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सोनीपत में सीएम पिता-पुत्र की प्रतिष्ठा दांव पर
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 Apr 2014 03:21 PM IST
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा की प्रतिष्ठा सोनीपत लोकसभा सीट में दांव पर है। रोहतक लोकसभा सीट से ज्यादा दोनों पिता-पुत्र ने सोनीपत पर ज्यादा जोर दिया है। इस सीट पर भाजपा के रमेश कौशिक, इनेलो के पदम दहिया और कांग्रेस के जगबीर मलिक तिकोने मुकाबले में हो गए हैं। इसलिए आराम कर रहे दीपेंद्र हुड्डा ने वर्करों को बुलाकर चुनाव जीतने के कहना शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने पूर्व राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह को अपने भतीजे मोनू के साथ सोनीपत में लगा दिया है। सांसद जितेंद्र मलिक ने भी सीएम के कहने पर जगबीर मलिक के साथ चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। सीएम एक बार पहले रथ यात्रा सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में निकाल चुके हैं। अब बुधवार को दोबारा रथ यात्रा के जरिए रोड शो निकालेंगे।
मुख्यमंत्री ने सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के गोहाना विधानसभा क्षेत्र में 10 नवंबर, 2013 को रैली कर 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा की घोषणाएं की थी। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने एक प्रकार से सोनीपत लोकसभा क्षेत्र को भी रोहतक की तर्ज पर विकसित करने में कोर कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री की ससुराल भी सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में हैं। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक सीएम पिता-पुत्र ने इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है।
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मुख्यमंत्री ने अपने पूर्व राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह को अपने भतीजे मोनू के साथ सोनीपत में लगा दिया है। सांसद जितेंद्र मलिक ने भी सीएम के कहने पर जगबीर मलिक के साथ चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। सीएम एक बार पहले रथ यात्रा सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में निकाल चुके हैं। अब बुधवार को दोबारा रथ यात्रा के जरिए रोड शो निकालेंगे।
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मुख्यमंत्री ने सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के गोहाना विधानसभा क्षेत्र में 10 नवंबर, 2013 को रैली कर 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा की घोषणाएं की थी। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने एक प्रकार से सोनीपत लोकसभा क्षेत्र को भी रोहतक की तर्ज पर विकसित करने में कोर कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री की ससुराल भी सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में हैं। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक सीएम पिता-पुत्र ने इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है।
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सबसे ज्यादा मलिक और दहिया वोटर्स
दरअसल, भाजपा ने भी पुराने कांग्रेसी रमेश कौशिक को सोनीपत से चुनाव मैदान में खड़ा किया है। उन्हें ब्राह्मणों समेत गैर जाट वोटरों का सहारा है। पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी भी गोहाना में रैली कर रमेश कौशिक को जिताने का आह्वान कर गए हैं।
इनेलो के उम्मीदवार पदम दहिया जमीनी नेता हैं। तीन विधानसभा क्षेत्रों से इनेलो के तीन विधायक हैं। सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के कुल 14,17,188 मतदाताओं में सबसे ज्यादा पौने पांच लाख जाट वोटर हैं। इनमें मलिक और दहिया खापों के सबस ज्यादा वोट हैं।
सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में महिला यूनिवर्सिटी, सोनीपत के राई में राजीव गांधी एजूकेशन सिटी, गन्नौर में अंतरराष्ट्रीय फल-सब्जी मंडी, गोहाना में रेल कोच फैक्ट्री मंजूर करवाने जैसे कई काम करने के बावजूद कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सीएम समेत सारे कांग्रेसी जुट गए हैं।
जाटों के अलावा करीब साढ़े साथ लाख गैर जाट, पिछड़े और अनुसूचित जाति के वोटरों का ध्रुवीकरण किसी उम्मीदवार की जीत-हार का कारण बन सकता है।
इनेलो के उम्मीदवार पदम दहिया जमीनी नेता हैं। तीन विधानसभा क्षेत्रों से इनेलो के तीन विधायक हैं। सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के कुल 14,17,188 मतदाताओं में सबसे ज्यादा पौने पांच लाख जाट वोटर हैं। इनमें मलिक और दहिया खापों के सबस ज्यादा वोट हैं।
सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में महिला यूनिवर्सिटी, सोनीपत के राई में राजीव गांधी एजूकेशन सिटी, गन्नौर में अंतरराष्ट्रीय फल-सब्जी मंडी, गोहाना में रेल कोच फैक्ट्री मंजूर करवाने जैसे कई काम करने के बावजूद कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सीएम समेत सारे कांग्रेसी जुट गए हैं।
जाटों के अलावा करीब साढ़े साथ लाख गैर जाट, पिछड़े और अनुसूचित जाति के वोटरों का ध्रुवीकरण किसी उम्मीदवार की जीत-हार का कारण बन सकता है।
कुछ अन्य समीकरण भी हैं महत्वपूर्ण
चौधर का नारा चलने लगा
जाट बाहुल्य सोनीपत सीट पर अब चौधर का नारा चलने लगा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ रोहतक और सोनीपत क्षेत्र जुड़ा मानते हैं। अब नारा चलने लगा है कि चौधर सोनीपत में रखनी है। यह नारा 2012 में तब भी राई के विधायक जयतीर्थ दहिया ने लगाया था जब राजीव गांधी एजूकेशन सिटी का उद्घाटन था। चौधर रखने का मतलब है मुख्यमंत्री अपने क्षेत्र में रखना।
कांग्रेस हर बार बदल देती है उम्मीदवार
कांग्रेस के साथ दिक्कत है कि हर लोकसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बदल देती है। 2009 में जितेंद्र मलिक को टिकट दिया था तो 2014 में जगबीर मलिक को टिकट दे दिया। 2004 में धर्मपाल मलिक को उम्मीदवार बनाया था तो 1999 में चिरंजी लाल शर्मा को मैदान में उतार दिया था। 1998 में बलबीर सिंह को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया तो 1996 में धर्मपाल मलिक को टिकट दे दिया था। इनेलो और भाजपा जब गठबंधन में चुनाव लड़ते थे तो सोनीपत सीट भाजपा के खाते में जाती थी। इसलिए इनेलो का वोट बैंक टूटता-जुड़ता रहता है।
जाट बाहुल्य सोनीपत सीट पर अब चौधर का नारा चलने लगा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ रोहतक और सोनीपत क्षेत्र जुड़ा मानते हैं। अब नारा चलने लगा है कि चौधर सोनीपत में रखनी है। यह नारा 2012 में तब भी राई के विधायक जयतीर्थ दहिया ने लगाया था जब राजीव गांधी एजूकेशन सिटी का उद्घाटन था। चौधर रखने का मतलब है मुख्यमंत्री अपने क्षेत्र में रखना।
कांग्रेस हर बार बदल देती है उम्मीदवार
कांग्रेस के साथ दिक्कत है कि हर लोकसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बदल देती है। 2009 में जितेंद्र मलिक को टिकट दिया था तो 2014 में जगबीर मलिक को टिकट दे दिया। 2004 में धर्मपाल मलिक को उम्मीदवार बनाया था तो 1999 में चिरंजी लाल शर्मा को मैदान में उतार दिया था। 1998 में बलबीर सिंह को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया तो 1996 में धर्मपाल मलिक को टिकट दे दिया था। इनेलो और भाजपा जब गठबंधन में चुनाव लड़ते थे तो सोनीपत सीट भाजपा के खाते में जाती थी। इसलिए इनेलो का वोट बैंक टूटता-जुड़ता रहता है।
सोनीपत लोकसभा के पुराने परिणाम
2009
जितेंद्र मलिक-----------कांग्रेस--------------47.57
किशन सिंह सांगवान----भाजपा+इनेलो--------24.92
देवराज दीवान-----------बसपा------------15.84
उमेश शर्मा-------------हजकां--------------5.95
2004
किशन सिंह सांगवान------भाजपा------------31.67
धर्मपाल मलिक----------कांग्रेस------------30.65
कृष्णा मलिक-----------इनेलो-------------26.98
