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35 साल का रोजगार 35 दिन में बर्बाद, जानिए कैसे?

Wed, 02 Apr 2014 11:23 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 02 Apr 2014 11:23 AM IST
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Loksabha Election 2014, BJP, Congress, Election Issue
हमसे तो अच्छे, प्लाजा में भीख मांगने वाले हैं बाबू जी...। जल्द ही हमारी नौबत भी भीख मांगने वाली हो जाएगी। 35 साल से हम लोग प्लाजा में बड़े-बड़े साहबों की जूतों को ठीक कर रहे थे, लेकिन समय ऐसा बदला कि सारा कारोबार 35 दिन में बरबाद हो गया।
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इतना कहते ही शंकर रुकते हैं और उदास होकर बताते हैं कि वे पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से सेक्टर 17 प्लाजा के नीलम सिनेमा के पास बरामदा में मोची का काम कर रहे हैं। करीब 35 दिन पहले से पुलिस ने उन्हें यहां से खदेड़ना शुरू कर दिया है। इससे उनके परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्लाजा में शंकर के अलावा करीब 35 मोची और भी थे। उनके परिवार की स्थिति भी शंकर जैसी है।
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इसलिए खदेड़ा गया
फरवरी में प्लाजा में गुड़गांव के कमिश्नर प्रवीण कुमार का एक फड़ी वाले से विवाद हो गया था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और फड़ी वालों के साथ ही बूट पालिश करने वाले 35 मोची भी खदेड़ दिया।
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बच्चों की छूटी पढ़ाई

बूट पालिश करने वाले व सेक्टर-38 वेस्ट के निवासी राजेश कुमार ने बताया कि पहले वह प्रतिदिन 500 से 700 रुपये कमा लेते थे, लेकिन अब मुश्किल से 50 से 60 रुपये ही कमा पाते हैं। उन्होंने बताया कि तंगी के चलते दोनाें लड़कियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।

वहीं, शंकर का कहना है कि उन्होंने एक समय का खाना खाना बंद कर दिया है। राजेंद्र का कहना है कि वह 35 साल से यहां पर ही कारोबार करते हैं। जोगिंद्र का कहना है कि भिखारी हमारे से ज्यादा पैसे कमा लेते हैं।

जज व प्रशासनिक अधिकारी आते हैं पालिश करवाने
 मोचियों ने बताया कि उनके पास कई ग्राहक ऐसे हैं जो 20 साल से रेगुलर आ रहे है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों के अलावा अदालतों के जज भी उनके पास अपने जूते पालिश करवाने के लिए आते थे, लेकिन अब वह अधिकारी भी उनकी मदद नहीं कर पा रहे हैं।

पहले हमे जिताओ फिर काम करेंगे...
मोचियों ने बताया कि वे सैंसी बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। वह कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के पास भी मदद करने के लिए गए थे, लेकिन उन्होंने मदद करने की बजाय कहा कि पहले वह उन्हें लोकसभा चुनाव जिताने के लिए मदद करें। इसके बाद मदद करेंगे। मोचियों ने बताया इस बार वह आम आदमी पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे।

सैंसी बिरादरी के है 30 हजार वोट
शहर में सैंसी बिरादरी के 30 हजार से ज्यादा वोट हैं जो छोटा मोटा काम करके ही गुजारा करते हैं। लेकिन, राजनीतिक दलों के नेताओं को इनकी याद सिर्फ चुनाव के समय ही आती है। हर बार अधिकतर वोट कांग्रेस अपने पक्ष में ले जाने में कामयाब रहती है। सैंसी नेता गुरदेव सिंह का कहना है कि उनकी बिरादरी के लिए कभी किसी पार्टी के नेताओं ने कुछ नहीं किया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने सभी फड़ी वालों को बूथ अलाट किए हैं, लेकिन सेक्टर-17 में फड़ी लगाने वालों को बूथ अलाट नहीं किए गए है।

क्या कहना है जिम्मेदार लोगों का
सेक्टर-17 पुलिस थाना प्रभारी दिलशेर चंदेल का कहना है कि हाईकोर्ट की ओर से सख्त आदेश है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण न हो। इसलिए कार्रवाई की गई। इसलिए पुलिस भी कार्रवाई करने के लिए मजबूर है।

क्या कहना है नेताओं का
कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल का कहना है कि यूपीए सरकार ने फड़ी वालों लाइसेंस देकर काम करने का अधिकार देने का प्रस्ताव पास किया हुआ है। चुनाव के बाद शहर के ऐसे फड़ी वालों को भी लाइसेंस देने का प्रावाधान शुरू किया जाएगा। पूरे शहर में फड़ी वालों का सर्वे हो चुका है।


हरमोहन धवन का तर्क........

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता हरमोहन धवन का कहना है कि पिछले 15 साल से शहर के सांसद पवन बंसल ने गरीब लोगों के साथ सिर्फ मजाक किया है। उन्होंने ने ही साल 1989 में फड़ी वालों के लाइसेंस बनवाए थे, जिन्हें बाद में बूथ मिले। उन्होंने बताया कि भाजपा के चुनाव जीतने के बाद शहर में अतिक्रमण की दिक्कत दूर करने के साथ-साथ ऐसे फड़ी वालों के फिर से लाइसेंस बनवाने का प्रावाधान शुरू किया जाएगा।
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