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#VoterKaro: लोकसभा चुनाव तय करेंगे कांग्रेस के पांच, भाजपा के चार विधायकों का सियासी भविष्य
Fri, 19 Apr 2019 02:08 PM IST
खुशबू गोयल
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 19 Apr 2019 02:08 PM IST
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लोकसभा चुनाव 2019 में हरियाणा प्रदेश की सबसे हॉट सीट रोहतक का चुनाव परिणाम कांग्रेस के पांच और भाजपा के चार विधायकों का सियासी भविष्य तय करेगा। इनमें निवर्तमान सांसद दीपेंद्र हुड्डा, भाजपा के नए चेहरे अरविंद शर्मा, जजपा के युवा तुर्क प्रदीप देसवाल व बसपा के किशनलाल पांचाल शामिल हैं। वहीं भाजपा के प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व मनीष ग्रोवर की भी राह तय होगी। विक्रम ठेकेदार और बहादुरगढ़ से विधायक नरेश कौशिक पर भी जीत दोहराने की चुनौती रहेगी।
कांग्रेस, भाजपा, जजपा व बसपा के प्रत्याशी तय होने के साथ ही रोहतक लोकसभा की तस्वीर कुछ साफ होने लगी है। साफ संकेत मिल रहे हैं कि चुनाव जाट व गैर जाट के गणित पर आगे बढ़ाया जा रहा है। चाहे राजनीतिक दल मुद्दों की बात करें, लेकिन अंदरखाते एक-दूसरे की गोलबंदी व सियासी रणनीति इसी फार्मूले के तहत तैयार हो रही है। फरवरी 2016 के दंगों के बाद पहली बार हो रहे आम चुनाव में भाजपा के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ पर बादली हलके व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पर रोहतक शहर से पार्टी प्रत्याशी अरविंद शर्मा को जिताने की चुनौती है।
साथ ही कोसली व बहादुरगढ़ में जीत को दोहराने की चुनौती रहेगी। इतना ही नहीं, रोहतक मुख्यमंत्री मनोहर लाल व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का गृह जिला भी है। ऐसे में रोहतक में अगर हुड्डा परिवार लगातार चौथी बार जीतने में कामयाब रहा तो यह अरविंद शर्मा नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार की हार मानी जाएगी।
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कांग्रेस के हुड्डा गुट की चौधर की भी परीक्षा
रोहतक लोकसभा क्षेत्र में नौ हलके हैं। रोहतक शहर, बादली, बहादुरगढ़ व कोसली में जहां भाजपा विधायक हैं, जबकि गढ़ी सांपला-किलोई से खुद कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कलानौर से शकुंतला खटक, झज्जर से गीता भुक्कल व बेरी से रघुबीर सिंह कादयान की चौधर की परीक्षा है। साथ ही रोहतक से पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा पर भी दीपेंद्र हुड्डा को जिताने का दबाव है।
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कांग्रेस, भाजपा, जजपा व बसपा के प्रत्याशी तय होने के साथ ही रोहतक लोकसभा की तस्वीर कुछ साफ होने लगी है। साफ संकेत मिल रहे हैं कि चुनाव जाट व गैर जाट के गणित पर आगे बढ़ाया जा रहा है। चाहे राजनीतिक दल मुद्दों की बात करें, लेकिन अंदरखाते एक-दूसरे की गोलबंदी व सियासी रणनीति इसी फार्मूले के तहत तैयार हो रही है। फरवरी 2016 के दंगों के बाद पहली बार हो रहे आम चुनाव में भाजपा के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ पर बादली हलके व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पर रोहतक शहर से पार्टी प्रत्याशी अरविंद शर्मा को जिताने की चुनौती है।
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साथ ही कोसली व बहादुरगढ़ में जीत को दोहराने की चुनौती रहेगी। इतना ही नहीं, रोहतक मुख्यमंत्री मनोहर लाल व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का गृह जिला भी है। ऐसे में रोहतक में अगर हुड्डा परिवार लगातार चौथी बार जीतने में कामयाब रहा तो यह अरविंद शर्मा नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार की हार मानी जाएगी।
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कांग्रेस के हुड्डा गुट की चौधर की भी परीक्षा
रोहतक लोकसभा क्षेत्र में नौ हलके हैं। रोहतक शहर, बादली, बहादुरगढ़ व कोसली में जहां भाजपा विधायक हैं, जबकि गढ़ी सांपला-किलोई से खुद कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कलानौर से शकुंतला खटक, झज्जर से गीता भुक्कल व बेरी से रघुबीर सिंह कादयान की चौधर की परीक्षा है। साथ ही रोहतक से पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा पर भी दीपेंद्र हुड्डा को जिताने का दबाव है।