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149 साल बाद गुरु पूर्णिमा को है चंद्र ग्रहण, खास कर महिलाएं न करें ये काम! ये हैं उपाय
Fri, 12 Jul 2019 03:42 PM IST
ajay kumar
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 12 Jul 2019 03:42 PM IST
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चंद्र ग्रहण
- फोटो : फाइल फोटो
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गुरु पूर्णिमा 16/17 जुलाई की रात को खंडग्रास चंद्रग्रहण लगेगा। ऐसा संयोग 149 साल बाद आ रहा है। देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष और सेक्टर 28 के खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि 149 साल पहले 12 जुलाई 1870 को गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगा था। चंद्रग्रहण 16/17 जुलाई की मध्य रात समस्त भारत में आरंभ से समाप्ति तक खंडग्रास के रूप में दिखाई देगा।
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16 जुलाई की रात 01.31 बजे चंद्रग्रहण शुरू होगा। 17 जुलाई को सुबह साढ़े चार बजे चंद्रग्रहण समाप्त होगा। 16 जुलाई को शाम 4.31 बजे ग्रहण का सूतक प्रारंभ होगा। सेक्टर 30 शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि 16 जुलाई मंगलवार शाम साढ़े चार बजे से बजे से 17 जुलाई बुधवार सुबह साढ़े चार बजे तक ग्रहण के सूतक के कारण मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। इस वजह से गुरु पूर्णिमा की शाम को संध्या आरती नहीं होगी। 16 जुलाई को सायं कालीन पूजा-आरती से संबंधित कार्य दोपहर बाद और साढ़े चार बजे से पहले ही कर लिए जाएंगे।
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गर्भवती महिलाएं न निकलें बाहर
सेक्टर 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ लाल बहादुर दुबे ने बताया कि ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। सिलाई या कढ़ाई की भी मनाही है। यदि जरूरी हुआ तो गर्भवती महिलाएं नारियल लेकर घर से निकलें और बाद में उस नारियल को जल में प्रवाहित कर दें। घर की शुद्धता के लिए गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। ग्रहण के बाद स्नान करने के बाद भगवान की मूर्तियों को भी स्नान करवाकर पूजा करनी चाहिए।
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