करतारपुर कॉरिडोर को खुलवाने के लिए चार साल से प्रयास कर रहे थे लुधियाना के सुखदेव
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सिख संगत पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शन आसानी से कॉरिडोर के माध्यम से कर सके, इसके लिए बीते चार वर्ष से लुधियाना निवासी सुखदेव सिंह वालिया करतारपुर कॉरिडोर खुलवाने के लिए अपनी जंग लड़ रहे हैं। सुखदेव सिंह की मानें तो निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर कॉरिडोर की पूरी जानकारी उन्होंने खुद मुहैया कराई थी, ताकि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ इस मुद्दे पर बात कर सकें।
इसके लिए वह खुद 9 दिन अमृतसर में नवजोत सिंह सिद्धू के बेटे कर्ण सिद्धू के साथ भी रहे। मकसद सिर्फ एक ही था कि सिख संगत को उनके पहले गुरु के ऐतिहासिक स्थल के दर्शन बिना किसी रोक-टोक के हो सके। सुखेदव सिंह के अनुसार केंद्र सरकार ने उनके इस सपने को काफी हद तक पूरा कर दिया है। 15 नवंबर 2018 को पाकिस्तान प्रधानमंत्री को लेटर भेजकर कॉरिडोर खोलने के लिए पहले से आग्रह कर चुके है। ताकि गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर दोनों देशों में एक नई पहल हो सके।
इस तरह हुई शुरुआत
सुखेदव सिंह के अनुसार लगभग चार साल पहले वह इंटरनेट पर काम कर रहे थे, तभी अचानक उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर के संबंध में पढ़ा। इसकी पूरी जानकारी लेने के लिए इससे जुड़ गए। सबसे पहले आरटीआई के तहत पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से जानकारी हासिल की।
इससे पता चला कि पंजाब सरकार ने कॉरिडोर खोलने के लिए साल 2010 में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था। लेकिन इसके बाद आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। आखिरकार उन्होंने बुलंद सोच दी बुलंद आवाज के नाम पर फेसबुक पेज बनाकर लोगों को जानकारी देना शुरू किया। कॉरिडोर को लेकर देश-विदेश के राजनीतिज्ञयों को लेटर भेजना शुरू किया। विदेश मंत्रालय तक पहुंच बनाने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान परमजीत सिंह सरना का सहारा लिया और सुषमा स्वराज से पाकिस्तान से बातचीत करने की अपील की।
निक्की हेली के पूर्वजों का संबंध
सुखेदव सिंह बताते है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की करीबी निक्की रंधावा हेली के पूर्वजों का संबंध इस ऐतिहासिक स्थल से है। डेरा बाबा नानक जी स्थित हर अजीता रंधावा कुएं के पास बैठ कर श्री गुरुनानक देव जी पाठ करते थे। जोकि निक्की के पूर्वजों का था। इस बात को उन्होंने निक्की को मेल के माध्यम से भी बता चुके हैं। ताकि कॉरिडोर खुलवाने के लिए वह इसमें कुछ पहल कर सके। इस कॉरिडोर के खुलने से न केवल श्रद्धालुओं को फायदा होगा साथ ही भारत पाक संबंधों में चली आ रही खटास भी दूर होगी।