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गेहूं के लिए वरदान बनी बारिश, पर सब्जी के उत्पादकों पर टूटा कहर...फसल हो गई बर्बाद

Fri, 25 Jan 2019 09:31 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 25 Jan 2019 09:31 AM IST
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loss of vegetable crop due to rain In Punjab and Haryana
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

पंजाब और हरियाणा में हुई बारिश दोनों राज्यों में रबी की सबसे प्रमुख फसल गेहूं के लिए वरदान साबित होगी। कीटों का प्रभाव खत्म होगा, उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, ज्यादा बारिश और ओलावृष्टि से दोनों राज्यों में सरसों, सब्जियों और फूलों को नुकसान पहुंचा है। पंजाब में रबी की मुख्य फसल गेहूं का रकबा 35 लाख हेक्टेयर है। सूबे में 22-23 जनवरी को औसतन 21.0 मिलीमीटर बारिश हुई। लेकिन बारिश जोरदार नहीं थी और न ही तेज हवाएं चलीं। 

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एक-दो जगह ओले जरूर गिरे। पंजाब के कृषि विभाग के डायरेक्टर डॉ. जसबीर बैंस ने कहा कि यह हल्की और मध्यम बारिश इस समय गेहूं के लिए सबसे फायदेमंद है। बारिश से पत्तों पर जमी धूल-मिट्टी साफ हो गई है। इसके अलावा 23-24 को धूप खिली रही। इससे फोटो-सिंथेसिस की प्रक्रिया तेज होगी। पौधे का विकास बेहतर ढंग से हो सकेगा।
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डॉ. बैंस ने कहा कि पंजाब में कुछ जगह से गेहूं पर पीली कुंगी (येलो रस्ट) के हमले की भी रिपोर्ट आई थीं। बारिश से उससे भी छुटकारा मिल गया है। इसके साथ ही किसानों को आर्थिक फायदा भी होगा, बारिश के चलते उनकी एक सिंचाई बच जाएगी। पंजाब में सब्जियों का रकबा 2.45 लाख हेक्टेयर और फलों का 84 हजार हेक्टेयर है। बारिश और ओलावृष्टि से सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। 

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loss of vegetable crop due to rain In Punjab and Haryana
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

वहीं हरियाणा में पिछले दिनों हुई बारिश से कई जगह सब्जी उत्पादक किसानों को नुकसान हुआ है। हरियाणा कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि किसानों द्वारा यदि नुकसान संबंधी शिकायत की जाती है, तो उसकी गिरदावरी करवाकर आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने बताया कि बारिश के बाद खेतों में सुबह के वक्त पाला पड़ने लग गया है। 

यह अत्यधिक ठंड और पाला गेहूं की उपज के लिए मददगार बन रहा है। इसके अतिरिक्त चना, जौ, मसूर और अलसी के लिए भी बारिश वरदान बनकर आई है, क्योंकि इन फसलों को इस वक्त सिंचाई की जरूरत थी। हरियाणा में गेहूं का रकबा 12263 हजार हेक्टेयर, सब्जियों का रकबा 446995 हेक्टेयर, फूलों का रकबा 5191 हेक्टेयर और सरसों का रकबा हजार हेक्टेयर है।

 उल्लेखनीय है कि हरियाणा में पिछले दिनों करनाल में 26.8 एमएम, अंबाला में 13 एमएम, नारनौल में 12 एमएम, हिसार में 3 एमएम और भिवानी में 1.4 एमएम बारिश मौसम विज्ञान विभाग ने दर्ज की गई थी।  

मलेरकोटला में ओले गिरे हैं जिससे मटर, सरसों को नुकसान पहुंचा है। ज्यादा ठंड भी इस समय की सब्जियों मटर, गोभी, मूली, गाजर आदि के लिए ठीक नहीं है। फलों में पंजाब में इस समय प्रमुख तौर पर किन्नू है, जिस पर बारिश का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। - पुष्पिंदर औलख, डायरेक्टर, बागवानी विभाग, पंजाब   

बारिश अच्छे समय पर हुई है। गेहूं और अन्य फसलों को इस समय पानी की काफी जरूरत थी। अब पानी नहीं लगाना पड़ेगा। कुछ जगह थोड़ा बहुत ओलावृष्टि हुई है। अभी तक किसी किसान ने किसी प्रकार के नुकसान का दावा नहीं किया है। सुरेश गहलावत, अतिरिक्त निदेशक, कृषि विभाग, हरियाणा  

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