दीपावली से पहले दिया जीवनदान, शख्स ने किया ये महान काम
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दीपावली से पहले समाजसेवी कंवलजीत अंगदान कर ‘नर से नारायण’ बन गए। सेक्टर-43 के रहने वाले कंवलजीत सिंह चिमनी के ब्रेन डेड घोषित होने के तीन दिन बाद ही चार मरणासन्न लोगों को नया जीवन दे गए।
पीजीआई में मरीज के शरीर से दो किडनी और दो कोर्निया को सुरक्षित निकाल लिया। साथ ही लंग्स भी निकाले गए, जो पीजीआई में रिसर्च के काम आएगा, जबकि किडनी को जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट कर दिया गया।
ब्रेन स्ट्रोक के बाद कंवलजीत को फोर्टिस हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन कंवलजीत की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया।
23 अक्तूबर को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। कंवलजीत ने अपने जीवन में दूसरों लोगों की काफी मदद की है। इसलिए परिजनों ने कंवलजीत के अंगों को दान करने की इच्छा जताई थी।
दो किडनी और दो कॉर्निया सुरक्षित निकाली गई
इसके बाद फोर्टिस हॉस्पिटल ने तुरंत रोटो पीजीआई से संपर्क किया। कंवलजीत को पीजीआई लाया गया। कंवलजीत सिंह की पत्नी नरेंद्र कौर ने बताया कि जब तक वे जिंदा रहे, दूसरों के बारे में सोचते रहे। दुनिया से विदा होते हुए भी वे जरूरतमंदों को जीवन दे गए हैं।
उनका कहना है उनके लिए उनके पति आज भी जिंदा है। जिनमें उनके ऑर्गन लगे, उनके माध्यम से वे उन्हें जिंदा देख सकेंगे। रोटो के नोडल ऑफिसर डॉ. विपिन कौशल ने कहा है कि कंवलजीत सिंह पूरे समाज के लिए मिसाल बने हैं। उन्होंने न सिर्फ दूसरों को एक दिशा दिखाई है, बल्कि चार लोगों को नया जीवन भी दिया है।
हार्ट ट्रांसप्लांट की तैयारी जारी :
वहीं पीजीआई में एक 35 वर्षीय ब्रेन डेड महिला पेशेंट का भी अंगदान लिया गया। पेशेंट का हार्ट भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। देर रात तक पीजीआई में हार्ट ट्रांसप्लांट की तैयारी जारी थी। पीजीआई के अधिकारियों ने बताया कि वीरवार सुबह तक ऑपरेशन हो पाएगा। उसके बाद ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।