निष्ठा पर संदेह के चलते नपे आईपीएस विनोद कुमार, किए जाएंगे रिटायर, 14 अधिकारी पाए गए फिट
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हरियाणा सरकार ने भ्रष्ट आचरण वाले आईपीएस अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है। संदिग्ध निष्ठा के दायरे में आने पर सबसे पहले गाज आईपीएस विनोद कुमार पर गिरी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आईपीएस अधिकारी विनोद कुमार को उनकी संदिग्ध निष्ठा के चलते तीन महीने के नोटिस के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी।
यह प्रस्ताव हरियाणा सरकार की समीक्षा समिति ने स्वीकृति के लिए सीएम को भेजा था। इस प्रस्ताव में 14 आईपीएस अधिकारियों को सरकारी सेवा में बने रहने के लिए फिट पाया गया है। इन अधिकारियों ने 15 और 25 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है और 50 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं। इन अधिकारियों ने आईपीएस में शामिल होने के बाद 5 वर्ष की सेवा भी पूरी कर ली है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 15 आईपीएस अधिकारियों के गोपनीय रिकॉर्ड और उपलब्ध सामग्री का आकलन करने पर पाया गया कि विनोद कुमार को छोड़कर 14 अधिकारी पुन सेवा के लिए फिट हैं।
सरकारी सेवा में बने रहने के लिए उपयुक्त पाए गए 14 आईपीएस अधिकारियों में विकास धनखड़, कुलदीप सिंह, कृष्ण मुरारी, शिव चरण, बलवान सिंह, राकेश आर्य, सतेंद्र कुमार गुप्ता, बी सथीश बालन, आलोक मित्तल, श्रीकांत जाधव, कला रामचंद्रन, नवदीप सिंह विर्क, डॉ. सीएस राव और डॉ. एम. रवि किरण शामिल हैं।
आकलन में यह पाया गया है कि पहली अप्रैल 2015 से 31 जुलाई 2015 की अवधि के दौरान विनोद कुमार के पीएआर यानि परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट में संदिग्ध निष्ठा को इंगित किया गया है।
स्थानांतरण और नियुक्तियों के लिए प्रभाव का किया प्रयोग
आईपीएस विनोद कुमार ने ट्रैफिक विभाग में विशेष स्थानों पर पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण और नियुक्ति के लिए अपने प्रभाव का प्रयोग किया था। सरकार ने विनोद कुमार को निलंबित भी कर दिया गया, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है। पीएआर की रिपोर्टिंग को अंतिम रूप दिए जाने से पहले संबंधित अधिकारी को संदेश भी भेजे गए लेकिन विनोद कुमार ने प्रतिकूल टिप्पणियों के विरुद्ध अपना कोई प्रस्तुतिकरण नहीं दिया।
Haryana CM, Manohar Lal Khattar has approved a proposal for compulsory retirement of Vinod Kumar, IPS, after giving him three months notice. The proposal was made by a Review Committee of Haryana Government which also found 14 IPS officers fit for retention in Government service. pic.twitter.com/LyQbQjUUWK
— ANI (@ANI) July 31, 2019