फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   mahapanchayat conversion, controversy between communities

धर्मांतरण पर महापंचायत, 'जबरन बनाया ईसाई'

Tue, 17 Mar 2015 06:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Tue, 17 Mar 2015 06:36 PM IST
विज्ञापन
mahapanchayat conversion, controversy between communities

कैमरी गांव के रामनगर में चर्च में तोड़फोड़ के बाद हनुमान की प्रतिमा स्थापित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस संबंध में सोमवार को पांच गांवों की महापंचायत ने बैठक कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में में पादरी पर केस दर्ज करने की मांग की गई है।

विज्ञापन


साथ ही ग्रामीणों ने चर्च निर्माण करने वालों पर लालच देकर धर्मांतरण का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों ने गांव के सरपंच सहित 14 लोगों पर दर्ज केस भी खारिज करने की मांग की है। इधर, हिन्दू संगठनों ने हनुमान की प्रतिमा को थाने से बाहर लाने के लिए पुलिस से मुलाकात की।
विज्ञापन


गांव के सरपंच सत्यनारायण सहारण ने बताया कि गांव में पिछले कई महीने से पैंफ्लेट व पुस्तक बांटी जा रही थी। कुछ लोगों को प्रार्थना सभा में बुलाने के लिए खाने का लालच भी दिया गया। गांव में एक भी परिवार इसाई नहीं है। ऐसे मे यहां चर्च बनाने का औचित्य नहीं है। ग्रामीणों ने चर्च बनाने का विरोध भी किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘हां, मुझे उकसाया गया’

गांव कैमरी निवासी उमेद कड़वासरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुभाष पादरी ने उसे लालच देकर धर्मांतरण के लिए उकसाया। उसके घर कई बार पैंफ्लेट देने आया। धर्म ग्रंथ भी उनके यहां वितरित की गई। उमेद ने कहा कि जब वह निर्माणाधीन चर्च में गया तो उसका जबरदस्ती धर्मांतरण का प्रयास किया गया।

विरोध करने पर उससे मारपीट भी की गई। उमेद का कहना है कि उसने 17 फरवरी को पुलिस को मामले की शिकायत भी दी थी। उमेद की पत्नी बाला देवी ने कहा कि पादरी सुभाष व उसकी पत्नी पैंफ्लेट व पुस्तक लेकर उनके घर आते थे। शुक्रवार व शनिवार को गांव में पैंफ्लेट बांटते थे। रविवार को यहां धार्मिक आयोजन किए जाते थे। गांव के कुछ दूसरे लोगों को भी धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। गरीब लोगों को कई तरह के प्रलोभन दिए गए थे।

महापंचायत ने कहा- पादरी पर दर्ज हो केस

mahapanchayat conversion, controversy between communities

डाबड़ा, मीरकां, मुकलान, मंगाली तथा कैमरी गांव की महापंचायत सोमवार को गांव कैमरी में सरपंच सत्यनारायण की अध्यक्षता में हुई। इसमें ग्रामीणों पर दर्ज किए गए केस को पूरी तरह से गलत बताते हुए इसका विरोध करने का फैसला लिया। बाद में पंचायत के सदस्य हिसार लघु सचिवालय पहुंचे। पंचायत सदस्यों ने एसडीएम अशोक बंसल को मांग पत्र सौंपा।

इसमें ग्रामीणों ने कहा कि गांव में चर्च बनाकर लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन का प्रयास किया जा रहा था। इस बारे में गांव के उमेद सिंह ने शिकायत भी दी थी। जिस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। गांव के लोगों पर चर्च में तोड़फोड़ के झूठे आरोप लगाए गए हैं।

महापंचायत ने मांग की कि ग्रामीणों पर दर्ज किए गए मुकदमे खारिज किए जाएं। साथ ही आरोपी सुभाष पादरी पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए। एसडीएम अशोक बंसल ने मामले की जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद पंचायत के लोग वापस लौट गए।

उमेद के ये हैं आरोप                                      
- कर्ज से मुक्ति दिलाने का लालच दिया
- मेरे घर पर पैंफ्लेट पुस्तकें डाल गए
- चर्च में बुलाकर जबरदस्ती की
- मैने धर्म नहीं बदला तो मारपीट की
- पुलिस में शिकायत देने के बाद भी धमकी दी
- घर के लिए जमीन लेकर चर्च बना दिया

पादरी सुभाष के जवाब
- लालच नहीं दिया, कहा था तुम्हारे लिए प्रार्थना करेंगे
- पैंफ्लेट व पुस्तकों का वितरण करना गलत नहीं
- किसी तरह की जबरदस्ती नहीं की
- मारपीट तो दूर कहासुनी भी नहीं हुई
- उसके घर पूछने गए थे, झूठी शिकायत क्यों दी
- चर्च के नाम से ही जमीन की रजिस्ट्री है

गांव में पुलिस बल तैनात

mahapanchayat conversion, controversy between communities

विवाद के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दो पीसीआर गांव में चर्च से कुछ दूरी पर मंदिर परिसर में तैनात है। इसके अलावा सीआईडी, आईबी सहित पुलिस के कुछ कर्मचारी सादी वर्दी में गांव में डटे हुए हैं।

सौरभ सिंह, पुलिस अधीक्षक , हिसार ने बताया ‌कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिली है। पादरी सुभाष के खिलाफ मंगाली चौकी में पुलिस शिकायत मिली थी। मामला बेहद संवेदनशील है। दोनों शिकायतों पर गहनता से छानबीन कर रहे हैं। ग्रामीणों से मिली शिकायत के हर पहलू पर जांच की जा रही है।

प्रतिमा को छुड़ाने गए, खाली हाथ लौटे
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री रविंद्र गोयल, बजरंग दल के कपिल वत्स, संदीप सहित कुछ लोग सदर थाना पहुंचे। इन लोगों ने अपने साथ भगवान श्रीराम की फोटो ले रखी थी। भगवान श्रीराम को जमानती बताते हुए हनुमान को थाने से छोड़ने की मांग की, जिस पर पुलिस ने इंकार कर दिया। पुलिस टीम ने कहा कि हनुमान की प्रतिमा थाने के लॉकअप नहीं थाने में बने मंदिर में रखी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed