कांग्रेस दोफाड़: पीएम की सुरक्षा में चूक पर बोले कांग्रेस विधायक ने कहा-ऐसी घटना शर्मनाक, जाखड़ ने भी जताई नाराजगी
पंजाब के फिरोजपुर से कांग्रेस विधायक परमिंदर सिंह पिंकी ने पीएम की सुरक्षा में चूक को लेकर राज्य के डीजीपी को जिम्मेदार ठहराया। पिंकी ने कहा कि डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्हीं की है।
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पीएम की सुरक्षा में चूक मामले में पंजाब कांग्रेस में ही मतभेद होने लगा है। फिरोजपुर शहर से कांग्रेस विधायक परमिंदर सिंह पिंकी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के साथ ऐसी घटना शर्मनाक है। कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की है, लापरवाही के चलते देश के प्रधानमंत्री के साथ ऐसी घटना घटी है। डीजीपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पिंकी ने कहा कि बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की थी और फिरोजपुर में प्रधानमंत्री के स्वागत की जिम्मेदारी उनकी और स्वास्थ्य मंत्री ओपी सोनी की थी। पिंकी ने कहा कि पुलिस मुलाजिम बारिश में अपनी ड्यूटी सही दे रहे थे। जब पता था कि जिस रूट से प्रधानमंत्री आ रहे हैं, वहां पर प्रदर्शनकारी बैठे हैं तो डीजीपी की जिम्मेदारी बनती है कि उनका रूट बदला जाए। नियम मुताबिक डीजीपी को खुद फिरोजपुर में होना चाहिए था, ऐसा हुआ नहीं। प्रधानमंत्री के साथ जो घटना हुई है इसकी जिम्मेदारी डीजीपी की है न की पंजाब सरकार की है।
जाखड़ ने कहा था-ये स्वीकार्य नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक पर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज जो हुआ वह स्वीकार्य नहीं है। यह पंजाब के खिलाफ है। फिरोजपुर में भाजपा की राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए प्रधानमंत्री को एक सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जाना चाहिए था।
सहमति पत्र मिलने के बाद खाली किया रास्ता: पंधेर
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने बयान जारी कर कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत के साथ बैठक करने के बाद कुछ मांगों पर सहमति बन गई है। उक्त सहमति संबंधी उन्हें पत्र मिलने के बाद उन्होंने सड़कों से धरना हटा दिया था। पंधेर ने कहा कि मंगलवार रात तक उनकी जत्थेबंदी ने कुलगढ़ी, तरनतारन, फाजिल्का, जलालाबाद व फिरोजपुर समेत 45 जगहों पर धरने लगा कर सड़कें जाम की थीं।
रात को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत संग तीन दौर की बैठक के बाद उनकी कई मांगों पर सहमति बन गई। एमएसपी गारंटी कानून बनाने और प्रदूषण एक्ट से किसानों को निकालने संबंधी 15 जनवरी को कमेटी गठित करने का फैसला हुआ। इसके अलावा 30 जनवरी तक किसानों पर दर्ज केस वापस लेने पर सहमति बनी है। शेखावत ने अपने लेटर पैड पर किसानों को एक पत्र लिखकर दिया। पंधेर ने कहा कि 45 जगह पर सुबह साढ़े 10 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक सड़कों पर जाम लगा रखा था। जैसे ही उन्हें पत्र मिला उन्होंने सभी जगहों से धरना खत्म कर दिया।