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पंजाब का 'माझा' बना हेरोइन और हथियारों की तस्करी का अड्डा, पाकिस्तान से जुड़ा है इतिहास
Sat, 01 Feb 2020 11:56 AM IST
खुशबू गोयल
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 01 Feb 2020 11:56 AM IST
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भारत-पाक बंटवारे के समय जितने लोग भारत में आकर बसे हैं, इनमें से अधिकतर लोग पंजाब के माझा क्षेत्र में बसे हैं, जो हेरोइन व असलहा की तस्करी के धंधे से जुड़े हैं।
अभी तक जितने तस्कर पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों के अलावा बीएसएफ ने पकड़े हैं, उनका इतिहास खंगालने से पता चला है कि इनका पाक से संबंध हैं, वहां के लोगों को जानते हैं और वहां के गांवों के बारे में पता होने के अलावा इनकी भाषा पाकिस्तानी लोगों से बखूबी मिलती है। ये लोग बार्डर के साथ-साथ ही बसे हुए हैं।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, बंटवारे के समय बहुत से लोग पाकिस्तान से उठकर अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट व कुछेक फिरोजपुर में आकर बसे हैं, इनमें से अधिकतर लोग पाकिस्तान से नशीले पदार्थ लाकर बेचने लगे थे।
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तीस साल पहले जो लोग नशीले पदार्थों का कारोबार करते थे अब उनके बच्चे व रिश्तेदार हेरोइन व असलहा तस्करी पाक तस्करों से मिलकर करने लगे हैं। माझा में बैठे अधिकांश लोगों की पाकिस्तानी लोगों के साथ शकल व बोली मिलती जुलती है।
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अभी तक जितने तस्कर पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों के अलावा बीएसएफ ने पकड़े हैं, उनका इतिहास खंगालने से पता चला है कि इनका पाक से संबंध हैं, वहां के लोगों को जानते हैं और वहां के गांवों के बारे में पता होने के अलावा इनकी भाषा पाकिस्तानी लोगों से बखूबी मिलती है। ये लोग बार्डर के साथ-साथ ही बसे हुए हैं।
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खुफिया सूत्रों के मुताबिक, बंटवारे के समय बहुत से लोग पाकिस्तान से उठकर अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट व कुछेक फिरोजपुर में आकर बसे हैं, इनमें से अधिकतर लोग पाकिस्तान से नशीले पदार्थ लाकर बेचने लगे थे।
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तीस साल पहले जो लोग नशीले पदार्थों का कारोबार करते थे अब उनके बच्चे व रिश्तेदार हेरोइन व असलहा तस्करी पाक तस्करों से मिलकर करने लगे हैं। माझा में बैठे अधिकांश लोगों की पाकिस्तानी लोगों के साथ शकल व बोली मिलती जुलती है।
दरिया के रास्ते खेप लाते हैं भारत
एक सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी का कहना है कि सरहद पर पाक तस्करों से मिलकर हेरोइन व असलहा की तस्करी करने वाले जितने भी तस्कर पकड़े जा चुके हैं या फिर जिन तस्करों की सूची तैयार की है, इन सभी का पाकिस्तान से संबंध है। ये लोग वहां के लोगों को जानते हैं, इसीलिए ये लोग हेरोइन तस्करी का धंधा करते हैं।
इस धंधे में पैसा अधिक मिलने और हेरोइन की मांग बढ़ने के कारण पुराने तस्करों के बच्चे भी इस धंधे से जुड़ चुके हैं। सुरक्षा एजेंसी के रिकॉर्ड के मुताबिक हेरोइन व असलहा की तस्करी करने वालों का संबंध माझा से है। तभी ये लोग पाक तस्करों को अच्छे तरह जानते हैं और पाक तस्कर भी इनके कहने पर हेरोइन की खेप सरहद के जरिये इनकी बताई हुई जगह पर पहुंचा देते हैं।
कई तस्कर तो सतलुज दरिया के जरिए पाक पहुंच जाते हैं वहां रहते हैं और हेरोइन व हथियारों की खेप भी दरिया के रास्ते भारत ले आते हैं, ऐसे कई तस्कर पकड़े जा चुके हैं।
