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बठिंडा से हरसिमरत, संगरूर से ढींढसा उतरेंगे मैदान में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 18 Feb 2014 12:07 AM IST
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शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी तय करने का अधिकार सौंप दिया है।
पत्रकारों से बातचीत के में सुखबीर ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही सभी पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सोमवार को विचारविमर्श भी किया।
सूत्रों के अनुसार जहां बठिंडा से हरसिमरत कौर बादल और संगरूर से सुखदेव सिंह ढींढसा का शिअद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना तय है, वहीं आनंदपुर साहिब से प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को पार्टी टिकट दिए जाने पर लगभग सहमति बन चुकी है।
‘मैनूं पार्टी तों न कढवा देओ’
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को प्रधानमंत्री बनाए जाने के संबंध में तीसरे मोर्चे के नेताओं की ओर से की गई बयानबाजी पर सुखबीर से पूछे गए सवाल पर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, ‘यार मैनूं पार्टी तों न कढवा देओ, प्रधान तां मैं हां, पर सारिया पावरां बापू कोल नें।’
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिअद के सरपरस्त और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल साफ तौर पर कह चुके हैं कि वे प्रदेश में ही रहकर लोगों की सेवा करना चाहते हैं। राष्ट्रीय राजनीति में जाने का उनका कोई इरादा नहीं है।
फुल्का से कोई फर्क नहीं
‘आप’ की ओर से लुधियाना लोकसभा क्षेत्र से एडवोकेट एचएस फुल्का को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने से संबंधित सवाल पर सुखबीर ने कहा कि इससे शिअद को कोई फर्क नहीं पड़ता। इसमें कोई दो राय नहीं कि दंगा पीडि़तों के केस लड़ने में शिअद ने उनका पूरा साथ दिया, लेकिन अगर वे किसी अन्य पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं तो इसमें उन्हें कोई परेशानी नहीं। सुखबीर ने कहा कि फुल्का वकील हैं और पैसे लेकर केस लड़ते रहे हैं। अब राजनीति में आए हैं तो उनका स्वागत है।
छोटी बातें करते हैं बाजवा-खैरा : सुखबीर
एक सवाल के जवाब में सुखबीर बादल ने कहा कि उनकी पंजाब के विकास को लेकर बड़ी सोच है। वे छोटी-छोटी बातों में नहीं पड़ते। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं की सोच छोटी है, इसलिए प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल सिंह खैरा जैसे नेता छोटी-छोटी बातों में ही उलझे हुए हैं।
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पत्रकारों से बातचीत के में सुखबीर ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही सभी पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सोमवार को विचारविमर्श भी किया।
सूत्रों के अनुसार जहां बठिंडा से हरसिमरत कौर बादल और संगरूर से सुखदेव सिंह ढींढसा का शिअद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना तय है, वहीं आनंदपुर साहिब से प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को पार्टी टिकट दिए जाने पर लगभग सहमति बन चुकी है।
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‘मैनूं पार्टी तों न कढवा देओ’
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को प्रधानमंत्री बनाए जाने के संबंध में तीसरे मोर्चे के नेताओं की ओर से की गई बयानबाजी पर सुखबीर से पूछे गए सवाल पर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, ‘यार मैनूं पार्टी तों न कढवा देओ, प्रधान तां मैं हां, पर सारिया पावरां बापू कोल नें।’
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिअद के सरपरस्त और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल साफ तौर पर कह चुके हैं कि वे प्रदेश में ही रहकर लोगों की सेवा करना चाहते हैं। राष्ट्रीय राजनीति में जाने का उनका कोई इरादा नहीं है।
फुल्का से कोई फर्क नहीं
‘आप’ की ओर से लुधियाना लोकसभा क्षेत्र से एडवोकेट एचएस फुल्का को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने से संबंधित सवाल पर सुखबीर ने कहा कि इससे शिअद को कोई फर्क नहीं पड़ता। इसमें कोई दो राय नहीं कि दंगा पीडि़तों के केस लड़ने में शिअद ने उनका पूरा साथ दिया, लेकिन अगर वे किसी अन्य पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं तो इसमें उन्हें कोई परेशानी नहीं। सुखबीर ने कहा कि फुल्का वकील हैं और पैसे लेकर केस लड़ते रहे हैं। अब राजनीति में आए हैं तो उनका स्वागत है।
छोटी बातें करते हैं बाजवा-खैरा : सुखबीर
एक सवाल के जवाब में सुखबीर बादल ने कहा कि उनकी पंजाब के विकास को लेकर बड़ी सोच है। वे छोटी-छोटी बातों में नहीं पड़ते। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं की सोच छोटी है, इसलिए प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल सिंह खैरा जैसे नेता छोटी-छोटी बातों में ही उलझे हुए हैं।