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पारिवारिक विवाद के बाद पहली बार जनता से मिले चौटाला, बोले- इनेलो की सरकार बनवाओ और...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
Updated Mon, 15 Oct 2018 01:56 PM IST
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ओम प्रकाश चौटाला
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पारिवारिक विवाद के बाद पहली बार जनता से रूबरू हुए ओम प्रकाश चौटाला और अपील करते हुए कहा कि इनेलो की सरकार बनाओ, ऐसी नीति बनाऊंगा कोई परेशान नहीं होगा। जींद विधानसभा में पहली बार समर्थकों और कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने पहली जनसभा पिंडारा गांव में की। पहली जनसभा से ही इनेलो का पारिवारिक विवाद लोगों की जुबान पर आता दिखाई दिया। निर्जन गांव में चौटाला से कुछ बुजुर्गों ने पारिवारिक हालात सुधारने की बात कही।
लोगों ने कहा कि साहब! राज तो आ जाएगा, लेकिन परिवार को एक रखो। इस पर चौटाला ने कहा कि आप बताओ सब ठीक हो या नहीं। इस पर लोगों ने बात को दोहराते हुए कहा कि चौटाला साहब! सरका बणाणी है तो अपने परिवार के बालकां ने एक राखियों। इसी तरह से बरसाना गांव में बुजुर्ग कार्यकर्ता पालाराम ने कहा कि राज तो आजेगा, लेकिन अपने बालकां ने समझाकर एक राखो। इनेलो कार्यकर्ताओं का यह दर्द इनेलो सुप्रीमो भी अच्छी तरह से समझ रहे थे, लेकिन कार्यकर्ता सुप्रीमो के सामने अपनी बात खुलकर कहने से भी कतराते रहे।
हर जनसभा में पारिवारिक विवाद की चर्चा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्तियों में ज्यादा रही। चौटाला के सामने कार्यकर्ताओं ने इस मामले में ज्यादा कहने की हिम्मत नहीं दिखाई। कुछ बुजुर्ग कार्यकर्ता जरूर अपनी बात को सरेआम कह गए, लेकिन पार्टी के किसी नेता ने इस बात को लेकर शायद ही चर्चा की। इस अवसर पर जिला प्रधान कृष्ण राठी, हलका प्रधान भूपेंद्र जुलानी, कृष्ण मिढ़ा, कृष्ण ढांडा, प्रदीप गिल, बलवान कुंडू, सतीश जैन, विकास सिहाग, अनुराग खटकड़, कृष्ण सिहाग, सोनम, भगवती दहिया मौजूद रहे।
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लोगों ने कहा कि साहब! राज तो आ जाएगा, लेकिन परिवार को एक रखो। इस पर चौटाला ने कहा कि आप बताओ सब ठीक हो या नहीं। इस पर लोगों ने बात को दोहराते हुए कहा कि चौटाला साहब! सरका बणाणी है तो अपने परिवार के बालकां ने एक राखियों। इसी तरह से बरसाना गांव में बुजुर्ग कार्यकर्ता पालाराम ने कहा कि राज तो आजेगा, लेकिन अपने बालकां ने समझाकर एक राखो। इनेलो कार्यकर्ताओं का यह दर्द इनेलो सुप्रीमो भी अच्छी तरह से समझ रहे थे, लेकिन कार्यकर्ता सुप्रीमो के सामने अपनी बात खुलकर कहने से भी कतराते रहे।
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हर जनसभा में पारिवारिक विवाद की चर्चा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्तियों में ज्यादा रही। चौटाला के सामने कार्यकर्ताओं ने इस मामले में ज्यादा कहने की हिम्मत नहीं दिखाई। कुछ बुजुर्ग कार्यकर्ता जरूर अपनी बात को सरेआम कह गए, लेकिन पार्टी के किसी नेता ने इस बात को लेकर शायद ही चर्चा की। इस अवसर पर जिला प्रधान कृष्ण राठी, हलका प्रधान भूपेंद्र जुलानी, कृष्ण मिढ़ा, कृष्ण ढांडा, प्रदीप गिल, बलवान कुंडू, सतीश जैन, विकास सिहाग, अनुराग खटकड़, कृष्ण सिहाग, सोनम, भगवती दहिया मौजूद रहे।
