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शहर की राजनीति पर मनीष तिवारी खुलकर आए सामने
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sun, 27 Dec 2015 10:54 AM IST
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पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी खुलकर चंडीगढ़ की राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। शनिवार को तिवारी पहली बार चंडीगढ़ की राजनीति के मुद्दे पर बोले।
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सेक्टर 19 स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में तिवारी ने आगामी नगर निगम चुनाव पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को नसीहत देते हुए कहा है कि वह पार्टी को एकजुट करने का काम करें सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलें। उनका कहना था कि पार्टी मे ऐसा नहीं चलेगा कि कुछ लोग आराम करें और कुछ लोग ही काम करे।
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मालूम हो तिवारी गुट के सक्रिय होने से बंसल गुट में खलबली मची हुई है और कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के करीबी हैं। तिवारी ने कहा कि अगले साल जनवरी माह में एक आनलाइन पोर्टल भी लांच किया जाएगा जो आम जनता और प्रशासन के बीच विचारों के आदान प्रदान में मदद करेगा।
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प्रेसवार्ता में तिवारी ने शहर में मेयर इन काउंसिल के साथ साथ मेयर प्रत्यक्ष तौर पर चुने जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि नगर निगम को पूरे अधिकार मिलने चाहिए क्योंकि शहरवासियों की अधिकतर समस्याएं नगर निगम से संबंधित ही होती हैं। उनका कहना है कि पोर्टल की मदद से पता लगेगा कि शहरवासी क्या चाहते हैं। उनका कहना है कि जनता की राय पर ही प्रस्ताव तैयार होने चाहिए और सदन में भी उन प्रस्तावों पर चर्चा होनी चाहिए।
मनोनीत पार्षद नहीं होने चाहिए
पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी से जब मनोनीत पार्षदों को मेयर चुनाव में वोटिंग का अधिकार दिए जाने और न दिए जाने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनका निजी विचार यह है कि मनोनीत पार्षद नहीं होने चाहिए। नगर निगम में निर्वाचित पार्षद ही होने चाहिए। प्रशासन को इस मुद्दे पर लोगों की राय लेनी चाहिए। अगर किसी को मनोनीत करना है तो इसके लिए भी लोगों की राय ली जाए। मालूम हो कि मनीष तिवारी की मां डा. अमृत तिवारी इस समय नगर निगम की मनोनीत पार्षद है।
कांग्रेस को आंदोलन छेड़ना चाहिए
बसपा पार्षद जन्नत जहां और उनके पति पर पंचकूला में हुए हमले पर तिवारी ने कहा कि यह गलत हुआ है। इसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी को आंदोलन छेड़ना चाहिए।
बस्सी को बनाना चाहिए मेयर पद का उम्मीदवार
मनीष तिवारी ने कहा कि वह चाहते हैं कि मुकेश बस्सी को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया जाए। मेयर चुनाव जिताने के लिए जो प्रदीप छाबड़ा की ओर से जो निर्देश मिलेगा उसके अनुरूप मदद करेंगे।
अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी 40 माह का समय है। वह इस बारे में नहीं सोच रहे हैं। टिकट पार्टी हाईकमान तय करता है। अभी उनका टारगेट नगर निगम से जुड़े मामले हैं जिनके लिए वह काम करेंगे। प्रेसवार्ता में पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली और चंद्रमुखी शर्मा भी मौजूद रहे।
सरकारी आवास पर उठाया सवाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने सांसद किरण खेर के शहर में मिले सरकारी आवास पर सवाल उठाया है। तिवारी का आरोप है कि अपना घर शहर में होने के बावजूद उन्होंने प्रशासन ने सरकारी मकान लिया हुआ है जबकि दिल्ली में भी सरकारी घर लिया हुआ है। तिवारी का कहना है कि दो सरकारी घर लेना नियमों के खिलाफ है।
पद नहीं सम्मान चाहते हैं: पाली
प्रेसवार्ता में पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली ने कहा कि जिस तरह से पूर्व केंद्रीय मंत्री तिवारी सोचते हैं वैसी सोच पवन बंसल की नहीं है। बंसल की ओर से सीनियर नेताओं को इग्नोर किया जा रहा है। पार्टी में नेता और कार्यकर्ता पद नहीं सम्मान चाहते हैं जो कि बंसल नहीं दे पा रहे हैं।
पार्टी की गतिविधियों में हस्तक्षेप न करे बंसल: चंद्रमुखी
पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा ने कहा कि इस समय कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा हैं, लेकिन बंसल अध्यक्ष की तरह काम कर रहे हैं । पवन बंसल पार्टी की गतिविधियों में हस्तक्षेप न करके अध्यक्ष को काम करने दें। उनका आरोप है कि जो घोषणाएं पार्टी अध्यक्ष को करनी चाहिए वह बंसल कर रहे हैं।