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'छेड़छाड़ मामले में फंसाया जा रहा है मुझे'

Wed, 18 Dec 2013 08:41 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 18 Dec 2013 08:41 AM IST
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manipulating case of Associate Professor of PU

एसोसिएट प्रोफेसर से छेड़छाड़ के मामले में पेक पूर्व डायरेक्टर और मनोज दत्ता और डिप्टी डायरेक्टर एएम कालरा ने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा।

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मनोज दत्ता ने रजिस्ट्री भेजकर जबकि कालरा ने खुद आईजी के समक्ष पेश होकर अपनी बात रखी। इस समय दत्ता की पोस्टिंग आईआईटी दिल्ली में है।

मामला दर्ज होने के 12 दिन बाद डिप्टी डायरेक्टर कालरा मंगलवार को सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में गए। उन्होंने आईजी आरपी उपाध्याय को बताया कि एसोसिएट प्रोफेसर झूठे आरोप लगा रही है।
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कालरा ने 2010 से लेकर अभी तक की शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई के सारे कागजात आईजी को सौंपे। इसके अलावा उन्होंने एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा दिया गया एफिडेविट भी जमा करवाया।
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इस एफिडेविट के मुताबिक जून 2010 में महिला प्रोफेसर ने कहा था कि उसकी शिकायत सेक्सुअल हरासमेंट की नहीं है। आईजी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

वहीं दिल्ली आईआईटी में तैनात पेक के पूर्व डायरेक्टर मनोज दत्ता ने आईजी को रजिस्ट्री भेजकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में गलत फंसाया गया है। उन्होंने एसोसिएट प्रोफेसर की शिकायतों की जांच की है।

चैंबर में बुलाकर छेड़छाड़ करने का लगाया है आरोप
पेक  की एसोसिएट प्रोफेसर की शिकायत पर सेक्टर-11 थाना पुलिस ने हाल ही में मनोज दत्ता और कालरा पर छेड़छाड़, नाम बदनाम करने और बेइज्जत करने का मामला दर्ज किया है।

महिला ने आरोप लगाए थे कि 2009 में सिविल विभाग के एचओडी (मौजूदा डिप्टी डायरेक्टर) आदित्य मोहन कालरा ने बहाने से उन्हें चैंबर में बुलाया और छेड़छाड़ की। जब उसने विरोध किया तो चुप रहने की धमकी दी।


उसके बाद कालरा ने पेक के परिसर में ही उन्हें अश्लील शब्द बोले। उन्होंने मामले की शिकायत पेक के तत्कालीन डायरेक्टर मनोज दत्ता को दी।

मनोज दत्ता ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की और कालरा को बचाने में लग गए। डायरेक्टर दत्ता और कालरा ने मिलकर क्लास में न पढ़ाने का बहाना बनाकर एक अक्तूबर 2010 को उसे निलंबित कर दिया।

सात जुलाई 2011 को उसे बहाल किया गया। इसकी शिकायत उसने पुलिस को दी थी। सत्रह अगस्त 2013 को उन्होंने अपने केस का स्टेटस पूछा था। पुलिस ने कानूनी राय लेने के बाद सात दिसंबर को कालरा और दत्ता पर मामला दर्ज किया था।

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