फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Loksabha Election 2019, Rebellion in INLD, Clash in Chautala Family May Beneficial for BJP Congress

इनेसो के कड़े तेवर बरकरार, और गहरा सकती है चौटाला ‘कुनबे’ की जंग, कांग्रेस-भाजपा की नजर

Sat, 13 Oct 2018 11:11 AM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 13 Oct 2018 11:11 AM IST
विज्ञापन
Loksabha Election 2019, Rebellion in INLD, Clash in Chautala Family May Beneficial for BJP Congress
कार्यकर्ताओं से मिले इनेलो सुप्रीमो - फोटो : अमर उजाला
इनेलो सुप्रीमो एवं पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला की छात्र इकाई इनेसो (इंडियन नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन) और यूथ विंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद इनसो के कड़े तेवर बरकरार है। इनेसो इस सख्त कार्रवाई के खिलाफ न तो सरेंडर के मूड में है और न ही इस विवाद का पटाक्षेप सस्ते समझौते पर करना चाहती है। इनेसो के कड़े तेवर से जहां कुनबे की जंग और गहराने के आसार बन रहे हैं, वहीं परिवार की लड़ाई पर विरोधी दलों की भी नजरें गड़ गई हैं।
विज्ञापन


इनेलो कुनबे का आपसी झगड़ा यदि आगे बढ़ता है तो आगामी चुनावों में विरोधी सियासी दलों को बड़ा फायदा मिलेगा। देखा जाए तो इनेलो का गढ़ खासकर हरियाणा के दक्षिण क्षेत्र और ग्रामीण अंचलों को माना जाता है। हरियाणा के बड़े मतदाता माने जाने वाली जाट बेल्ट में भी इनेलो की अच्छी पैठ है। इसी के बूते आज भी इनेलो हरियाणा में मुख्य विपक्षी पार्टी है। मगर अब यदि कुनबे की जंग आगे बढ़ती है, तो इसका असर इनेलो के वोट बैंक पर पड़ना लाजिमी है।
विज्ञापन


विरोधी दलों को मिल सकता है सियासी फायदा
अंतर्कलह की वजह से इनेलो पार्टी टूटती है तो जाहिर है कि इनेलो के वोटर भी बिखरेंगे और इसी बिखराव का फायदा कांग्रेस व भाजपा उठाने की फिराक में है। चूंकि हरियाणा के जाट और ग्रामीण वोटरों पर कांग्रेस की भी बढ़िया पकड़ हैं, इसलिए इनेलो के बिखराव से सबसे बड़ा फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। लेकिन भाजपा अभी सत्तासीन है और चूंकि पूर्व में भाजपा-इनेलो का गठबंधन भी रहा है, इसलिए भाजपा भी इनेलो बिखराव का फायदा लेने को हर पैंतरा खेलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज भी ‘अपनों’ के खेमों में बंटा है इनेलो
इनेलो पार्टी भले ही हरियाणा का एक बड़ा सियासी परिवार है। लेकिन मौजूदा हालात यदि देखें तो ये पार्टी आज भी ‘अपनों’ के खेतों में बंटी हुई है। ओमप्रकाश चौटाला के अपने समर्थक है, उनके बेटे डा. अजय सिंह चौटाला और नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला व पोतों इनेसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला और हिसार सांसद दुष्यंत चौटाला के अपने-अपने समर्थक हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed