नियुक्तिः हरियाणा के नए डीजीपी बने मनोज यादव, आईबी के अतिरिक्त निदेशक के पद पर हैं तैनात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 19 Feb 2019 09:13 AM IST
हरियाणा के नए डीजीपी
हरियाणा के नए डीजीपी
विज्ञापन
ख़बर सुनें
हरियाणा पुलिस के नए डीजीपी 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज यादव बने हैं। प्रदेश सरकार ने डीजीपी पद पर उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ निवासी यादव को नियुक्त किया है। वर्तमान में आईपीएस मनोज यादव इंटेलिजेंस ब्यूरो में अतिरिक्त निदेशक के पद पर तैनात हैं। यूपीएससी की ओर से नए डीजीपी के लिए प्रदेश सरकार को भेजे गए तीन नामों में सबसे टॉप पर वही थे। 
विज्ञापन


सरकार ने सोमवार देर रात उनके नियुक्ति आदेश जारी कर दिए। यादव 31 जुलाई 2025 को रिटायर होंगे। यादव का डीजीपी पद पर कार्यकाल पदभार संभालने से दो साल की अवधि तक होगा। हरियाणा के एडीजीपी रैंक के अधिकारी मनोज यादव को प्रदेश सरकार ने नियुक्ति की प्रतिलिपि भेज दी है ताकि वह गृह मंत्रालय से रिलीव होकर डीजीपी पद पर कार्यभार संभाल सकें।


 यूपीएससी की ओर से तीन नामों का पैनल प्रदेश सरकार को भेजा गया था। उसमें मनोज यादव के अलावा आईपीएस के. सेल्वराज और केके सिंधू का नाम शामिल था। सरकार ने आईपीएस के तौर पर अभी लंबे कार्यकाल वाले मनोज यादव को नियुक्ति दी है।

2003 में ओपी और अभय से टकराव पर चले गए थे केंद्र में
मनोज यादव 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओपी चौटाला और इनेलो के वरिष्ठ नेता व विधायक अभय चौटाला से टकराव के चलते केंद्र में डेपुटेशन पर चले गए थे। मनोज हरियाणा में विभिन्न जिलों में एसपी रहने के साथ ही चंडीगढ़ में एसपी ट्रैफिक और एसपी सिक्योरिटी भी रह चुके हैं। उन्हें मिलनसार और स्पष्टवादी अफसर माना जाता है।

बेटा आदित्य विक्रम 2018 में बना आईएएस

नए डीजीपी मनोज यादव का बेटा आदित्य विक्रम यादव असम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। 2018 में यूपीएससी परीक्षा में आदित्य ने 72वीं रैंक हासिल की थी। मनोज यादव अलीगढ़ के अकबराबाद क्षेत्र के गांव टुआमई के हैं। मनोज के बेटे आदित्य ने पांचवीं की पढ़ाई हरियाणा में ही की है। 2016 में आदित्य ने यूपीएससी परीक्षा में 302वीं रैंक हासिल की थी, लेकिन आईआरएस में जाने पर ज्वाइन नहीं किया।

9 आईपीएस अफसरों का भेजा था केंद्र को पैनल
हरियाणा सरकार ने यूपीएससी को नौ आईपीएस अफसरों का नाम नए डीजीपी के लिए भेजा था। केंद्र में आईटीबीपी डीजी एसएस देसवाल ने हरियाणा आने से इंकार कर दिया। ऐसे में यूपीएससी के पास ऐसे चार अफसर बचे, जिनका कार्यकाल दो साल से ज्यादा था। इनमें 1988 बैच के केंद्र में डेपुटेशन पर तैनात मनोज यादव, 1986 बैच के डीजी केके संधू, 1985 बैच के डीजी जेल के. सेल्वराज और 1988 बैच के डीजी क्राइम पीके अग्रवाल शामिल रहे। 

अग्रवाल इनमें सबसे जूनियर हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि मनोज यादव, केके संधू और के. सेल्वराज का नाम ही पैनल में आना तय है। केपी सिंह, पीआर देव, विनय कुमार सिन्हा, केके मिश्रा का कार्यकाल कम होने के चलते उनके नाम पर विचार ही नहीं हुआ। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00