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'जब क्रिकेट के सभी मैच लाइव दिखा सकते हैं तो कुश्ती के मैच क्यों नहीं?'
ब्यूरो/अमर उजाला, चरखी दादरी(हरियाणा)
Updated Sun, 14 May 2017 09:23 AM IST
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ओलंपियन पहलवान विनेश फौगाट
- फोटो : File Photo
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रितू के ब्रांज और विनेश के सिल्वर पदक जीतने पर कोच द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महाबीर फौगाट ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि जापान के खिलाड़ियों में भारतीय पहलवानों से अधिक फुर्ती है। अभी उनकी बेटियों सहित देश के अन्य पहलवानों को जापान के पहलवानों को चुनौती देने के लिए और अभ्यास की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बेटियों का लक्ष्य गोल्ड मेडल ही था। उन्होंने कहा कि आगामी प्रतियोगिताओं के लिए अब रितू, विनेश व बबीता को तैयारियां करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुकाबलों का प्रसारण न होने पर उन्होंने इंटरनेट के जरिए ही दोनों बहनों के मुकाबले देखे। अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवानों के परिजनों ने भविष्य में इस तरह की प्रतियोगिता का प्रसारण करने की मांग भी खेल मंत्रालय से की है।
फौगाट बहनों के एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अच्छे प्रदर्शन से क्षेत्र में खुशी की लहर है। विनेश फौगाट ने 55 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर पदक हासिल किया तो वहीं उनकी चचेरी बहन रितू फौगाट ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक देशी की झोली में डाला।
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उन्होंने कहा कि बेटियों का लक्ष्य गोल्ड मेडल ही था। उन्होंने कहा कि आगामी प्रतियोगिताओं के लिए अब रितू, विनेश व बबीता को तैयारियां करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुकाबलों का प्रसारण न होने पर उन्होंने इंटरनेट के जरिए ही दोनों बहनों के मुकाबले देखे। अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवानों के परिजनों ने भविष्य में इस तरह की प्रतियोगिता का प्रसारण करने की मांग भी खेल मंत्रालय से की है।
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फौगाट बहनों के एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अच्छे प्रदर्शन से क्षेत्र में खुशी की लहर है। विनेश फौगाट ने 55 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर पदक हासिल किया तो वहीं उनकी चचेरी बहन रितू फौगाट ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक देशी की झोली में डाला।
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'जापान के पहलवानों से मुकाबले के लिए मेहनत की जरूरत'
पहलवान विनेश फौगाट
- फोटो : File Photo
विनेश के भाई राहुल फौगाट ने मैच के बाद अमर उजाला से बातचीत में बताया कि इन मैचों का प्रसारण न होने के चलते भारतीय पहलवानों के परिजनों को खासी परेशानियां भुगतनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कुश्ती के प्रति रुझान क्षेत्र ही नहीं देश में काफी बढ़ा है और टेलीविजन पर प्रसारण न होने से खेल-प्रेमियों में भी निराशा है। राहुल फौगाट का कहना है कि जब क्रिकेट का हर मैच का प्रसारण हो सकता है तो कुश्ती के लिए भी ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए।
48 किलोग्राम भारवर्ग में खेल रही रितू फौगाट ने ब्रांज की दावेदारी पेश करते हुए तीन मैच जीते और उसने कोरिया व चाइना की महिला पहलवानों को मात दी। इसके बाद शुक्रवार को वो जापान की महिला पहलवान से पहले राउंड में पिछड़ गई और दो राउंड के बाद रितू 7-2 से मैच हार गई।
वहीं रितू की बड़ी बहन विनेश फौगाट ने फाइनल तक का सफर तय करते हुए चाइना व उज्बेकिस्तान की पहलवानों को पटखनी दी। फाइनल मुकाबले में विनेश भी छोटी बहन रितू की तरह जापान की महिला पहलवान से 6-4 के अंतर से हार गई। दोनों ही हार के बावजूद भी देश की झोली में एक सिल्वर व एक ब्रांज मेडल आया।
48 किलोग्राम भारवर्ग में खेल रही रितू फौगाट ने ब्रांज की दावेदारी पेश करते हुए तीन मैच जीते और उसने कोरिया व चाइना की महिला पहलवानों को मात दी। इसके बाद शुक्रवार को वो जापान की महिला पहलवान से पहले राउंड में पिछड़ गई और दो राउंड के बाद रितू 7-2 से मैच हार गई।
वहीं रितू की बड़ी बहन विनेश फौगाट ने फाइनल तक का सफर तय करते हुए चाइना व उज्बेकिस्तान की पहलवानों को पटखनी दी। फाइनल मुकाबले में विनेश भी छोटी बहन रितू की तरह जापान की महिला पहलवान से 6-4 के अंतर से हार गई। दोनों ही हार के बावजूद भी देश की झोली में एक सिल्वर व एक ब्रांज मेडल आया।