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मनीमाजरा में अब 24 घंटे पानी के प्रोजेक्ट को सांझेदारी में चलाने की तैयारी, पहली बार किए गए टेंडर में नहीं थी कोई कंपनी
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चंडीगढ़। मनीमाजरा में 24 घंटे 7 दिन पानी सप्लाई प्रोजेक्ट को अब दो कंपनी मिलकर तैयार कर सकती हैं। पिछली बार किए गए टेंडर में किसी कंपनी के न आने से यह फैसला लिया गया है।
मंगलवार को बैठक में स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत मनीमाजरा में 24 घंटे 7 दिन पानी सप्लाई का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। 160 करोड़ की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल भी तय कर दी गई है। इसमें 15 साल के मेंटीनेंस और ऑपरेशन के अलावा 13,500 स्मार्ट मीटर लगाया जाना भी शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी की ओर से दिसंबर 2018 और 2019 में टेंडर कॉल किया गया था, लेकिन कोई कंपनी आगे नहीं आई।
इसके बाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड की टेक्निकल कमेटी ने स्मार्ट मीटरिंग करने का एजेंडा भी पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करने को कहा। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल डाटा एक्यूजेशन) बनाया जाएगा। जहां पर कर्मचारी बैठकर मनीमाजरा की वाटर सप्लाई लाइन में फॉल्ट, लीकेज या टूटने का पता लगा सकेंगे। लाइन पर अवैध कनेक्शन लगाकर पानी चोरी करने वालों का भी स्काडा से ही पता चल सकेगा। लाइन में फॉल्ट आने पर कंट्रोल रूम से एरिया एसडीओ और जेई के मोबाइल पर मैसेज जाएगा। इसके बाद लाइनें दुरुस्त होंगी। मंगलवार को बैठक के बाद तय हुआ कि इस प्रोजेक्ट को अब 2 कंपनी मिलकर कर सकती हैं, जिससे कि अब इस प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा से ज्यादा कंपनी दावेदारी पेश कर सकें।
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मंगलवार को बैठक में स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत मनीमाजरा में 24 घंटे 7 दिन पानी सप्लाई का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। 160 करोड़ की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल भी तय कर दी गई है। इसमें 15 साल के मेंटीनेंस और ऑपरेशन के अलावा 13,500 स्मार्ट मीटर लगाया जाना भी शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी की ओर से दिसंबर 2018 और 2019 में टेंडर कॉल किया गया था, लेकिन कोई कंपनी आगे नहीं आई।
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इसके बाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड की टेक्निकल कमेटी ने स्मार्ट मीटरिंग करने का एजेंडा भी पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करने को कहा। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल डाटा एक्यूजेशन) बनाया जाएगा। जहां पर कर्मचारी बैठकर मनीमाजरा की वाटर सप्लाई लाइन में फॉल्ट, लीकेज या टूटने का पता लगा सकेंगे। लाइन पर अवैध कनेक्शन लगाकर पानी चोरी करने वालों का भी स्काडा से ही पता चल सकेगा। लाइन में फॉल्ट आने पर कंट्रोल रूम से एरिया एसडीओ और जेई के मोबाइल पर मैसेज जाएगा। इसके बाद लाइनें दुरुस्त होंगी। मंगलवार को बैठक के बाद तय हुआ कि इस प्रोजेक्ट को अब 2 कंपनी मिलकर कर सकती हैं, जिससे कि अब इस प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा से ज्यादा कंपनी दावेदारी पेश कर सकें।
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