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नवजोत सिद्धू के कांग्रेस में जाने से BJP से ज्यादा शिअद को नुकसान, जानिए कैसे?
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Fri, 10 Feb 2017 09:11 AM IST
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चंडीगढ़ में नवजोत सिद्धू की प्रेस कांफ्रेंस
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कांग्रेस को नवजोत सिद्धू का कितना फायदा होगा, इसका पता तो 11 मार्च को चलेगा, लेकिन बता दें कि सिद्धू के कांग्रेस में जाने से भाजपा से ज्यादा अकाली दल को नुकसान हुआ। भाजपा के कुछ ही नेताओं ने कांग्रेस का दामन था, लेकिन शिअद का तो शहर में गुरप्रताप सिंह टिक्का (साउथ से शिअद उम्मीदवार) के अतिरिक्त कोई नेता दिख ही नहीं रहा है। एक-एक करके शहर के कई बड़े नेताओं ने शिअद का दामन छोड़ दिया।
अधिकांश कांग्रेसी हो गए लेकिन कुछ लोगों ने हाथ में कांग्रेस में जाने के बजाय झाड़ू पकड़ लिया। शिअद के पूर्व जिला प्रधान उपकार सिंह संधू ने लोकसभा के उपचुनाव में आम आदमी पार्टी से ताल ठोकी तो वहीं शिअद के कट्टर समर्थक व आजाद पार्षद अमरजीत सिंह भाटिया ने भी हाथ में झाड़ू उठा लिया। एसजीपीसी सदस्य व शिअद नेता जसविंदर सिंह व कुलजीत सिंह ने भी शिअद छोड़ आप के हो गए।
शिअद की टिकट पर साउथ से विधायक बने इन्द्रबीर सिंह बुलारिया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसी तरह नवदीप सिंह गोल्डी कांग्रेस से राह भटककर शिअद में आए थे, शिअद से टिकट के उम्मीदवार भी थे। इलाके का विकास काम करवाते रहे उधर टिकट कट गई। नवदीप गोल्डी ने दोबारा कांग्रेस का दामन थाम लिया। शिअद के दिग्गज नेता ओमप्रकाश गब्बर, सुरिंदर सिंह सुल्तानविंड, विक्की चींदा, अवतार सिंह ट्रंकावाला भी शिअद छोड़ चुके हैं।
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अधिकांश कांग्रेसी हो गए लेकिन कुछ लोगों ने हाथ में कांग्रेस में जाने के बजाय झाड़ू पकड़ लिया। शिअद के पूर्व जिला प्रधान उपकार सिंह संधू ने लोकसभा के उपचुनाव में आम आदमी पार्टी से ताल ठोकी तो वहीं शिअद के कट्टर समर्थक व आजाद पार्षद अमरजीत सिंह भाटिया ने भी हाथ में झाड़ू उठा लिया। एसजीपीसी सदस्य व शिअद नेता जसविंदर सिंह व कुलजीत सिंह ने भी शिअद छोड़ आप के हो गए।
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शिअद की टिकट पर साउथ से विधायक बने इन्द्रबीर सिंह बुलारिया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसी तरह नवदीप सिंह गोल्डी कांग्रेस से राह भटककर शिअद में आए थे, शिअद से टिकट के उम्मीदवार भी थे। इलाके का विकास काम करवाते रहे उधर टिकट कट गई। नवदीप गोल्डी ने दोबारा कांग्रेस का दामन थाम लिया। शिअद के दिग्गज नेता ओमप्रकाश गब्बर, सुरिंदर सिंह सुल्तानविंड, विक्की चींदा, अवतार सिंह ट्रंकावाला भी शिअद छोड़ चुके हैं।
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कांग्रेस सत्ता में आई तो भाजपा टूटेगी
नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : SELF
अब तक नवजोत सिंह सिद्धू के कांग्रेस में आने से भाजपा को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। शिअद टूटी है, लेकिन 11 मार्च को अगर कांग्रेस सत्ता में आएगी तो कई ऐसे नेता भी हैं जिन्होंने अलग-अलग पार्टियों के टिकट पर चुनाव लड़कर हारने के बाद कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। 11 मार्च कांग्रेस की सत्ता बनती है तो भाजपा आधे से अधिक टूटने की उम्मीद है। कांग्रेस बहुमत में नही आती खिचड़ी सरकार बनती है तो किसी भी सियासी नेता दल बदल नहीं करेगा।
कई पर गिर सकती है गाज
चुनाव में हर पार्टी के बीच बगावत हुई है। बगावत करने वाले लोगों की पहचान पार्टियों ने कर ली है। इंतजार है 11 मार्च का। मतगणना के बाद सियासी पार्टियां अपने पार्टी के बगावत करने वालों की गणना करेंगे। अमृतसर भाजपा ने एससीएसटी सेल के प्रधान सिंकदर चौहान को पार्टी विरोधी नीतियों (चुनाव में दूसरी पार्टी को फायदा पहुंचाने) के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
कई पर गिर सकती है गाज
चुनाव में हर पार्टी के बीच बगावत हुई है। बगावत करने वाले लोगों की पहचान पार्टियों ने कर ली है। इंतजार है 11 मार्च का। मतगणना के बाद सियासी पार्टियां अपने पार्टी के बगावत करने वालों की गणना करेंगे। अमृतसर भाजपा ने एससीएसटी सेल के प्रधान सिंकदर चौहान को पार्टी विरोधी नीतियों (चुनाव में दूसरी पार्टी को फायदा पहुंचाने) के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया है।