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Chandigarh News: हादसे में गंवा दिए दोनों पैर, हिम्मत नहीं हारी, दूसरी बार एसएचओ बने रामदयाल
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चंंडीगढ़-मनीमाजरा। ...एक समय ऐसा लगा कि सब कुछ खत्म हो गया। आत्महत्या का मन कर रहा था, लेकिन बीएसएफ में डीआईजी बड़े भाई ने प्रेरणा दी। फिर सोचा कि जीवन खत्म ही करना है तो क्यों न इसे दूसरों के लिए समर्पित कर दूं। आपके जीवन में कई बार ऐसी घटना घटती है कि विकट परिस्थितियों में कोई उम्मीद की किरण आपका पूरा जीवन बदल देती है। कुछ ऐसी ही जज्बे से कहानी है मनीमाजरा पुलिस थाने में तैनात नवनियुक्त एसएचओ इंस्पेक्टर रामदयाल की। यूएन मिशन में रेल हादसे में अपने दोनों पैर गंवा चुके इंस्पेक्टर रामदयाल कई दिव्यांगों के लिए रोल मॉडल हैं। ऐसा इसलिए नहीं कि वह पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर हैं, बल्कि उन कार्यों के चलते जो उन्होंने सेक्टर-36 एसएचओ का कार्यभार संभालने से लेकर अन्य जिम्मेदारियों के दौरान कर दिखाए। जहां उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शादी समारोह में बच्चों के जरिए चोरी करने वाले गिरोह, जहरखुरानी गिरोह और उस नकली आर्मी अधिकारी को भी धर दबोचा, जिसे तलाशने में कई एजेंसियां भी नाकाम साबित रही थीं। इंस्पेक्टर रामदयाल को यूएन मिशन के दौरान यूनाइटेड नेशन मेडल और बतौर एसएचओ 2016 में स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें विभाग में उनकी सेवाओं के लिए अब तक 37 रिवार्ड दिए जा चुके हैं।
जर्मनी में ट्रेन हादसे में गंवाए दोनों पैर
बता दें कि इंस्पेक्टर रामदयाल यूएन मिशन के दौरान जर्मनी में 17 मई 2000 को एक ट्रेन हादसे में अपने दोनों पैर गंवा चुके हैं। चंडीगढ़ पुलिस के पब्लिक विंडो सिस्टम की जब शुरुआत हुई, तो उसकी कमान संभालते हुए उसे बखूबी से चलाने का श्रेय भी इंस्पेक्टर रामदयाल को जाता है। वह काफी समय तक इसके इंचार्ज रहे थे। रामदयाल गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए एक एनजीओ भी चलाते हैं, जिसमें वह अपने वेतन से बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं।
विकलांगता नहीं बनी बाधा..
इंस्पेक्टर रामदयाल ने अपनी शारीरिक चुनौती को अपने काम में बाधा नहीं बनने दिया। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण मनीमाजरा थाने में तैनाती से पहले सेक्टर-36 थाने में बतौर एसएचओ उनकी तैनाती के दौरान देखने को मिला। यहां तैनाती के दौरान दिसंबर 2013 से जनवरी 2016 तक अपने कार्यकाल के दौरान कई बड़े गिरोहों का पर्दाफाश कर चर्चित केसों को हल किया। उनके इसी कार्यकाल में 2016 में स्टेट अवॉर्ड और यूएन मिशन के दौरान यूनाइटेड नेशन मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
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कार्यकाल के दौरान चर्चित मामले
-शहर में शादी समारोह के दौरान बच्चों से चोरी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया था। आरोपी गिरोह के पकड़े जाने के बाद शहर में शादी समारोह में चोरी की सात बड़ी वारदात को हल किया गया था।
-शहर में बसों यात्रियों के साथ जहरखुरानी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 वारदात हल की थी।
-शहर में स्कूटर पर सवार होकर एक ही रात में 6 स्थानों पर राहगीरों पर रॉड और डंडो से हमला कर लूटपाट करने वाले आरोपियों को चंद घंटो में गिरफ्तार कर लिया था।
-15 अगस्त को होटलों की चेकिंग के दौरान नकली आर्मी अफसर बनकर लड़कियों का शोषण करने वाले उस आरोपी को भी दबोचा था, जिसे तलाश पाने में कई एजेंसियां नाकाम रही थीं।
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जर्मनी में ट्रेन हादसे में गंवाए दोनों पैर
बता दें कि इंस्पेक्टर रामदयाल यूएन मिशन के दौरान जर्मनी में 17 मई 2000 को एक ट्रेन हादसे में अपने दोनों पैर गंवा चुके हैं। चंडीगढ़ पुलिस के पब्लिक विंडो सिस्टम की जब शुरुआत हुई, तो उसकी कमान संभालते हुए उसे बखूबी से चलाने का श्रेय भी इंस्पेक्टर रामदयाल को जाता है। वह काफी समय तक इसके इंचार्ज रहे थे। रामदयाल गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए एक एनजीओ भी चलाते हैं, जिसमें वह अपने वेतन से बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं।
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विकलांगता नहीं बनी बाधा..
इंस्पेक्टर रामदयाल ने अपनी शारीरिक चुनौती को अपने काम में बाधा नहीं बनने दिया। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण मनीमाजरा थाने में तैनाती से पहले सेक्टर-36 थाने में बतौर एसएचओ उनकी तैनाती के दौरान देखने को मिला। यहां तैनाती के दौरान दिसंबर 2013 से जनवरी 2016 तक अपने कार्यकाल के दौरान कई बड़े गिरोहों का पर्दाफाश कर चर्चित केसों को हल किया। उनके इसी कार्यकाल में 2016 में स्टेट अवॉर्ड और यूएन मिशन के दौरान यूनाइटेड नेशन मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
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कार्यकाल के दौरान चर्चित मामले
-शहर में शादी समारोह के दौरान बच्चों से चोरी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया था। आरोपी गिरोह के पकड़े जाने के बाद शहर में शादी समारोह में चोरी की सात बड़ी वारदात को हल किया गया था।
-शहर में बसों यात्रियों के साथ जहरखुरानी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 वारदात हल की थी।
-शहर में स्कूटर पर सवार होकर एक ही रात में 6 स्थानों पर राहगीरों पर रॉड और डंडो से हमला कर लूटपाट करने वाले आरोपियों को चंद घंटो में गिरफ्तार कर लिया था।
-15 अगस्त को होटलों की चेकिंग के दौरान नकली आर्मी अफसर बनकर लड़कियों का शोषण करने वाले उस आरोपी को भी दबोचा था, जिसे तलाश पाने में कई एजेंसियां नाकाम रही थीं।