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चुनाव के लिए जेल जाने से पहले ही कार्यकर्ताओं का जाना मूड
ओम प्रकाश चौटाला
इनेलो सुप्रीमो 18 अक्तूबर तक पेरोल पर हैं। इसके बाद उनको दोबारा से जेल जाना होगा। पेरोल के इन दिनों का सही ढंग से फायदा उठाने के लिए उन्होंने जींद विधानसभा में उपचुनाव होने की बात कहते हुए इनेलो उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने की अपील की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी के कुछ नेताओं का नाम लेकर टिकट की अपील की तो उन्होंने कहा कि अभी तो पूरे हलके के लोगों से उम्मीदवार पूछना है कि कौन सा ठीक रहेगा। आप लोगों के पसंद के नेता को ही टिकट दूंगा, लेकिन शर्त यह है कि आपको भारी बहुमत से उसे जिताना होगा।
कहा, टूटी लाठी भी चुगल फोड़न जोगी होवे है
इनेलो सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं को हरियाणवी लहजे में उदाहरण देते हुए कहा कि अगर लाठी टूट भी जाए तो चुगल फोड़ने के काम तो फिर भी आती है। इस उदाहरण से चौटाला ने कहा कि अगर कोई छोटा-मोटा काम हो तो वह उनसे संपर्क करें। वह सत्ता में नही हैं तो क्या हुआ, कार्यकर्ताओं के काम करवाने की ताकत आज भी उनमें है।
सरकार बनवाओ, ऐसी नीति लागू करूंगा की भविष्य में कोई प्रदेशवासी नहीं रहेगा परेशान
ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि आप एक बार प्रदेश में इनेलो की सरकार बनवाने का काम करें। सत्ता में आते ही वह ऐसी योजनाओं को लागू करने का काम करेंगे जिससे प्रदेश की जनता को किसी पर निर्भर होने की जरूरत नहीं रहेगी। फिर भविष्य में चाहे कोई भी सरकार बने, लोगों को किसी के दरबार में जाने की जरूरत कदापि नहीं पड़ेगी।
सांसद दुष्यंत समर्थक युवाओं ने कार्यक्रम से बनाई दूरी
पारिवारिक विवाद के बाद कुछ समर्थक बंटे नजर जरूर आए, लेकिन यह बंटवारा आम कार्यकर्ताओं का नहीं इसका प्रभाव कुछ हद तक पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं पर जरूर दिखा। जिस तरह से ओपी चौटाला के कार्यक्रम में पार्टी कार्यालय और जनसभा के लिए युवाओं की एक अलग से फौज चलती थी वह इस पारिवारिक विवाद के बाद कम होती नजर आई।
कहा, घर में सात वोट में से एक आपका तो छह दुष्यंत के
इनेलो पार्टी कार्यालय में देर शाम जब इनेलो सुप्रीमो ने अपने पुराने साथी सुनहरा सिंह का हालचाल जाना तो उन्होंने कहा कि कुछ भी ठीक नहीं है। उनके आधे सिर में दर्द है। घर में सात वोट हैं। मेरा वोट आपको तो बाकी सभी छह वोट दुष्यंत के हैं। इसके बाद सुनहरा सिंह हालात सुधारने की बात कहकर चुप हो गए।
कहा, टूटी लाठी भी चुगल फोड़न जोगी होवे है
इनेलो सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं को हरियाणवी लहजे में उदाहरण देते हुए कहा कि अगर लाठी टूट भी जाए तो चुगल फोड़ने के काम तो फिर भी आती है। इस उदाहरण से चौटाला ने कहा कि अगर कोई छोटा-मोटा काम हो तो वह उनसे संपर्क करें। वह सत्ता में नही हैं तो क्या हुआ, कार्यकर्ताओं के काम करवाने की ताकत आज भी उनमें है।
