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'मुर्दों' ने बनाई जिंदा लोगों के बीच मिसाल

Thu, 26 Jun 2014 04:05 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Jun 2014 04:05 PM IST
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Madan Lal, God Father of Heirless Dead Bodies

मदन लाल वशिष्ठ चंडीगढ़ में ऐसा नाम है, जो 'मुर्दों' का अंतिम संस्कार कर जिंदा लोगों के बीच मिसाल बने हुए हैं। उनकी याद पुलिस विभाग को उस समय आती है जब कोई लावारिस शव मिलता है।

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शवों का अंतिम संस्कार करने की सेवा मदन लाल वशिष्ठ पिछले 13 साल से कर रहे हैं। मदन लाल वशिष्ठ ने मंगलवार को एक हजार से ज्यादा शवों का संस्कार करने की सेवा पूरी की है।
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मंगलवार को वशिष्ठ (60)ने एक ही समय में तीन शव का संस्कार किया। मदन लाल अब तक 1002 शव का संस्कार कर चुके हैं। मदन आल इंडिया सेवा समिति संस्था के अंतगर्त यह सेवा करते हैं। मदन लाल मूल रूप से हिमाचल के बिलासपुर के निवासी हैं और फिलहाल मौलीजागरा में रहते हैं।

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शव उठाने के लिए चार आदमी भी नहीं मिलते

Madan Lal, God Father of Heirless Dead Bodies

लावारिस शव का पोस्टमार्टम करने के बाद पुलिस अंतिम संस्कार के लिए शव मदन लाल को सौंप देती है। मदन रेड क्रास की एंबुलेंस गाड़ी में शव सेक्टर-25 श्मशान घाट लेकर जाते हैं।

अधिकतर स्थिति में ऐसा होता है कि मदन लाल को शव उठाने के लिए चार आदमी भी नहीं मिलते हैं। मदन लाल का कहना है कि अधिकतर शव वह एंबुलेंस चालक की मदद से उठाते हैं। पुलिस पहचान के लिए करीब 15 दिन तक शव अस्पताल में रखती है।

निगम देता है दो हजार की राशि
प्रति शव का संस्कार करने के बाद नगर निगम आल इंडिया सेवा समिति को दो हजार रुपये की राशि जारी करता है। वशिष्ठ का कहना है कि इतना ही खर्चा शव को श्मशान घाट तक लाने, लकड़ियों और अन्य साम्रगी में लग जाता है।

क्यों आए इस सेवा में

Madan Lal, God Father of Heirless Dead Bodies

उनका कहना है कि पहले यह कार्य आल इंडिया सेवा समिति के पदाधिकारी ज्ञान चंद सकलानी और रोशन लाल डोगरा करते थे। सकलानी और डोगरा से प्रभावित होकर वह सेवा में साल 2001 में आए।

ला बुक बेचकर करते हैं गुजारा
मदन का कहना है कि लावारिस शवों का संस्कार करना पूरी तरह से सेवा है। उनका कहना है कि वह ला बुक बेचकर अपना गुजारा चलाते हैं। मदन लाल सेक्टर-11 के मंदिर में भी सेवा करते हैं। मदन लाल का कहना है कि उन्होंने काफी प्रयास किया कि कोई इस सेवा में जुट जाए, लेकिन कोई भी हमेशा के लिए इस सेवा से जुटने को तैयार नहीं है।

15 अगस्त पर किया था सम्मानित
प्रशासन ने पिछले साल 15 अगस्त में मदन लाल को सम्मानित किया था। यहां तक कि शिव पार्वती सेवा दल भी मदन लाल को सम्मानित कर चुकी है। सेक्टर-18 के राधा कृष्ण मंदिर के अध्यक्ष सुनील चोपड़ा का कहना है कि प्रशासन को मदन लाल का नाम राष्ट्रपति अवार्ड के लिए भेजना चाहिए।

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