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हरियाणा रोडवेज को लगी 200 करोड़ की चपत, वजह भी एक नहीं, पर कसूरवार कौन
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Apr 2017 10:22 AM IST
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haryana roadways
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा रोडवेज को दो सौ करोड़ से अधिक की वित्तीय चपत लग चुकी है। इसके पीछे वजह भी एक नहीं कई सारी हैं, पर कसूरवार कौन है। दरअसल, हरियाणा रोडवेज को पांच सौ से अधिक नई बसों के सड़क पर एक साल में नहीं दौड़ पाई हैं। ये बसें वर्तमान में लगभग दो हजार चालक-परिचालक न होने के चलते विभिन्न जिलों में रोडवेज डिपुओं में खड़ी हैं।
बसों के न चलने से इनमें जंग लग चुका है, टायर खराब हो गए हैं और बैटरी डेड पड़ी हैं। सड़क पर इन्हें उतारने से पहले हर हाल में ओवरहालिंग करानी पड़ेगी। रोडवेज का बेड़ा इस समय 4060 बसों का है, इनमें से मोटे तौर पर 502 बसें डिपो में खड़ी हैं। रूट पर सेवा देने वाली रोडवेज की एक बस रोजाना औसतन दस से ग्यारह हजार रुपये के बीच कमाई करती है।
ऐसे में डिपो में खड़ी बसों से अब तक हुई आर्थिक हानि का आंकलन किया जाए तो राशि दो सौ करोड़ से अधिक बनती है। पूरा मामला सरकार के साथ ही परिवहन मंत्री के संज्ञान में है, बावजूद इसके ड्राइवर-कंडक्टर की भर्ती प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है। परिवहन विभाग ने सिर्फ 926 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती निकाली है। चालकों-परिचालकों की भर्ती जल्दी न होने से अभी रोडवेज को बसों के खड़ा रहने से और वित्तीय घाटा सहना होगा।
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बसों के न चलने से इनमें जंग लग चुका है, टायर खराब हो गए हैं और बैटरी डेड पड़ी हैं। सड़क पर इन्हें उतारने से पहले हर हाल में ओवरहालिंग करानी पड़ेगी। रोडवेज का बेड़ा इस समय 4060 बसों का है, इनमें से मोटे तौर पर 502 बसें डिपो में खड़ी हैं। रूट पर सेवा देने वाली रोडवेज की एक बस रोजाना औसतन दस से ग्यारह हजार रुपये के बीच कमाई करती है।
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ऐसे में डिपो में खड़ी बसों से अब तक हुई आर्थिक हानि का आंकलन किया जाए तो राशि दो सौ करोड़ से अधिक बनती है। पूरा मामला सरकार के साथ ही परिवहन मंत्री के संज्ञान में है, बावजूद इसके ड्राइवर-कंडक्टर की भर्ती प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है। परिवहन विभाग ने सिर्फ 926 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती निकाली है। चालकों-परिचालकों की भर्ती जल्दी न होने से अभी रोडवेज को बसों के खड़ा रहने से और वित्तीय घाटा सहना होगा।
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किस डिपो में कितनी बसें खड़ी हैं
हरियाणा रोडवेज बस
- फोटो : file photo
चंडीगढ़ में 18, अंबाला 34, यमुनानगर 19, कुरुक्षेत्र 17, कैथल 22, करनाल 27, पानीपत 16, सोनीपत 32, दिल्ली 34, जींद 23, फतेहाबाद 16, सिरसा 22, हिसार 27, भिवानी 29, दादरी 18, नारनौल 19, झज्जर 15, गुरुग्राम 33, फरीदाबाद 22, पलवल 16 और रेवाड़ी में 19 बसें खड़ी हैं।
सेवानिवृत्ति से और गहराएगी कमी
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सरबत पूनिया का कहना है कि आने वाले एक साल में पांच सौ चालक-परिचालक सेवानिवृत्ति के कारण और कम हो जाएंगे। करोड़ों रुपये की बसें खड़े-खड़े कंडम हो रही हैं।
भर्ती के लिए मांगा पदों का ब्योरा : पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि रोडवेज में ड्राइवर-कंडक्टर की भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है। डिपो अनुसार पदों का ब्योरा मांगा गया है। पूर्व सरकार ने बिना पद भरे ही बसों की खरीद कर ली थी।
सेवानिवृत्ति से और गहराएगी कमी
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सरबत पूनिया का कहना है कि आने वाले एक साल में पांच सौ चालक-परिचालक सेवानिवृत्ति के कारण और कम हो जाएंगे। करोड़ों रुपये की बसें खड़े-खड़े कंडम हो रही हैं।
भर्ती के लिए मांगा पदों का ब्योरा : पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि रोडवेज में ड्राइवर-कंडक्टर की भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है। डिपो अनुसार पदों का ब्योरा मांगा गया है। पूर्व सरकार ने बिना पद भरे ही बसों की खरीद कर ली थी।