सरकार बनवाओ, ऐसी नीति लागू करूंगा की भविष्य में कोई प्रदेशवासी नहीं रहेगा परेशान
ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि आप एक बार प्रदेश में इनेलो की सरकार बनवाने का काम करें। सत्ता में आते ही वह ऐसी योजनाओं को लागू करने का काम करेंगे जिससे प्रदेश की जनता को किसी पर निर्भर होने की जरूरत नहीं रहेगी। फिर भविष्य में चाहे कोई भी सरकार बने, लोगों को किसी के दरबार में जाने की जरूरत कदापि नहीं पड़ेगी।
सांसद दुष्यंत समर्थक युवाओं ने कार्यक्रम से बनाई दूरी
पारिवारिक विवाद के बाद कुछ समर्थक बंटे नजर जरूर आए, लेकिन यह बंटवारा आम कार्यकर्ताओं का नहीं इसका प्रभाव कुछ हद तक पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं पर जरूर दिखा। जिस तरह से ओपी चौटाला के कार्यक्रम में पार्टी कार्यालय और जनसभा के लिए युवाओं की एक अलग से फौज चलती थी वह इस पारिवारिक विवाद के बाद कम होती नजर आई।
कहा, घर में सात वोट में से एक आपका तो छह दुष्यंत के
इनेलो पार्टी कार्यालय में देर शाम जब इनेलो सुप्रीमो ने अपने पुराने साथी सुनहरा सिंह का हालचाल जाना तो उन्होंने कहा कि कुछ भी ठीक नहीं है। उनके आधे सिर में दर्द है। घर में सात वोट हैं। मेरा वोट आपको तो बाकी सभी छह वोट दुष्यंत के हैं। इसके बाद सुनहरा सिंह हालात सुधारने की बात कहकर चुप हो गए।
चुनाव को लेकर कंफ्यूज हैं सीएम, खुद के लिए ढूंढ रहे नया ठिकाना
हरियाणा के पूर्व CM चौटाला
इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने शनिवार रात को शहर के एक निजी होटल में कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली। इस दौरान उन्होंने स्वीकार किया किया कि उनके जेल जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने पार्टी को और अधिक मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल कंफ्यूज हैं। वे कभी कहते हैं कि विधानसभा व लोकसभा चुनाव एक साथ करवाए जाएंगे, कभी कहते हैं कि अलग-अलग। इससे साफ है कि सरकार डरी हुई है। मुख्यमंत्री खुद अपने लिए नया सुरक्षित चुनाव क्षेत्र ढूंढ रहे हैं। क्योंकि करनाल की जनता ने तय कर लिया है कि उनका यहां से बाहर का रास्ता दिखाएंगे ।
चौटाला ने कहा कि भाजपा की केंद्र की सरकार देश का धन 15-20 घरों तक पहुंचाने का काम कर रही है। कार्यकर्ताओं के जोश से चौटाला काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि जाने-अनजाने में गलत हाथों में देश की सत्ता आ गई है। सरकार से देश की जनता दुखी है। इनेलो-बसपा गठबंधन में लोगों को उम्मीद की किरण दिख रही है। चौटाला ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे तो 18 अक्तूबर को फिर से जेल चले जाएंगे, लेकिन उन्हें चुनाव की तैयारी करनी है। उन्होंने कहा कि जींद के लोग अपनी राजनीतिक पहचान को बनाए रखेंगे। इस मौके पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक आरोड़ा, विधायक परमेंद्र ढुल, जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भुलाने होंगे मतभेद
