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Haryana: प्रॉपर्टी आईडी सर्वे घोटाला में लोकायुक्त सख्त, जांच रिपोर्ट न देने पर निकाय अधिकारियों को फटकारा

Thu, 11 Jan 2024 08:14 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 11 Jan 2024 08:14 PM IST
सार

आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा को गत वर्ष 19 जुलाई को निकाय मंत्री कमल गुप्ता, 12 आईएएस सहित शहरी निकाय विभाग के 88 अधिकारियों के खिलाफ शिकायत देकर याशी कंपनी के प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में घोटाले के गंभीर आरोप लगाए थे।

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Lokayukta reprimands civic officials for not submitting investigation report in property ID survey scam
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

याशी कंपनी के प्रॉपर्टी आईडी सर्वे घोटाले में तय समय पर जांच रिपोर्ट पेश नहीं करने पर लोकायुक्त जस्टिस हरी पाल वर्मा ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही चेतावनी दी कि अगर आगामी 15 दिन में जांच रिपोर्ट नहीं दी तो एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 29 जनवरी रखी गई है।

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मामले में पिछली सुनवाई पर एसीबी ने लोकायुक्त को दी अपनी प्राथमिक जांच में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में फर्जीवाड़े के आरोपों को प्रथम दृष्ट्या सही पाते हुए विस्तृत जांच करने की जरूरत बताई थी। इस पर लोकायुक्त ने शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव से 11 जनवरी तक जांच रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन गुरुवार को सुनवाई के दौरान शहरी निकाय विभाग के अधिकारी रिपोर्ट पेश नहीं कर सके। लोकायुक्त ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है।

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पानीपत के आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा को गत वर्ष 19 जुलाई को निकाय मंत्री कमल गुप्ता, 12 आईएएस सहित शहरी निकाय विभाग के 88 अधिकारियों के खिलाफ शिकायत देकर याशी कंपनी के प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में घोटाले के गंभीर आरोप लगाए थे।

लोकायुक्त का नोटिस मिलते ही सरकार ने याशी कंपनी को ब्लैक लिस्ट करते हुए 8 करोड़ रुपये की बकाया पेमेंट रोक दी थी व लाखों रुपये की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी जब्त कर ली थी। आरोप है कि प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे बोगस होने के बावजूद अधिकारियों ने 58 करोड़ रुपये की पेमेंट कंपनी को कर दी। लोकायुक्त इसी मामले की सुनवाई कर रहे हैं।

प्राथमिक के बाद एसीबी कर रहा विस्तृत जांच की मांग

लोकायुक्त के आदेश पर की गई अपनी प्राथमिक जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (मुख्यालय) के डीएसपी शुक्रपाल ने पीपी कपूर के आरोपों को सही पाते हुए घोटाले के पूरे खुलासे के लिए विस्तृत खुली जांच की जरूरत बताई है। बताया कि मामले में फर्जीवाड़े की जांच पूरे रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिए बगैर और संबंधित अधिकारियों के बयान लिए बगैर संभव नहीं है।

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