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मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, इस मामले में दोबारा एसआईटी शुरू करेगी जांच
Thu, 20 Jun 2019 08:29 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 20 Jun 2019 08:29 PM IST
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मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ
- फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली में 1984 में हुए सिख कत्लेआम की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के खिलाफ दोबारा जांच शुरू करेगी। एसआईटी ने शिरोमणि अकाली दल को यह जानकारी दी है कि पार्लियामेंटरी स्ट्रीट थाने में हुई हिंसा की जांच फिर शुरू होगी। जिसमें गवाहों का आरोप है कि कमलनाथ भीड़ की अगुवाई कर रहे थे।
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डीएसजीएमसी प्रधान मनजिंदर सिरसा ने कहा कि शिअद के दल ने एसआईटी प्रमुख अनुराग से मिल कर उन्हें गवाहों के नाम और गवाहियां सौंपी थीं। एसआईटी ने आश्वासन दिया था कि इस मामले में पत्रकार संजय सूरी व मुख्तियार सिंह समेत गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। गौरतलब है कि पार्लियामेंटरी स्ट्रीट थाने में हुई हिंसा में पांच आरोपियों को बरी किया जा चुका है।
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सिरसा ने बताया कि गृह मंत्रालय भी जांच टीम को सामने आए नए सबूतों की जांच के लिए कह चुका है। जिसके बाद एसआईटी ने शिअद से सबूत देने को कहा था। अकाली दल ने सिखों का कत्लेआम करने और गुरुद्वारा रकाबगंज में आग लगाने वाली भीड़ का नेतृत्व करने के संबंध में कमलनाथ की भूमिका से संबंधित सभी दस्तावेज एसआईटी को सौंप दिए हैं।
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सिरसा ने कहा कि ताजा घटनाक्रम से शिअद में उम्मीद की किरण जगी है कि कत्लेआम में भूमिका के लिए कमलनाथ को तीन माह में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हम एसआईटी को शपथ पत्र देकर गवाहों के बयान दर्ज करने की अपील कर चुके हैं। साथ ही यह भी मांग की है कि कमलनाथ का नाम एफआईआर में दर्ज किया जाए।