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मंदसौर की आग में झुलसा चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा का कारोबार, करोड़ों का नुकसान
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 11 Jun 2017 01:09 PM IST
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मंदसौर हिंसा
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मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसान आंदोलन की आग में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा समेत दिल्ली का कारोबार भी बुरी तरह से झुलसने लगा है। बीते एक हफ्ते से इन राज्यों के उद्योग आंदोलन से खासे प्रभावित हुए हैं। मध्यप्रदेश जाने वाला तैयार माल यहीं पड़ा है और वहां से आने वाला रास्ते में ट्रकों में फंसा है।
करीब 16 हजार से अधिक ट्रक मध्य प्रदेश के भीतर व बार्डर पर अटके पड़े हैं, जबकि 79 ट्रकों को आग के हवाले कर दिया गया है। इस घटना से ट्रांसपोर्टर काफी भयभीत हैं। उनको 275 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर कांग्रेस के चेयरमैन कुलतरण सिंह अटवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में हजारों ट्रक फंसे हुए हैं, इस कारण से ट्रांसपोर्टर डरे हुए हैं, क्योंकि वहां काफी नुकसान हो चुका है।
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चारों राज्यों में ही ट्रांसपोर्टरों को एक हफ्ते में करीब 275 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है क्योंकि कोई भी ट्रांसपोर्टर इस वक्त दक्षिण भारत में गाड़ी भेजने को तैयार नहीं है। थोक सब्जी कारोबारी अनिल तिवारी के अनुसार, प्याज वाया एमपी ही हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में पहुंचता है। किसानों के आंदोलन के चलते उसकी सप्लाई कम हो गई है।
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करीब 16 हजार से अधिक ट्रक मध्य प्रदेश के भीतर व बार्डर पर अटके पड़े हैं, जबकि 79 ट्रकों को आग के हवाले कर दिया गया है। इस घटना से ट्रांसपोर्टर काफी भयभीत हैं। उनको 275 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
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ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर कांग्रेस के चेयरमैन कुलतरण सिंह अटवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में हजारों ट्रक फंसे हुए हैं, इस कारण से ट्रांसपोर्टर डरे हुए हैं, क्योंकि वहां काफी नुकसान हो चुका है।
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चारों राज्यों में ही ट्रांसपोर्टरों को एक हफ्ते में करीब 275 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है क्योंकि कोई भी ट्रांसपोर्टर इस वक्त दक्षिण भारत में गाड़ी भेजने को तैयार नहीं है। थोक सब्जी कारोबारी अनिल तिवारी के अनुसार, प्याज वाया एमपी ही हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में पहुंचता है। किसानों के आंदोलन के चलते उसकी सप्लाई कम हो गई है।
हरियाणा के इन उद्योगों की हालत पतली
transporters
- फोटो : अमर उजाला
साइंस इंस्ट्रूमेंट्स कारोबारी राजीव अग्रवाल के अनुसार, मध्यप्रदेश साइंस इंस्ट्रूमेंट्स का बड़ा बाजार है। वहां से काफी आर्डर मिलता है और माल भी तैयार है। इसे इस समय वहां भेजने का रिस्क नहीं लिया जा सकता। लेकिन इस माल को यहां रखने में भी खासी परेशानी है।
लकड़ी कारोबारी राजीव सिंगला कहते हैं कि मध्यप्रदेश, खासकर सागर की लकड़ी की राज्य में बड़ी डिमांड है। आर्डर के बावजूद एमपी के कारोबारी माल भेजने को तैयार नहीं हैं। थोक मिक्सी कारोबारी एवं हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र नाथ ने बताया कि एमपी में हरियाणा की मिक्सी की अच्छी मार्केट है, लेकिन इस वक्त कामकाज बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
