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लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा के रण में उतरे धुरंधर खुद को ही नहीं डाल पाएंगे वोट, पर कांटे की टक्कर
Fri, 10 May 2019 11:39 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 10 May 2019 11:39 AM IST
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Bhupinder Singh Hooda
- फोटो : File Photo
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हरियाणा के चुनावी दंगल में ताल ठोक रहे धुरंधर जीत के लिए जहां जनता के वोट पाने को गली-गली छान रहे हैं, वहीं आधा दर्जन से अधिक नेता ऐसे हैं, जिनके काम खुद का ही वोट नहीं आएगा। जो धुरंधर खुद को वोट नहीं डाल पाएंगे, उनमें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सांसद अरविंद शर्मा, राज्य मंत्री नायब सैणी, पूर्व स्पीकर व विधायक कुलदीप शर्मा, पूर्व मंत्री निर्मल सिंह, दिग्विजय चौटाला, अर्जुन चौटाला व नवीन जयहिंद शामिल हैं।
कांग्रेस, भाजपा, इनेलो, जजपा और आप के ये आठों नेता अपनी परंपरागत सीटों को छोड़कर दूसरी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं। इन्हें पार्टी ने टिकट भी ऐसे मौके पर दूसरी सीट से दिया तब तक वोट बनवाने का समय भी बीत चुका था। नहीं तो हो सकता है अपनी मूल सीट से वोट कटवाकर ये चुनाव लड़ने वाली सीट पर वोट बनवा लेते। पूर्व सीएम हुड्डा का वोट रोहतक जिले के गढ़ी-सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र में हैं। यह उनकी विधानसभा सीट भी है।
वह अभी तक लोकसभा व विधानसभा का चुनाव रोहतक संसदीय क्षेत्र से ही लड़ते रहे, इसलिए दोनों चुनावों में खुद को अपना वोट डालते आ रहे थे। अबकी बार कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें रोहतक के बजाए जाटलैंड सोनीपत से चुनावी रण में उतार दिया। जब हुड्डा को टिकट मिली तो नामांकन करने में दो दिन बचे थे और वोट बनवाने का समय निकल चुका था। ऐसे में पूर्व सीएम खुद को अपना वोट नहीं डाल पाएंगे।
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कांग्रेस, भाजपा, इनेलो, जजपा और आप के ये आठों नेता अपनी परंपरागत सीटों को छोड़कर दूसरी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं। इन्हें पार्टी ने टिकट भी ऐसे मौके पर दूसरी सीट से दिया तब तक वोट बनवाने का समय भी बीत चुका था। नहीं तो हो सकता है अपनी मूल सीट से वोट कटवाकर ये चुनाव लड़ने वाली सीट पर वोट बनवा लेते। पूर्व सीएम हुड्डा का वोट रोहतक जिले के गढ़ी-सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र में हैं। यह उनकी विधानसभा सीट भी है।
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वह अभी तक लोकसभा व विधानसभा का चुनाव रोहतक संसदीय क्षेत्र से ही लड़ते रहे, इसलिए दोनों चुनावों में खुद को अपना वोट डालते आ रहे थे। अबकी बार कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें रोहतक के बजाए जाटलैंड सोनीपत से चुनावी रण में उतार दिया। जब हुड्डा को टिकट मिली तो नामांकन करने में दो दिन बचे थे और वोट बनवाने का समय निकल चुका था। ऐसे में पूर्व सीएम खुद को अपना वोट नहीं डाल पाएंगे।
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पूर्व स्पीकर व गन्नौर से कांग्रेस विधायक कुलदीप करनाल लोकसभा सीट से मैदान में हैं। उनकी विधानसभा सीट सोनीपत संसदीय क्षेत्र में पड़ती है। उन्हें भी अंतिम समय में पार्टी ने टिकट थमाया। ऐसे में कुलदीप के काम भी खुद का वोट नहीं आएगा। राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र संसदीय सीट से चुनाव मैदान में हैं। वह नारायणगढ़ विधानसभा से विधायक हैं, उनका हलका अंबाला लोकसभा क्षेत्र में आता है। उन्हें पार्टी ने कुरुक्षेत्र से उतार दिया है।
पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा रोहतक से चुनाव लड़ रहे हैं, उनका अपना वोट भी यहां नहीं है। वह पहले करनाल से दो बार और सोनीपत से एक बार सांसद रह चुके हैं। वह करनाल से ही टिकट चाह रहे थे, लेकिन पार्टी ने रोहतक से अंतिम समय में टिकट थमाई। अरविंद भी खुद को अपना वोट नहीं डाल पाएंगे। पूर्व मंत्री निर्मल सिंह कुरुक्षेत्र से कांग्रेस टिकट पर मैदान में हैं। मूल रूप से वह अंबाला सिटी के रहने वाले हैं, यहीं से वह विधानसभा चुनाव भी लड़ते हैं।
पार्टी ने उन्हें कुरुक्षेत्र से अंतिम समय में टिकट थमाया, ऐसे में निर्मल का वोट भी उनके काम नहीं आएगा। दिग्विजय चौटाला सोनीपत से चुनाव लड़ रहे हैं, यहां उनका भी वोट नहीं है। यह उनका पहला चुनाव है। अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला कुरुक्षेत्र से चुनावी दंगल में उतरे हैं। उनका वोट भी यहां नहीं है। पहले लोकसभा चुनाव में ही अर्जुन खुद को अपना वोट नहीं दे सकेंगे। नवीन जयहिंद रोहतक को छोड़कर फरीदाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं। जयहिंद अभी तक रोहतक से ही राजनीति करते रहे। नवीन का वोट भी फरीदाबाद में नहीं है।
पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा रोहतक से चुनाव लड़ रहे हैं, उनका अपना वोट भी यहां नहीं है। वह पहले करनाल से दो बार और सोनीपत से एक बार सांसद रह चुके हैं। वह करनाल से ही टिकट चाह रहे थे, लेकिन पार्टी ने रोहतक से अंतिम समय में टिकट थमाई। अरविंद भी खुद को अपना वोट नहीं डाल पाएंगे। पूर्व मंत्री निर्मल सिंह कुरुक्षेत्र से कांग्रेस टिकट पर मैदान में हैं। मूल रूप से वह अंबाला सिटी के रहने वाले हैं, यहीं से वह विधानसभा चुनाव भी लड़ते हैं।
पार्टी ने उन्हें कुरुक्षेत्र से अंतिम समय में टिकट थमाया, ऐसे में निर्मल का वोट भी उनके काम नहीं आएगा। दिग्विजय चौटाला सोनीपत से चुनाव लड़ रहे हैं, यहां उनका भी वोट नहीं है। यह उनका पहला चुनाव है। अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला कुरुक्षेत्र से चुनावी दंगल में उतरे हैं। उनका वोट भी यहां नहीं है। पहले लोकसभा चुनाव में ही अर्जुन खुद को अपना वोट नहीं दे सकेंगे। नवीन जयहिंद रोहतक को छोड़कर फरीदाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं। जयहिंद अभी तक रोहतक से ही राजनीति करते रहे। नवीन का वोट भी फरीदाबाद में नहीं है।