने का निर्णय लिया। बशर्ते निवेशक फर्म ने अधिकतम एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति का 50 प्रतिशत भुगतान किया हो।
अप्रैल 2023 से उत्पादन करने वाली फर्म को मिलेगा लाभ
एसजीएसटी की दर और रोजगार सृजन सब्सिडी में बदलाव उन उद्योगों पर लागू होगा जो एक अप्रैल 2023 या उसके बाद उत्पादन कर रहे हैं। जिन उद्योगों ने पहले ही आवेदन कर दिया है और एसजीएसटी और रोजगार सृजन योजना के तहत प्रोत्साहन ले रहे हैं, उन्हें पुरानी दर से लाभ मिलेगा। मेगा परियोजनाओं और अल्ट्रा-मेगा परियोजनाओं के लिए एसजीएसटी तथा रोजगार सृजन योजना की प्रोत्साहन राशि हरियाणा उद्यम संवर्धन बोर्ड से स्वीकृत एक अप्रैल 2023 से पहले के समान रहेगी।
20 साल पुरानी संपत्तियों पर मिलेगा मालिकाना हक
अभी तक सरकार नगर निकाय के तहत आने वाली संपत्तियों पर काबिज 20 साल या इससे अधिक पुराने किरायेदारों को कुछ रकम लेकर मालिकाना हक दे रही थी। सर्वे में सामने आया कि कई संपत्तियां ऐसी हैं, जिनका मालिकाना हक किसी अन्य विभाग के पास है और निकाय विभाग किराया या तहबाजारी वसूल रहा है। ऐसी संपत्तियां चिह्नित होने के बाद इनका मालिकाना हक उन पर काबिज किरायेदारों को दिया जाएगा।
आयुष चिकित्सा पद्धति में भी मेडिक्लेम का लाभ
सरकारी कर्मचारियों को मेडिक्लेम का लाभ आयुष चिकित्सा पद्धति के तहत भी दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया कि कई कर्मचारी आयुर्वेद पद्धति से भी इलाज करवा रहे थे। उन्हें अपने बिलों की प्रतिपूर्ति करवाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए सरकार ने आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति का मसौदा तैयार किया। सभी सरकारी आयुष संस्थान, निजी आयुष अस्पताल, जिनके पास एनएबीएच प्रमाणपत्र और प्रदेश स्तर के एनएबीएच प्रमाण पत्र हैं, उन्हें इस नीति के तहत सूचीबद्ध किया जाएगा। उमर उजाला ने सरकार के इस फैसले की जानकारी 31 मार्च के अंक में ही दे दी थी।
कैबिनेट के अन्य फैसले
- हरियाणा कौशल विकास तथा औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, ग्रुप (ख) निदेशालय तथा क्षेत्रीय कार्यालय, सेवा नियम, 2023 को मंजूरी।
- बकाया लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क और उस पर लागू ब्याज जमा करने में चूक करने वाले कॉलोनाइजरों के लिए एकमुश्त समाधान योजना।
- ग्रुप-सी और डी के पदों पर सामान्य पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन करने वालों को पंजीकरण के समय आधार प्रमाणित करना होगा।
- कॉमन विलेज नियम 1964 में संशोधन को मंजूरी।
- गोशाला स्थापित करने और चारे की खेती के लिए सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं शामलात भूमि को 20 वर्ष के लिए पट्टे पर ले सकेंगी।
- सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी 2023 के विधेयक को मंजूरी।
- रेशनलाइजेशन आयोग की संरचना और कार्य क्षेत्र के बारे में अधिसूचना को कार्योत्तर स्वीकृति मिली।