पारिवारिक विवाद के चलते चर्चा में रही इनेलो की मीटिंग में पार्टी सुप्रीमो ने कहा कि परिस्थितियों का मुकाबला करने के लिए छोटे-मोटे मतभेद भुलाने होंगे। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जींद इनेलो का मजबूत गढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले लोकसभा व विधानसभा चुनाव के अलावा उपचुनाव में भी इनेलो को जिताएं।
उपचुनाव के लिए माहौल गर्म कर गए चौटाला
इस दौरान चौटाला ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे उपचुनाव के लिए जो भी उम्मीदवार तय करेंगे, वहीं अंतिम होगा। उन्होंने कहा कि जींद के लोगों ने डॉ. हरिचंद मिढा को खोया है। वे विधायक रहते जनता के सुख-दुख में हमेशा शामिल रहे। ऐसे में जो भी उम्मीदवार तय करें, वह ऐसा हो जो डॉ. मिढा की याद दिलवाता रहे। उन्होंने आह्वान किया कि मिढा के रूप में ऐसा प्रतिनिधि लाना, जो चुनाव जीत सके।
भाजपा के लोग चार विधानसभा भी नहीं गिनवा सकते
चौटाला ने कहा कि भाजपा के राज से समाज का हर वर्ग दुखी है। खुद मुख्यमंत्री अपने लिए सुरक्षित क्षेत्र तलाश रहे हैं। ऐसे में हालत यह है कि भाजपा के लोग 90 में से ऐसे चार विधानसभा क्षेत्र भी नहीं गिनवा सकते, जो वे जीत सकें।
चौटाला ने कहा कि भाजपा की केंद्र की सरकार देश का धन 15-20 घरों तक पहुंचाने का काम कर रही है। कार्यकर्ताओं के जोश से चौटाला काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि जाने-अनजाने में गलत हाथों में देश की सत्ता आ गई है। सरकार से देश की जनता दुखी है। इनेलो-बसपा गठबंधन में लोगों को उम्मीद की किरण दिख रही है। चौटाला ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे तो 18 अक्तूबर को फिर से जेल चले जाएंगे, लेकिन उन्हें चुनाव की तैयारी करनी है। उन्होंने कहा कि जींद के लोग अपनी राजनीतिक पहचान को बनाए रखेंगे। इस मौके पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक आरोड़ा, विधायक परमेंद्र ढुल, जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भुलाने होंगे मतभेद
पारिवारिक विवाद के चलते चर्चा में रही इनेलो की मीटिंग में पार्टी सुप्रीमो ने कहा कि परिस्थितियों का मुकाबला करने के लिए छोटे-मोटे मतभेद भुलाने होंगे। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जींद इनेलो का मजबूत गढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले लोकसभा व विधानसभा चुनाव के अलावा उपचुनाव में भी इनेलो को जिताएं।
उपचुनाव के लिए माहौल गर्म कर गए चौटाला
इस दौरान चौटाला ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे उपचुनाव के लिए जो भी उम्मीदवार तय करेंगे, वहीं अंतिम होगा। उन्होंने कहा कि जींद के लोगों ने डॉ. हरिचंद मिढा को खोया है। वे विधायक रहते जनता के सुख-दुख में हमेशा शामिल रहे। ऐसे में जो भी उम्मीदवार तय करें, वह ऐसा हो जो डॉ. मिढा की याद दिलवाता रहे। उन्होंने आह्वान किया कि मिढा के रूप में ऐसा प्रतिनिधि लाना, जो चुनाव जीत सके।
भाजपा के लोग चार विधानसभा भी नहीं गिनवा सकते
चौटाला ने कहा कि भाजपा के राज से समाज का हर वर्ग दुखी है। खुद मुख्यमंत्री अपने लिए सुरक्षित क्षेत्र तलाश रहे हैं। ऐसे में हालत यह है कि भाजपा के लोग 90 में से ऐसे चार विधानसभा क्षेत्र भी नहीं गिनवा सकते, जो वे जीत सकें।