सुगन गुप्ता--------------बसपा-------------5.04
1999
किशन सिंह सांगवान------भाजपा+इनेलो-------69.83
चिरंजी लाल-------------कांग्रेस--------------29.17
1998
किशन सिंह सांगवान----एचएलडी+बसपा-------41.94
अभय राम दहिया-------हविपा+भाजपा---------22.10
अरविंद कुमार----------एसएचएस-----------20.79
बलबीर----------------कांग्रेस--------------11.89
जितेंद्र मलिक-----------कांग्रेस--------------47.57
किशन सिंह सांगवान----भाजपा+इनेलो--------24.92
देवराज दीवान-----------बसपा------------15.84
उमेश शर्मा-------------हजकां--------------5.95
2004
किशन सिंह सांगवान------भाजपा------------31.67
धर्मपाल मलिक----------कांग्रेस------------30.65
कृष्णा मलिक-----------इनेलो-------------26.98
सुगन गुप्ता--------------बसपा-------------5.04
1999
किशन सिंह सांगवान------भाजपा+इनेलो-------69.83
चिरंजी लाल-------------कांग्रेस--------------29.17
1998
किशन सिंह सांगवान----एचएलडी+बसपा-------41.94
अभय राम दहिया-------हविपा+भाजपा---------22.10
अरविंद कुमार----------एसएचएस-----------20.79
बलबीर----------------कांग्रेस--------------11.89
सोनीपत लोकसभा के पुराने चुनाव परिणाम
1996
अरविंद शर्मा------------निर्दलीय------------33.07
रिजक राम-------------एसएपी-------------26.00
अभय राम दहिया------हविपा+भाजपा---------21.61
धर्मपाल मलिक----------कांग्रेस ------------8.23
1991
धर्मपाल मलिक-----------कांग्रेस-----------42.08
कपिल देव--------------जेपी--------------34.46
राजेंद्र----------------जनता दल-----------12.58
धर्मवीर----------------भाजपा----------------5.06
1989
कपिल देव----------जनता दल+बसपा--------64.21
धर्मपाल मलिक----------कांग्रेस-------------39.21
अरविंद शर्मा------------निर्दलीय------------33.07
रिजक राम-------------एसएपी-------------26.00
अभय राम दहिया------हविपा+भाजपा---------21.61
धर्मपाल मलिक----------कांग्रेस ------------8.23
1991
धर्मपाल मलिक-----------कांग्रेस-----------42.08
कपिल देव--------------जेपी--------------34.46
राजेंद्र----------------जनता दल-----------12.58
धर्मवीर----------------भाजपा----------------5.06
1989
कपिल देव----------जनता दल+बसपा--------64.21
धर्मपाल मलिक----------कांग्रेस-------------39.21
वोटरों का जातिगत समीकरण
जाट----------------4,75,000
ब्राह्मण-------------1,44,000
अनुसूचित जाति बी----1,20,000
धानक--------------59,000
अरोड़ा/पंजाबी-------80,000
वाल्मीकि-----------66,000
वैश्य---------------56,000
सैनी----------------51,000
झींवर----------------35,000
कुम्हार----------------30,000
अन्य बीसी------------28,000
खाती----------------26,000
राजपूत----------------24,000
ब्राह्मण-------------1,44,000
अनुसूचित जाति बी----1,20,000
धानक--------------59,000
अरोड़ा/पंजाबी-------80,000
वाल्मीकि-----------66,000
वैश्य---------------56,000
सैनी----------------51,000
झींवर----------------35,000
कुम्हार----------------30,000
अन्य बीसी------------28,000
खाती----------------26,000
राजपूत----------------24,000
ये जातियां भी हैं सोनीपत में
नाई-------------------24,000
बैरागी----------------22,000
लुहार----------------22,000
सिख/जट सिख--------15,000
मुस्लिम--------------13,000
त्यागी---------------11,000
अन्य अनुसूचित जाति--10,000
दर्जी----------------9,000
अहीर--------------8,800
रोड---------------9,000
अन्य जनरल--------6,000
सुनार--------------5,000
बैरागी----------------22,000
लुहार----------------22,000
सिख/जट सिख--------15,000
मुस्लिम--------------13,000
त्यागी---------------11,000
अन्य अनुसूचित जाति--10,000
दर्जी----------------9,000
अहीर--------------8,800
रोड---------------9,000
अन्य जनरल--------6,000
सुनार--------------5,000