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महात्मा गांधी के गुण अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि : मनोज
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चंडीगढ़। महात्मा गांधी के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाकर ही हम सब उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। यह कहना है एडवाइजर मनोज परिदा का। वे शनिवार को सेक्टर-27 स्थित भवन विद्यालय में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों ने भजन गायन से किया। इसके बाद गांधी जी को याद करते हुए डांडी मार्च की एक प्रस्तुति दी गई।
मनोज परिदा ने महात्मा गांधी के जीवन के क्षणों को याद किया। उन्होंने कहा, महात्मा गांधी को संपूर्ण देश उनकी सत्य व अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण पहचानता और सम्मान देता था। उनके एक आह्वान पर भी लोग एकजुट हो जाते थे। यही कारण है कि उनके दूरदर्शी विचारों ने देश को स्वतंत्रता प्रदान की। इस मौके पर समीक्षक और इतिहासकार डॉ. बीएन गोस्वामी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने दो शक्तिशाली हथियारों, सत्य और अहिंसा के प्रभाव से राष्ट्र को प्रभावित किया, जिससे भारत ब्रिटिश शासन मुक्त बना। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी उनकी है कि वह गांधी जी के दिखाए मार्ग पर चलें। उनके द्वारा बताए मूल्यों को समझे और पालन करें ताकि एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। चंडीगढ़ केंद्र के भारतीय विद्या भवन के चेयरमैन राजेंद्र के साबू ने बताया कि उन्हें बचपन में चार बार महात्मा गांधी से मिलने का अवसर मिला, जिससे वह काफी प्रभावित हुए।
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मनोज परिदा ने महात्मा गांधी के जीवन के क्षणों को याद किया। उन्होंने कहा, महात्मा गांधी को संपूर्ण देश उनकी सत्य व अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण पहचानता और सम्मान देता था। उनके एक आह्वान पर भी लोग एकजुट हो जाते थे। यही कारण है कि उनके दूरदर्शी विचारों ने देश को स्वतंत्रता प्रदान की। इस मौके पर समीक्षक और इतिहासकार डॉ. बीएन गोस्वामी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने दो शक्तिशाली हथियारों, सत्य और अहिंसा के प्रभाव से राष्ट्र को प्रभावित किया, जिससे भारत ब्रिटिश शासन मुक्त बना। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी उनकी है कि वह गांधी जी के दिखाए मार्ग पर चलें। उनके द्वारा बताए मूल्यों को समझे और पालन करें ताकि एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। चंडीगढ़ केंद्र के भारतीय विद्या भवन के चेयरमैन राजेंद्र के साबू ने बताया कि उन्हें बचपन में चार बार महात्मा गांधी से मिलने का अवसर मिला, जिससे वह काफी प्रभावित हुए।
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