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Chandigarh News: अमेरिका से संभावित कृषि समझौते पर मनीष तिवारी ने सरकार से मांगा जवाब
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चंडीगढ़। कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने अमेरिका के साथ संभावित कृषि व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से आ रहे बयानों से संकेत मिलते हैं कि भारत के कृषि बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोल दिया गया है, जो किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
प्रेसवार्ता से बातचीत में तिवारी ने कहा कि अमेरिकी कृषि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से बयान देकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बधाई दी और दावा किया कि भारत के बाजार अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खुले हैं। ऐसे बयानों से किसानों के भविष्य और घरेलू बाजार की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। तिवारी ने कहा कि यह मुद्दा संवेदनशील है और यदि ऐसे दावे किए जा रहे हैं तो सरकार को इसकी सच्चाई देश के सामने रखनी चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने संसद में काम रोको प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संभावित समझौते की शर्तें पारदर्शी रूप से सदन में रखी जानी चाहिए और किसानों के हितों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सांसद ने कहा कि भारत के कृषि बाजार और किसानों की सुरक्षा के लिए सरकार को पूरी जानकारी देने और स्पष्ट जवाब देने की जिम्मेदारी है, ताकि देश और किसान भरोसे में रहें।
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प्रेसवार्ता से बातचीत में तिवारी ने कहा कि अमेरिकी कृषि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से बयान देकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बधाई दी और दावा किया कि भारत के बाजार अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खुले हैं। ऐसे बयानों से किसानों के भविष्य और घरेलू बाजार की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। तिवारी ने कहा कि यह मुद्दा संवेदनशील है और यदि ऐसे दावे किए जा रहे हैं तो सरकार को इसकी सच्चाई देश के सामने रखनी चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने संसद में काम रोको प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संभावित समझौते की शर्तें पारदर्शी रूप से सदन में रखी जानी चाहिए और किसानों के हितों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सांसद ने कहा कि भारत के कृषि बाजार और किसानों की सुरक्षा के लिए सरकार को पूरी जानकारी देने और स्पष्ट जवाब देने की जिम्मेदारी है, ताकि देश और किसान भरोसे में रहें।
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