इस धंधे में पैसा अधिक मिलने और हेरोइन की मांग बढ़ने के कारण पुराने तस्करों के बच्चे भी इस धंधे से जुड़ चुके हैं। सुरक्षा एजेंसी के रिकॉर्ड के मुताबिक हेरोइन व असलहा की तस्करी करने वालों का संबंध माझा से है। तभी ये लोग पाक तस्करों को अच्छे तरह जानते हैं और पाक तस्कर भी इनके कहने पर हेरोइन की खेप सरहद के जरिये इनकी बताई हुई जगह पर पहुंचा देते हैं।
कई तस्कर तो सतलुज दरिया के जरिए पाक पहुंच जाते हैं वहां रहते हैं और हेरोइन व हथियारों की खेप भी दरिया के रास्ते भारत ले आते हैं, ऐसे कई तस्कर पकड़े जा चुके हैं।
प्रत्येक तस्कर का संबंध अमृतसर से
सूत्रों के मुताबिक, जितने भी तस्कर हेरोइन के साथ पकड़े जा चुके हैं, पूछताछ दौरान उन्होंने यही कहा है कि पाक तस्कर रियाज चाचा ने अमृतसर हेरोइन की खेप पहुंचाने को कहा है, किसे पहुंचानी है खेप इसके बारे में तस्करों को कोई जानकारी नहीं है। पंजाब का जितना भी बड़ा तस्कर हो उसके संबंध अमृतसर से हैं।
मालूम हो कि 19 जनवरी 2020 को काउंटर इंटेलीजेंस ने तस्कर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा वासी खुदड़ उताड़ (ममदोट) व सतनाम सिंह उर्फ सता पुत्र वजीर सिंह वासी झुग्गे किशोर सिंह वाले (ममदोट) को चार किलो हेरोइन के साथ पकड़ा था, पूछताछ में कहा कि पाकिस्तानी तस्कर रियाज चाचा ने अमृतसर हेरोइन पहुंचाने को कहा है।
इसी तरह काउंटर इंटेलीजेंस ने एक महिला सरपंच के पति अमरीक सिंह को भी हेरोइन के साथ काबू किया था, पूछताछ में पता चला था कि अमृतसर के किसी व्यक्ति ने सरहद से हेरोइन लाने को कहा था। इसके अलावा कुख्यात तस्कर जोगिंदर सिंह उर्फ जीता उर्फ सम्मी वासी निहाले वाला भी हेरोइन की खेप अमृतसर देने जा रहा था कि उसकी पट्टी के पास एसटीएफ के साथ मुठभेड़ हो गई थी।
इसी तरह जितने भी तस्कर हेरोइन समेत पकड़े हैं, ये सभी अमृतसर किसी व्यक्ति के पास हेरोइन पहुंचाते हैं, वो कौन है आज तक सुरक्षा एजेंसियां पता नहीं लगा सकी हैं। शुक्रवार को अमृतसर में नकली हेरोइन बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी है, जिनके पास डेढ़ क्विंटल हेरोइन पकड़े जाने की बात कही जा रही है, ये लोग हेरोइन तैयार कर दिल्ली सप्लाई करते थे। अब ये नहीं पता कि तस्कर भी इन्हीं के पास हेरोइन भेजते थे या किसी और के पास, ये तहकीकात के बाद भी पता चलेगा।
मालूम हो कि 19 जनवरी 2020 को काउंटर इंटेलीजेंस ने तस्कर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा वासी खुदड़ उताड़ (ममदोट) व सतनाम सिंह उर्फ सता पुत्र वजीर सिंह वासी झुग्गे किशोर सिंह वाले (ममदोट) को चार किलो हेरोइन के साथ पकड़ा था, पूछताछ में कहा कि पाकिस्तानी तस्कर रियाज चाचा ने अमृतसर हेरोइन पहुंचाने को कहा है।
इसी तरह काउंटर इंटेलीजेंस ने एक महिला सरपंच के पति अमरीक सिंह को भी हेरोइन के साथ काबू किया था, पूछताछ में पता चला था कि अमृतसर के किसी व्यक्ति ने सरहद से हेरोइन लाने को कहा था। इसके अलावा कुख्यात तस्कर जोगिंदर सिंह उर्फ जीता उर्फ सम्मी वासी निहाले वाला भी हेरोइन की खेप अमृतसर देने जा रहा था कि उसकी पट्टी के पास एसटीएफ के साथ मुठभेड़ हो गई थी।
इसी तरह जितने भी तस्कर हेरोइन समेत पकड़े हैं, ये सभी अमृतसर किसी व्यक्ति के पास हेरोइन पहुंचाते हैं, वो कौन है आज तक सुरक्षा एजेंसियां पता नहीं लगा सकी हैं। शुक्रवार को अमृतसर में नकली हेरोइन बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी है, जिनके पास डेढ़ क्विंटल हेरोइन पकड़े जाने की बात कही जा रही है, ये लोग हेरोइन तैयार कर दिल्ली सप्लाई करते थे। अब ये नहीं पता कि तस्कर भी इन्हीं के पास हेरोइन भेजते थे या किसी और के पास, ये तहकीकात के बाद भी पता चलेगा।