हरियाणा के दवा कारोबारी जीडी छिब्बर कहते हैं कि एमपी में हर महीने करोड़ों की दवाएं हरियाणा से सप्लाई होती हैं, लेकिन इस वक्त माल भेजने का रिस्क नहीं लिया जा सकता। थोक कपड़ा कारोबारी पूर्ण चंद शर्मा के अनुसार, कपड़े के कई ट्रक वहीं एमपी में ही फंसे हुए हैं, समझ नहीं आ रहा वे सुरक्षित पहुंचेंगे या नहीं। इसके अलावा हरियाणा का हैंडलूम, चमड़ा, बर्तन कारोबारी भी इस वक्त एमपी में माल सप्लाई करने से हिचक रहे हैं।
लकड़ी कारोबारी राजीव सिंगला कहते हैं कि मध्यप्रदेश, खासकर सागर की लकड़ी की राज्य में बड़ी डिमांड है। आर्डर के बावजूद एमपी के कारोबारी माल भेजने को तैयार नहीं हैं। थोक मिक्सी कारोबारी एवं हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र नाथ ने बताया कि एमपी में हरियाणा की मिक्सी की अच्छी मार्केट है, लेकिन इस वक्त कामकाज बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
हरियाणा के दवा कारोबारी जीडी छिब्बर कहते हैं कि एमपी में हर महीने करोड़ों की दवाएं हरियाणा से सप्लाई होती हैं, लेकिन इस वक्त माल भेजने का रिस्क नहीं लिया जा सकता। थोक कपड़ा कारोबारी पूर्ण चंद शर्मा के अनुसार, कपड़े के कई ट्रक वहीं एमपी में ही फंसे हुए हैं, समझ नहीं आ रहा वे सुरक्षित पहुंचेंगे या नहीं। इसके अलावा हरियाणा का हैंडलूम, चमड़ा, बर्तन कारोबारी भी इस वक्त एमपी में माल सप्लाई करने से हिचक रहे हैं।
हरियाणा का माल ट्रकों में फंसा
मंदसौर की आग में झुलसा चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा का कारोबार
हरियाणा के थोक दाल कारोबारी प्रवीण मित्तल ने बताया कि हरियाणा के लोग एमपी से खाने के लिए गेहूं और आटा मंगवाते हैं। इसके अलावा वहां से चावल, उड़द, अरहर, कॉटन, काला चना, काली मसूर, सफेद सरसों, विभिन्न मसाले और राई भी काफी मात्रा में प्रदेश आती है। लेकिन इस वक्त काफी माल ट्रकों में ही फंसा है, इसलिए कारोबार को बहुत नुकसान हो रहा है।
पंजाब ने बंद कर दी बुकिंग
आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व प्रधान लुधियाना निवासी चरण सिंह लुहारा का कहना है कि पंजाब के उद्योगपति मध्यप्रदेश के आंदोलन से डरे हुए हैं। उन्होंने दक्षिण भारत के लिए बुकिंग बंद कर दी है। पंजाब के जालंधर से स्पोर्ट्स गुड्स, लेदर, लुधियाना से गारमेंट्स, मशीनरी पार्ट्स और होजरी के सामान दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश जाते हैं।
चंडीगढ़ के ट्रक एमपी में अटके
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट केके अबरोल ने बताया कि केले और पपीते भोपाल के रास्ते से चंडीगढ़ आने थे। कर्फ्यू होने के कारण ट्रक वहीं फंसे हैं। सड़ने के डर से ट्रकों को खाली करा दिए। यहां से भी जाने वाली कई गाड़ियां अलग-अलग क्षेत्रों में फंसी हुई हैं। कम से कम 50 लाख का नुकसान हो चुका है। यही नहीं, यहां के ट्रांसपोर्टर्स ने मध्य प्रदेश की सभी बुकिंग फिलहाल बंद कर दी हैं।
पंजाब ने बंद कर दी बुकिंग
आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व प्रधान लुधियाना निवासी चरण सिंह लुहारा का कहना है कि पंजाब के उद्योगपति मध्यप्रदेश के आंदोलन से डरे हुए हैं। उन्होंने दक्षिण भारत के लिए बुकिंग बंद कर दी है। पंजाब के जालंधर से स्पोर्ट्स गुड्स, लेदर, लुधियाना से गारमेंट्स, मशीनरी पार्ट्स और होजरी के सामान दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश जाते हैं।
चंडीगढ़ के ट्रक एमपी में अटके
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट केके अबरोल ने बताया कि केले और पपीते भोपाल के रास्ते से चंडीगढ़ आने थे। कर्फ्यू होने के कारण ट्रक वहीं फंसे हैं। सड़ने के डर से ट्रकों को खाली करा दिए। यहां से भी जाने वाली कई गाड़ियां अलग-अलग क्षेत्रों में फंसी हुई हैं। कम से कम 50 लाख का नुकसान हो चुका है। यही नहीं, यहां के ट्रांसपोर्टर्स ने मध्य प्रदेश की सभी बुकिंग फिलहाल बंद कर दी हैं।