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एचपीएससी में फर्जीवाड़ा: उप सचिव नागर के हाथ में थी भर्तियों की मास्टर चाबी, अश्वनी के साथ मिलकर देते थे अंजाम
Sun, 21 Nov 2021 12:43 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 21 Nov 2021 12:43 AM IST
सार
हरियाणा विजिलेंस हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के उप सचिव अनिल नागर व उनके सहयोगियों से अब तक 2.10 करोड़ रुपये बरामद कर चुकी है। आरोप है कि परीक्षा में अंक बढ़ाने के नाम पर यह रकम ली गई थी। विजिलेंस ने आयोग के कार्यालय में छापा मारकर अनिल नागर को गिरफ्तार किया था।
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अनिल नागर
- फोटो : फाइल
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विस्तार
डेंटल सर्जन और एचसीएस भर्ती की मास्टर चाबी हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के उप सचिव अनिल नागर के हाथ में थी। यह खुलासा नागर ने विजिलेंस पूछताछ में किया है। डेंटल सर्जन की लिखित परीक्षा में नंबर बढ़ाने के लिए लाखों रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार एचसीएस अनिल नागर और उसके सहयोगियों से कई घंटे पूछताछ चली।
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नागर ने बताया कि वह अश्वनी के साथ मिलकर शीट निकालकर स्कैनिंग करता था। इसके बाद अंक बढ़ाने के खेल को अंजाम देने के बाद री-स्कैनिंग करता था। हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी सरीफ सिंह ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि नागर किसकी शह पर आयोग की भर्तियों में नंबर बढ़ाने के लिए पैसे लेता था। पैसा किस-किस को जाता था, इसकी भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच अधिकारी नागर से यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि उनके सिर पर किसका हाथ है।
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जांच अधिकारियों ने नागर के करीबियों, जानकारों व मोबाइल पर अधिक बात करने वालों को सूचीबद्ध कर पूछताछ के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। नागर के जब्त मोबाइल फोन, कॉल डिटेल समेत बरामद किए गए दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस की जांच आगे बढ़ रही है।
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शुक्रवार को मामले की जांच कर रहे एसपी हिमांशु गर्ग, डीएसपी सरीफ सिंह व उनकी टीम ने नागर के दोस्तों और सगे संबंधियों से गहन पूछताछ की। कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इनमें एचपीएससी के कुछ कर्मचारी व अधिकारी भी शामिल हैं। विजिलेंस का मानना है कि अकेला अधिकारी इतनी बड़ी रकम और इतना बड़ा फर्जीवाड़ा नहीं कर सकता है।