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गुरुद्वारा साहिब के लिए आस्था ऐसी कि दिल खुश हो जाए, दिलचस्प मामला
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली(पंजाब)
Updated Wed, 13 Dec 2017 09:34 AM IST
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Mohali News
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के मोहाली के गांव सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां में कार सेवा के लिए एक दानी सज्जन ने फोर्ड ट्रैक्टर दान किया। ट्रैक्टर गुप्त रूप से दान में दिया गया। दानी सज्जन ट्रैक्टर में चाबी लगाकर गुरुद्वारा साहिब में छोड़ गया था।
इस बारे में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख भाई संत सिंह ने बताया कि सुबह के समय कोई दानी ट्रैक्टर गुरुद्वारा साहिब के निशान साहिब जी के पास खड़ा करके चला गया। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब के पहरेदार ने जब ट्रैक्टर देखा तो उन्होंने इस बारे में प्रबंधकों को सूचित किया। जब प्रबंधकों ने दस्तावेज, बीमा के दस्तावेज देखेे तो यह गुरुद्वारा शहीदां सोहाना के नाम पर है। इन कागजों के साथ दानी सज्जन की तरफ से एक चिट्ठी भी लिखी थी।
जिसमें लिखा था कि दास इस शहीदी स्थान पर चल रही कार सेवा से बहुत प्रभावित है। इस स्थान पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के होते आदर सत्कार व कार सेवा देखकर उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर पर लगने वाला सारा सामान भी लगवा दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रबंधक कमेटी व सेवादारों की तरफ से इकट्ठे होकर कड़ाह प्रसाद की देग सजा के अरदास करवाई गई। प्रबंधक कमेटी के मुखी भाई संत सिंह ने इस मौके इस स्थान की संगतों बहुत मान्यता है।
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इस बारे में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख भाई संत सिंह ने बताया कि सुबह के समय कोई दानी ट्रैक्टर गुरुद्वारा साहिब के निशान साहिब जी के पास खड़ा करके चला गया। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब के पहरेदार ने जब ट्रैक्टर देखा तो उन्होंने इस बारे में प्रबंधकों को सूचित किया। जब प्रबंधकों ने दस्तावेज, बीमा के दस्तावेज देखेे तो यह गुरुद्वारा शहीदां सोहाना के नाम पर है। इन कागजों के साथ दानी सज्जन की तरफ से एक चिट्ठी भी लिखी थी।
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जिसमें लिखा था कि दास इस शहीदी स्थान पर चल रही कार सेवा से बहुत प्रभावित है। इस स्थान पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के होते आदर सत्कार व कार सेवा देखकर उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर पर लगने वाला सारा सामान भी लगवा दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रबंधक कमेटी व सेवादारों की तरफ से इकट्ठे होकर कड़ाह प्रसाद की देग सजा के अरदास करवाई गई। प्रबंधक कमेटी के मुखी भाई संत सिंह ने इस मौके इस स्थान की संगतों बहुत मान्यता है।
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पहले भी ऐसे लोग कर चुके हैं दान
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पहले भी ऐसे लोग कर चुके हैं दान
इससे पहले भी इस स्थान की पर लोगों द्वारा काफी समय सामान अर्पित किया गया। इसमें एसी बस, क्वालिस, स्कार्पियो, मारुति वरसा, महिंद्रा जाइलों गाड़ियां भेंट की गईं। इसके अलावा कार सेवा के लिए टाटा 207, टाटा-709, दो महिंद्रा अर्जुन ट्रैक्टर, दो स्वराज 724 ट्रैक्टर, महिंद्रा पिकअप, महिंद्रा बोलेरो, टाटा एलपी ट्रक, अशोक लेलैंड ट्रक, तीन मोटरसाइकिल व बेअंत धन, सोना आदि भेंट की गई।
क्रिकेट स्टार भी यहां लगाते हैं हाजिरी
गुरुद्वारा सिंह शहीदां पावन स्थल है। यहां पर माथा टेकने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। इतना ही नहीं भारतीय टीमें कई सितारे भी यहां आकर शीष झुकाते हैं। इतना ही नहीं जब पाकिस्तान व इंडिया के बीच 2013 में वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल हुआ था तो इंडिया टीम के कई खिलाड़ी यहां आकर जीत के लिए अरदास कर गए थे।
इससे पहले भी इस स्थान की पर लोगों द्वारा काफी समय सामान अर्पित किया गया। इसमें एसी बस, क्वालिस, स्कार्पियो, मारुति वरसा, महिंद्रा जाइलों गाड़ियां भेंट की गईं। इसके अलावा कार सेवा के लिए टाटा 207, टाटा-709, दो महिंद्रा अर्जुन ट्रैक्टर, दो स्वराज 724 ट्रैक्टर, महिंद्रा पिकअप, महिंद्रा बोलेरो, टाटा एलपी ट्रक, अशोक लेलैंड ट्रक, तीन मोटरसाइकिल व बेअंत धन, सोना आदि भेंट की गई।
क्रिकेट स्टार भी यहां लगाते हैं हाजिरी
गुरुद्वारा सिंह शहीदां पावन स्थल है। यहां पर माथा टेकने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। इतना ही नहीं भारतीय टीमें कई सितारे भी यहां आकर शीष झुकाते हैं। इतना ही नहीं जब पाकिस्तान व इंडिया के बीच 2013 में वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल हुआ था तो इंडिया टीम के कई खिलाड़ी यहां आकर जीत के लिए अरदास कर गए थे।